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महरौली में जलभराव पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने एनएच-9 पर दिया धरना
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महरौली में जलभराव पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने एनएच-9 पर दिया धरना
गाजियाबाद। सोमवार को हुई बारिश के बाद बुधवार तक गलियों में पानी जमा रहने से गुस्साए महरौली गांव के लोगों ने विरोध में एनएच-9 जाम कर प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर जाम लग गया। नगर निगम की टीम ने गांव में जाकर पंप से पानी निकालने का काम शुरू किया तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि एनएच-9 के चौड़ीकरण में एनएचएआई ने पुलिया तोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने छोटा नाला बनाया लेकिन बम्हेटा गांव के लोगों ने उसे बंद कर दिया। महरौली गांव का पानी इस नाले से होकर बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के बड़े नाले में पहुंचना था लेकिन नाला बंद होने की वजह से नहीं पहुंच पा रहा। तीन साल से बरसात के दिनों में गांव वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से लेकर डीएम से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूरी में हाईवे जाम कर विरोध किया गया।
नाले से कब्जा हटाने का काम थोड़ी देर में ही हो गया बंद
विरोध के बाद एसएचओ कविनगर आनंद प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने नाला खुलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नगर निगम की टीम पहुंची और नाले के ऊपर एक प्राइवेट सोसायटी द्वारा किए गए कब्जे को हटवाकर नाले से मिट्टी निकलवाने का काम शुरू किया गया। इसके चलते ग्रामीणों ने जाम खुलवा दिया। गांव निवासी दीपक चौधरी का आरोप है कि थोड़ी देर में ही निगम की टीम वापस लौट गई। पानी की निकासी अभी भी पूरी तरह सही नहीं की गई।
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खेतों में जाता था पानी, किसानों ने रोका
महरौली निवासी उदयवीर सिंह ने बताया कि गांव के पीछे भी एक नाला बना हुआ है, लेकिन वह खेतों में टूटा हुआ है। नगर निगम की टीम तालाब में आने वाले गांव के पानी को पंप के जरिए इस नाले में डाल देती थी और यह पानी खेतों में चला जाता था। अब किसान ने खेत में फसल बोने की वजह से पानी बंद कर दिया। इसकी वजह से पानी गांव में ही जमा हो गया।
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परिचर्चा
नगर निगम ने गांवों में गृहकर तो लगा दिया, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही है। नाले की निकासी न होने की वजह से गांव में न सिर्फ पानी जमा हो गया है, बल्कि मच्छर और बीमारियां भी बढ़ रहे हैं। तीन दिन में निकासी का इंतजाम न हुआ तो गांव की महिलाएं और पुरुष एनएच-9 की मुख्य लेन जाम कर विरोध करेंगे। - अनुज, स्थानीय निवासी
नगर निगम के अधिकारियों की मनमानी व लापरवाही की वजह से गांव के लोग नरक का जीवन जीने को मजबूर है। निकासी न होने की वजह से गांव का पानी नालियों और तालाब में सड़ रहा है। समस्या का समाधान न किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, फिर चाहे प्रशासन मुकदमा ही क्यों न कर दें। - विजयपाल, स्थानीय निवासी
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गाजियाबाद। सोमवार को हुई बारिश के बाद बुधवार तक गलियों में पानी जमा रहने से गुस्साए महरौली गांव के लोगों ने विरोध में एनएच-9 जाम कर प्रदर्शन किया। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे पर जाम लग गया। नगर निगम की टीम ने गांव में जाकर पंप से पानी निकालने का काम शुरू किया तो लोगों का गुस्सा शांत हुआ।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि एनएच-9 के चौड़ीकरण में एनएचएआई ने पुलिया तोड़ दी थी। इसके बाद उन्होंने छोटा नाला बनाया लेकिन बम्हेटा गांव के लोगों ने उसे बंद कर दिया। महरौली गांव का पानी इस नाले से होकर बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र के बड़े नाले में पहुंचना था लेकिन नाला बंद होने की वजह से नहीं पहुंच पा रहा। तीन साल से बरसात के दिनों में गांव वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से लेकर डीएम से की गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद मजबूरी में हाईवे जाम कर विरोध किया गया।
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नाले से कब्जा हटाने का काम थोड़ी देर में ही हो गया बंद
विरोध के बाद एसएचओ कविनगर आनंद प्रकाश मिश्रा मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने नाला खुलवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद नगर निगम की टीम पहुंची और नाले के ऊपर एक प्राइवेट सोसायटी द्वारा किए गए कब्जे को हटवाकर नाले से मिट्टी निकलवाने का काम शुरू किया गया। इसके चलते ग्रामीणों ने जाम खुलवा दिया। गांव निवासी दीपक चौधरी का आरोप है कि थोड़ी देर में ही निगम की टीम वापस लौट गई। पानी की निकासी अभी भी पूरी तरह सही नहीं की गई।
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खेतों में जाता था पानी, किसानों ने रोका
महरौली निवासी उदयवीर सिंह ने बताया कि गांव के पीछे भी एक नाला बना हुआ है, लेकिन वह खेतों में टूटा हुआ है। नगर निगम की टीम तालाब में आने वाले गांव के पानी को पंप के जरिए इस नाले में डाल देती थी और यह पानी खेतों में चला जाता था। अब किसान ने खेत में फसल बोने की वजह से पानी बंद कर दिया। इसकी वजह से पानी गांव में ही जमा हो गया।
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परिचर्चा
नगर निगम ने गांवों में गृहकर तो लगा दिया, लेकिन सुविधाएं नहीं दी जा रही है। नाले की निकासी न होने की वजह से गांव में न सिर्फ पानी जमा हो गया है, बल्कि मच्छर और बीमारियां भी बढ़ रहे हैं। तीन दिन में निकासी का इंतजाम न हुआ तो गांव की महिलाएं और पुरुष एनएच-9 की मुख्य लेन जाम कर विरोध करेंगे। - अनुज, स्थानीय निवासी
नगर निगम के अधिकारियों की मनमानी व लापरवाही की वजह से गांव के लोग नरक का जीवन जीने को मजबूर है। निकासी न होने की वजह से गांव का पानी नालियों और तालाब में सड़ रहा है। समस्या का समाधान न किया गया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे, फिर चाहे प्रशासन मुकदमा ही क्यों न कर दें। - विजयपाल, स्थानीय निवासी