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सात दिन में आ जाएगी पहली रैपिड रेल
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सात दिन में आ जाएगी पहली रैपिड रेल
गाजियाबाद। रैपिड रेल के 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड के दुहाई डिपो में पहली रैपिड रेल सात दिनों के अंदर आ जाएगी। गुजरात सावली स्थित एलस्टोम के प्लांट से छह कोच के पहले ट्रेन सेट को बृहस्पतिवार को सड़क मार्ग से बड़े ट्रेलरों के जरिये रवाना किया गया। दुहाई डिपो में रैपिड रेल के आने के बाद जून के अंत से तकनीकी ट्रायल किए जाएंगे। वहीं, जुलाई के आखिर से रूट पर ट्रायल रन शुरू होगा।
रैपिड के पहले ट्रेन सेट को सावली प्लांट में बीते माह हुए समारोह में एनसीआरटीसी को सौंपा गया था। सड़क मार्ग से सभी छह कोच को सुरक्षित लाने के लिए पहले बड़े ट्रेलरों का बंदोबस्त किया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार को कोच को रवाना किया गया। रैपिड रेल के आने से पहले दुहाई डिपो में रेल लाइन बिछाने के काम को लगभग पूरा कर लिया गया है। अब तेज गति से ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) और अन्य तकनीकी संबंधी कार्यों को किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के साथ वर्कशॉप केलिए शेड और ट्रेन की टेस्टिंग के लिए पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। डिपो में ही एनसीआरटीसी का मुख्य प्रशासनिक भवन है, जहां से ट्रेनों के संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। डिपो में ट्रेनों के परीक्षण और रखरखाव के लिए 11 स्टेबलिंग लाइन, दो वर्कशॉप लाइन और तीन इंटरनल बे-लाइन के अलावा सफाई केलिए एक हैवी इंटरनल क्लीनिंग लाइन का निर्माण किया गया है। एलस्टोम प्लांट से 82 किमी लंबे रैपिड कॉरिडोर के लिए छह कोच वाले 30 ट्रेनों का निर्माण होगा। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता खंड में मार्च 2023 से रैपिड रेल का संचालन शुरू होगा। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि पहले ट्रेन सेट को सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखकर रवाना किया गया है।
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गाजियाबाद। रैपिड रेल के 17 किमी लंबे प्राथमिकता खंड के दुहाई डिपो में पहली रैपिड रेल सात दिनों के अंदर आ जाएगी। गुजरात सावली स्थित एलस्टोम के प्लांट से छह कोच के पहले ट्रेन सेट को बृहस्पतिवार को सड़क मार्ग से बड़े ट्रेलरों के जरिये रवाना किया गया। दुहाई डिपो में रैपिड रेल के आने के बाद जून के अंत से तकनीकी ट्रायल किए जाएंगे। वहीं, जुलाई के आखिर से रूट पर ट्रायल रन शुरू होगा।
रैपिड के पहले ट्रेन सेट को सावली प्लांट में बीते माह हुए समारोह में एनसीआरटीसी को सौंपा गया था। सड़क मार्ग से सभी छह कोच को सुरक्षित लाने के लिए पहले बड़े ट्रेलरों का बंदोबस्त किया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार को कोच को रवाना किया गया। रैपिड रेल के आने से पहले दुहाई डिपो में रेल लाइन बिछाने के काम को लगभग पूरा कर लिया गया है। अब तेज गति से ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) और अन्य तकनीकी संबंधी कार्यों को किया जा रहा है। रेलवे ट्रैक के साथ वर्कशॉप केलिए शेड और ट्रेन की टेस्टिंग के लिए पूरे बंदोबस्त किए गए हैं। डिपो में ही एनसीआरटीसी का मुख्य प्रशासनिक भवन है, जहां से ट्रेनों के संचालन को नियंत्रित किया जाएगा। डिपो में ट्रेनों के परीक्षण और रखरखाव के लिए 11 स्टेबलिंग लाइन, दो वर्कशॉप लाइन और तीन इंटरनल बे-लाइन के अलावा सफाई केलिए एक हैवी इंटरनल क्लीनिंग लाइन का निर्माण किया गया है। एलस्टोम प्लांट से 82 किमी लंबे रैपिड कॉरिडोर के लिए छह कोच वाले 30 ट्रेनों का निर्माण होगा। साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता खंड में मार्च 2023 से रैपिड रेल का संचालन शुरू होगा। एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स का कहना है कि पहले ट्रेन सेट को सुरक्षा के हर पहलू को ध्यान में रखकर रवाना किया गया है।
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