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पांच लाख की जाली हुईं चोरी, नाले फिर गंदगी से अटे
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पांच लाख की जाली हुईं चोरी, नाले फिर गंदगी से अटे
गाजियाबाद। नालों में प्लास्टिक, पॉलिथीन और मोटा कचरा जाने से रोकने के लिए करीब पांच लाख की लागत से लगाई गई लोहे की जाली चोरी हो गई हैं। इनकी वजह से नाले गंदगी से अट गए हैं। अब निगम के स्वास्थ्य विभाग के आग्रह पर निर्माण विभाग ने इनको फिर से लगाने का काम शुरू करा दिया है।
बीते साल बरसात से पहले नगर निगम के निर्माण विभाग ने शहर के नालों में लगभग 650 प्वाइंट पर यह जालियां लगवाई थीं। इनका मकसद तो पूरा हुआ नहीं, लेकिन लोहा चुराने वाले स्मैकियों के लिए यह फायदेमंद साबित हुई। छोटे से लेकर बड़े-बड़े नालों के अंदर लगाई गईं जालियां निकालकर चोरी कर ली गई हैं। अब स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की ओर से टीमों के आने से पहले ही नगर निगम ने इन जालियों को दोबारा लगवाना शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता देशराज सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से मिली सूची में बताए गए स्थानों पर जालियां लगवाई जा रही हैं।
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गाजियाबाद। नालों में प्लास्टिक, पॉलिथीन और मोटा कचरा जाने से रोकने के लिए करीब पांच लाख की लागत से लगाई गई लोहे की जाली चोरी हो गई हैं। इनकी वजह से नाले गंदगी से अट गए हैं। अब निगम के स्वास्थ्य विभाग के आग्रह पर निर्माण विभाग ने इनको फिर से लगाने का काम शुरू करा दिया है।
बीते साल बरसात से पहले नगर निगम के निर्माण विभाग ने शहर के नालों में लगभग 650 प्वाइंट पर यह जालियां लगवाई थीं। इनका मकसद तो पूरा हुआ नहीं, लेकिन लोहा चुराने वाले स्मैकियों के लिए यह फायदेमंद साबित हुई। छोटे से लेकर बड़े-बड़े नालों के अंदर लगाई गईं जालियां निकालकर चोरी कर ली गई हैं। अब स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए केंद्र सरकार की ओर से टीमों के आने से पहले ही नगर निगम ने इन जालियों को दोबारा लगवाना शुरू कर दिया है। नगर निगम के अधिशासी अभियंता देशराज सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग से मिली सूची में बताए गए स्थानों पर जालियां लगवाई जा रही हैं।
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