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गाजियाबाद में मंकी पॉक्स: बिहार से इलाज के लिए आई पांच साल की बच्ची में दिखे लक्षण, जांच के लिए नमूना भेजा पुणे
Sat, 04 Jun 2022 10:43 AM IST
गाजियाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jun 2022 10:43 AM IST
सार
सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी ने बच्ची को अस्पताल में आइसोलेट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी।
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फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बिहार के पटना से बधिरपन का इलाज कराने आई पांच साल की बच्ची में मंकी पॉक्स के लक्षण मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्ची के गले से नमूना लेकर जांच के लिए पुणे भेजा है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. राकेश गुप्ता ने बताया कि बच्ची के शरीर पर जिस तरह के दाने या फुंसियां हैं, वह अधिक आम खाने की वजह से भी हो सकता है। हालांकि बच्ची की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। पुणे से रिपोर्ट रविवार तक आने की संभावना है।
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पटना की रहने वाली बच्ची के बधिरपन का इलाज आरडीसी स्थित हर्ष ईएनटी अस्पताल में चल रहा है। वह शुक्रवार को तीसरी बार इलाज के लिए आई थी। उसके हाथ, चेहरे और शरीर पर दाने और फफोले निकले हैं।
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बच्ची के चाचा कुछ दिन पूर्व दुबई से लौटे हैं
सीनियर ईएनटी सर्जन डॉ. बीपी त्यागी ने बच्ची को अस्पताल में आइसोलेट करने के बाद स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। इसके बाद सर्विलांस अधिकारी ने जांच करने के लिए टीम भेजा। बच्ची के पिता ने बताया कि बच्ची का विदेश आवागमन नहीं हुआ है, लेकिन बच्ची के चाचा कुछ दिन पूर्व ही दुबई से वापस लौटे हैं। परिवार के अन्य बच्चों में भी कुछ लक्षण हैं।
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यूपी के स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा है कि संदिग्ध बच्ची का सैंपल जांच के लिए आईसीएमआर एनआईवी, पुणे भेजा गया है और बच्ची को ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
जांच और भर्ती की नहीं है कोई सुविधा
मंकी पॉक्स को लेकर शासन स्तर से अलर्ट जारी किया जा चुका है, लेकिन गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग इस बीमारी को लेकर अभी भी लापरवाही बरत रहा है। विदेश से आने वालों की जांच और संदिग्ध मरीज को आइसोलेशन में रखने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
मंकी पॉक्स के प्रति एहतियात जरूरी
सीएमओ डॉ. भवतोष शंखधार ने बताया कि ज्यादा आम खाने से बच्चों के शरीर पर दाने निकल आते हैं, मंकी पॉक्स में भी वैसे ही दाने निकलते हैं। जांच रिपोर्ट आने पर ही मंकी पॉक्स के बारे में कुछ कहा जा सकता है। बच्ची को सामान्य मरीजों की तरह ही रखने के निर्देश दिए गए हैं। मंकी पॉक्स संक्रामक होने के चलते इसके प्रति एहतियात की जरूरत है।