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शहर में सर्किल रेट से नहीं बढ़ेगा गृहकर
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शहर में सर्किल रेट से नहीं बढ़ेगा गृहकर
गाजियाबाद। शहर में डीएम सर्किल रेट के आधार पर कॉलोनियों में गृहकर नहीं बढ़ाया जाएगा। नगर निगम बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह की ओर से प्रस्ताव पेश किया गया तो हंगामा खड़ा हो गया। पूरे विपक्ष समेत सत्ता पक्ष भाजपा के भी कई पार्षदों ने इसका समर्थन किया, लेकिन भाजपा के ही अन्य पार्षदों ने बहुमत से इसका विरोध किया। करीब एक घंटे चले मंथन के दौरान दो साल से पहले गृहकर में बढ़ोतरी न करने का नियम बताकर सदन ने इस प्रस्ताव को लौटा (रिवर्ट बैक) दिया। सदन का कहना है कि अप्रैल 2023 से पहले गृहकर में बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। कॉलोनियों को डीएम सर्किल रेट के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर उन पर टैक्स की दरें तय कर नगर निगम के कर विभाग की ओर से प्रस्ताव पेश किया गया था। पहले कार्यकारिणी समिति फिर बजट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा करने से पार्षदों ने इनकार कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई। विपक्ष के पार्षद आसिफ चौधरी, नरेश जाटव, जाकिर सैफी और भाजपा पार्षद सुनील यादव ने इस प्रस्ताव का समर्थन कर टैक्स की दरों में संशोधन की बात कही। दूसरी तरफ भाजपा के अन्य पार्षद हिमांशु लव, हिमांशु मित्तल, राजीव शर्मा और राजेंद्र त्यागी ने इसका जबरदस्त विरोध किया। राजेंद्र त्यागी ने कहा कि लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में भी गृहकर का निर्धारण सर्किल रेट पर नहीं किया गया है, फिर गाजियाबाद में क्यों। उन्होंने कहा कि मथुरा, वृंदावन नगर निगम में 2018 में सर्किल रेट पर गृहकर का निर्धारण कर दिया गया था, तीन साल बाद निगम अधिकारियों को इसे घटाना पड़ा। इस पर भाजपा के अन्य पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया और ध्वनिमत से यह प्रस्ताव वापस कर दिया गया।
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गाजियाबाद। शहर में डीएम सर्किल रेट के आधार पर कॉलोनियों में गृहकर नहीं बढ़ाया जाएगा। नगर निगम बोर्ड बैठक में नगर आयुक्त महेंद्र सिंह की ओर से प्रस्ताव पेश किया गया तो हंगामा खड़ा हो गया। पूरे विपक्ष समेत सत्ता पक्ष भाजपा के भी कई पार्षदों ने इसका समर्थन किया, लेकिन भाजपा के ही अन्य पार्षदों ने बहुमत से इसका विरोध किया। करीब एक घंटे चले मंथन के दौरान दो साल से पहले गृहकर में बढ़ोतरी न करने का नियम बताकर सदन ने इस प्रस्ताव को लौटा (रिवर्ट बैक) दिया। सदन का कहना है कि अप्रैल 2023 से पहले गृहकर में बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। कॉलोनियों को डीएम सर्किल रेट के आधार पर ए, बी और सी श्रेणी में विभाजित कर उन पर टैक्स की दरें तय कर नगर निगम के कर विभाग की ओर से प्रस्ताव पेश किया गया था। पहले कार्यकारिणी समिति फिर बजट बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा करने से पार्षदों ने इनकार कर दिया था। इसके बाद मंगलवार को हुई बैठक में इस पर चर्चा हुई। विपक्ष के पार्षद आसिफ चौधरी, नरेश जाटव, जाकिर सैफी और भाजपा पार्षद सुनील यादव ने इस प्रस्ताव का समर्थन कर टैक्स की दरों में संशोधन की बात कही। दूसरी तरफ भाजपा के अन्य पार्षद हिमांशु लव, हिमांशु मित्तल, राजीव शर्मा और राजेंद्र त्यागी ने इसका जबरदस्त विरोध किया। राजेंद्र त्यागी ने कहा कि लखनऊ, मुरादाबाद, गोरखपुर जैसे बड़े शहरों में भी गृहकर का निर्धारण सर्किल रेट पर नहीं किया गया है, फिर गाजियाबाद में क्यों। उन्होंने कहा कि मथुरा, वृंदावन नगर निगम में 2018 में सर्किल रेट पर गृहकर का निर्धारण कर दिया गया था, तीन साल बाद निगम अधिकारियों को इसे घटाना पड़ा। इस पर भाजपा के अन्य पार्षदों ने भी इसका समर्थन किया और ध्वनिमत से यह प्रस्ताव वापस कर दिया गया।