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रोपवे प्रोजेक्ट का रूट तय करने के लिए बनी कमेटी
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रोपवे प्रोजेक्ट का रूट तय करने के लिए बनी कमेटी
गाजियाबाद। रोपवे प्रोजेक्ट का रूट तय करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की ओर से वैशाली से मोहननगर सहित कुल चार में से एक रूट फाइनल किया जाएगा। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ विस्तृत ग्राउंड सर्वे होने के कारण जीडीए अधिकारी वैशाली से मोहननगर रूट पर सहमति बनने की संभावना जता रहे हैं। कमेटी जून माह के आखिर तक अपना निर्णय सुना सकती है।
कमेटी में डीएम के अलावा जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश, प्राधिकरण सीएटीपी और जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल शामिल हैं। वैशाली से मोहननगर के अलावा नया बस अड्डा मेट्रो से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62 नोएडा मेट्रो स्टेशन और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से हिंडन रिवर मेट्रो स्टेशन रूट तय किए गए थे। इनमें से एक रूट को तय किया जाना है। वैशाली, इंदिरापुरम और वसुंधरा की विभिन्न सोसायटियों के लोगों की ओर से वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट का विरोध किया जा रहा है। रोपवे प्रोजेक्ट की लागत मेट्रो से चार गुना कम होने के कारण प्राधिकरण प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहा है। जीडीए मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कमेटी की आने वाले दिनों में होने वाली बैठक में रूट को फाइनल कर दिया जाएगा। जीडीए के साथ एनएचएलएमएल की ओर से वैशाली से मोहननगर रूट पर सर्वे पूरा कर लिया गया है।
एनएचएआई की कंपनी सर्वे कर चुकी है पूरा
वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए एनएचएआई की स्पेेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) जमीनी सर्वे पूरा चुकी है। जीडीए की तकनीकी कमेटी ने भी इसी रूट को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है। ऐसे में डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी के बाद एनएचएलएमएल की ओर से संशोधित डीपीआर पर काम शुरू किया जाएगा।
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गाजियाबाद। रोपवे प्रोजेक्ट का रूट तय करने के लिए डीएम की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की ओर से वैशाली से मोहननगर सहित कुल चार में से एक रूट फाइनल किया जाएगा। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के साथ विस्तृत ग्राउंड सर्वे होने के कारण जीडीए अधिकारी वैशाली से मोहननगर रूट पर सहमति बनने की संभावना जता रहे हैं। कमेटी जून माह के आखिर तक अपना निर्णय सुना सकती है।
कमेटी में डीएम के अलावा जीडीए उपाध्यक्ष कृष्णा करुणेश, प्राधिकरण सीएटीपी और जीडीए बोर्ड सदस्य हिमांशु मित्तल शामिल हैं। वैशाली से मोहननगर के अलावा नया बस अड्डा मेट्रो से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, वैशाली मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62 नोएडा मेट्रो स्टेशन और राजनगर एक्सटेंशन चौराहे से हिंडन रिवर मेट्रो स्टेशन रूट तय किए गए थे। इनमें से एक रूट को तय किया जाना है। वैशाली, इंदिरापुरम और वसुंधरा की विभिन्न सोसायटियों के लोगों की ओर से वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट का विरोध किया जा रहा है। रोपवे प्रोजेक्ट की लागत मेट्रो से चार गुना कम होने के कारण प्राधिकरण प्राथमिकता के आधार पर काम कर रहा है। जीडीए मुख्य अभियंता राकेश कुमार गुप्ता का कहना है कि कमेटी की आने वाले दिनों में होने वाली बैठक में रूट को फाइनल कर दिया जाएगा। जीडीए के साथ एनएचएलएमएल की ओर से वैशाली से मोहननगर रूट पर सर्वे पूरा कर लिया गया है।
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एनएचएआई की कंपनी सर्वे कर चुकी है पूरा
वैशाली से मोहननगर रोपवे प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए एनएचएआई की स्पेेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) कंपनी राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड (एनएचएलएमएल) जमीनी सर्वे पूरा चुकी है। जीडीए की तकनीकी कमेटी ने भी इसी रूट को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया है। ऐसे में डीएम की अध्यक्षता वाली कमेटी की मंजूरी के बाद एनएचएलएमएल की ओर से संशोधित डीपीआर पर काम शुरू किया जाएगा।
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