फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

जीडीए के फ्लैट महंगे, छह योजनाओं में 1637 भवन खाली

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 07 May 2022 12:09 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
जीडीए के फ्लैट महंगे, छह योजनाओं में 1687 भवन खाली
विज्ञापन

गाजियाबाद। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की छह मुख्य आवासीय योजनाओं में 1687 फ्लैट खाली पड़े हैं। पुरानी योजनाओं में खाली भवानों की लगातार योजना निकालने और फिर अब पहले आओ, पहले पाओ की स्कीम के बावजूद खरीदार आगे नहीं आ रहे हैं। निजी बिल्डरों के मुकाबले प्राधिकरण के फ्लैटों की अधिक कीमत भी लोगों की बेरुखी का कारण बन रही है। प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं में सबसे ज्यादा दो बीएचके के फ्लैट खाली हैं। मधुबन बापूधाम योजना में कुल खाली 632 भवनों में से अकेले दो बीएचके के 435 फ्लैट खाली हैं।
मधुबन बापूधाम में सी-पॉकेट स्थित बहुमंजिला आवासीय योजना में दो बीएचके के फ्लैट की कीमत 50.58 लाख से 52.58 लाख तक है। जबकि निजी बिल्डरों के विभिन्न योजनाओं में दो बीएचके के फ्लैट 30 से 35 लाख तक उपलब्ध है। मधुबन बापूधाम के बाद कोयल एंक्लेव आवासीय योजना और इंद्रप्रस्थ आवासीय योजना में सर्वाधिक दो बीएचके के फ्लैट खाली पड़े हैं। इंद्रप्रस्थ योजना में दो बीएचके के 322 और कोयल एंक्लेव योजना में दो बीएचके के 340 भवन खाली हैं। चंद्रशिला योजना में दो बीएचके के खाली 43 फ्लैटों की कीमत 43 लाख से 55.93 लाख के बीच में है, जो कि बाजार में उपलब्ध फ्लैट की तुलना में ज्यादा है। इसमें रजिस्ट्री शुल्क मिला दें तो भवन की कीमत और ऊपर चली जाती है।
विज्ञापन

---
एक साल में प्राधिकरण ने बेचे 179 फ्लैट:
जीडीए ने पहले आओ, पहले पाओ योजना के तहत बीते एक साल में 179 फ्लैट को बेचने में सफलता हासिल की है। प्राइवेट बिल्डरों ने राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच-9, दिल्ली-मेरठ हाईवे, साहिबाबाद सहित अन्य क्षेत्रों में 30 हजार से अधिक फ्लैट बेचे हैं। मधुबन बापूधाम और कोयल एंक्लेव के बाद प्राधिकरण की कोई बहुमंजिला योजना भी नहीं आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
आवासीय से अधिक बिकेभूखंड:
जीडीए की आवासीय जोनजा में फ्लैटों की बिक्री का आंकड़ा तो कम रहा, लेकिन कोरोना काल होने के बावजूद आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक भूखंड की खूब बिक्री हुई। प्राधिकरण की ओर से बीते दो सालों में 138 से अधिक औद्योगिक व व्यावसायिक भूखंड बेचे गए हैं। मधुबन बापूधाम योजना में दो सालों में 425 के लगभग भूखंड बेचे जा चुके हैं। जीडीए अपर सचिव सीपी त्रिपाठी का कहना है कि कोरोना काल में भी प्राधिकरण की बड़ी संख्या में संपत्तियां बेची गईं। कोरोना में बड़े घर की मांग को देखते हुए दो बीएचके व उससे छोटे भवनों के प्रति रुझान कम देखने को मिला। कर्पूरीपुरम योजना में 136 आवास बेचने में सफलता पाई।

----
14 माह बीते, नहीं आई भूखंड की योजना:
जीडीए की ओर से जनवरी 2021 के बाद आवासीय भूखंड की योजना नहीं निकाली गई है। बीते साल मधुबन बापूधाम योजना में करीब 325 आवासीय भूखंड की योजना को लोगों ने हाथों हाथ लिया था। लोगों को नई आवासीय भूखंड की योजना का इंतजार है।
----
जीडीए की योजनावार खाली फ्लैट:
योजना कुल खाली भवन
मधुबन बापूधाम 632
(पॉकेट-सी, एफ, बी और ई)
कोयल एंक्लेव योजना 479
इंद्रप्रस्थ योजना 428
मोदीनगर संजयपुरी योजना 58
नेहरूनगर चंद्रशिला योजना 43
वैशाली मंदाकिनी व अलकनंदा 26
-----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed