फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

35 की उम्र में ही टिक रहे नौजवानों के घुटने

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2022 12:51 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
35 की उम्र में ही टिक रहे नौजवानों के घुटने
विज्ञापन

गाजियाबाद। क्रासिंग रिपब्लिक की वैभवी को 35 साल की उम्र में दोनों घुटने बदलवाने पड़े। उन्हें अर्थराइटिस ने जकड़ लिया था। घुटने में असहनीय दर्द होने लगा। उनका इलाज करने वाले डॉक्टर अजय पंवार का कहना है कि वैभवी अकेली नहीं है जिनके घुटने 35 की उम्र में टिक गए। दस साल पहले अगर 35-40 की उम्र में घुटना दर्द का मरीज आता था तो यह आश्चर्य की बात होती थी। पिछले तीन-चार सालों में यह समस्या तेजी से बढ़ी है।
राजनगर एक्सटेंशन निवासी 38 वर्षीय अनुभव के पिता के घुटनो में दर्द रहता था। वह डॉक्टर के पास उन्हें लेकर गए लेकिन कुछ दिन बाद महसूस किया कि उनके खुद के घुटनों में भी परेशानी है। थोड़े ही दिन में घुटनों में दर्द बढ़ गया। जांच कराई तो पता चला कि कार्टिलेज (घुटने की दो हड्डियों के बीच की परत) खराब हो चुकी है। दोनों घुटने बदलवाने पड़े।
विज्ञापन

हड्डी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि 35 से 40 की उम्र में जो लोग घुटने के दर्द से परेशान हैं, उनमें 10 में से आठ में एक चीज कॉमन है। ये सभी लंबे समय कुर्सी पर बैठे रहते हैं। इस समस्या का दूसरा कारण मोटापा है। युवा मरीजों में से दस फीसदी में घुटना प्रत्यारोपण करना पड़ रहा है। पहले 50-60 साल की उम्र में इसकी नौबत आती थी। जिला अस्पताल की बात करें तो यहां हड्डी रोग की ओपीडी में रोज 150 से 160 मरीज आते हैं। इनमें 70 से 80 घुटना दर्द के हैं। इसमें भी 50 फीसदी युवा हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्क फ्रॉम होम से बढ़ी परेशानी
ज्वाइंट रिप्लेसमेंट एंड लिगामेंट विशेषज्ञ डॉ. अमित नाथ मिश्रा का कहना है कि कोरोना काल में वर्क फ्रॉम होम से घुटना दर्द की परेशानी बढ़ी है। लोग दफ्तर नहीं जा रहे, इसलिए चलना-फिरना बंद है या फिर बहुत कम हो गया है। इनमें से कई लोग खरीदारी भी ऑनलाइन ही कर रहे हैं। इससे मोटापा भी बढ़ रहा है। मोटापा होने पर घुटने के मसल्स, लिगामेंट और टेंडन को अधिक काम करना पड़ता है। इससे घुटने के जोड़ के अंदर कार्टिलेज की परत कमजोर पड़ जाती है और दर्द होने लगता है।

फ्लैट में रहने वाले ज्यादा परेशान
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी एवं आर्थोपेडिक सर्जन डॉ. डीएम सक्सेना का कहना है कि कम उम्र के लोगों में घुटने का दर्द अधिक प्रयोग और बदल रही जीवन शैली के कारण होता है। शहर की बात करें तो फ्लैट में रहने वाले ज्यादा लोगों में यह समस्या है। यहां सीढ़ियों की जगह लिफ्ट का इस्तेमाल होता है। लोग साइकिल भी नहीं चलाते हैं। घुटनों का पर्याप्त संचालन न होने से दर्द की परेशानी होती है। इसके अलावा पानी की कमी, अधिक शराब पीना, फास्ट फूड का सेवन, नींद की कमी से भी परेशानी होती है।
जब घुटने में दर्द हो
1. बर्फ लगाएं, इससे सूजन कम होगी, दर्द से आराम मिलेगा।
2. चिकित्सक की सलाह लेकर स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें।
3. दर्द बंद होने तक घुटने को आराम दें, काम करने से बचें।
(जैसा चिकित्सकों ने बताया)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed