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सरकारी जमीन पर कब्जा कर अपने नाम से बसा दी कॉलोनी
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सरकारी जमीन पर कब्जा कर अपने नाम से बसा दी कॉलोनी
गाजियाबाद। योगी राज 2.0 में सरकार अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला रही है। वहीं, जिले में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटा पाने जिला प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। मसूरी थाने के डासना देहात में करीब 60 बीघा एलएमसी की जमीन पर अवैध कब्जा कर उस्मान गढ़ी के नाम से कॉलोनी बसा दी गई है।
कालोनाइजर के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने के कई मुकदमे दर्ज होने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया जा सका है। 1990 में कालोनाइजर ने तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा कर लिया। फर्जी कागजात तैयार करा औने पौने दामों में जमीन बेचकर आबादी बसा दी। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि उस्मान पर कई आपराधिक और अवैध कब्जे के मुकदमे दर्ज हैं। उस्मान ने तालाब पर कब्जा कर मकान बना रखा है। उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कॉलोनी के प्रवेश द्वार और पानी की टंकी पर उसका नाम लिखा है। तहसीलदार विजय कुमार मिश्र का कहना है कि 2018 में बेदखली का आदेश हो चुका है। एसडीएम विनय कुमार सिंह का कहना है कि जमीन की पैमाइश कराई गई है। जल्द ही जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ मसूरी थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को भूमाफिया घोषित करने की संस्तुति की गई है। मसूरी थाने में उस्मान पर धोखाधड़ी, जमीन पर अवैध कब्जा करने, मारपीट, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी जेल भी जा चुका है।
तीन दशक पहले बसी कॉलोनी
उस्मान गढ़ी कॉलोनी तीन दशक पूर्व बसना शुरू हो गई थी। कॉलोनी में करीब ढाई हजार लोग रहते हैं। अब तक करीब चार सौ मकान बन चुके हैं। यहां पर अधिकांश लोग गरीब तबके के बसे हुए हैं। आरोप है कि उस्मान ने कॉलोनी आबाद करने के लिए किस्तों में पैसे लेकर जमीन बेच दी। तालाब की जमीन पर भी कई मकान बने हुए हैं।
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तीन दशक बाद अब जागा प्रशासन
एलएमसी और तालाब की जमीन पर बसी उस्मान कॉलोनी तीन दशक पुरानी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अब तक क्यों कार्रवाई नहीं हुई। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से उस्मान ने जमीन पर कब्जा किया। लोगों का यदि यहां से हटाया जाता है तो वह कहां जाएंगे। एसडीएम सदर का कहना है कि अभी केवल उस पर कार्रवाई होगी, जिसने अवैध कब्जा कर सरकारी जमीन बेचा है। जल्द ही अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किया जाएगा।
टास्क फोर्स की बैठक में कार्रवाई की बनी रणनीति
एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटाने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं।
सभासद का चुनाव लड़ चुका है उस्मान
उस्मान पिछले नगर निकाय के चुनाव में सपा से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। चुनाव में वह हार गया था। 2021 में उस पर डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था।
मैंने नहीं कब्जाई सरकारी जमीन
उस्मान चौधरी का कहना है कि कोई सरकारी जमीन नहीं कब्जाई है और ना ही बेची है। मुझे राजनीति के तहत फंसाया जा रहा है।
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गाजियाबाद। योगी राज 2.0 में सरकार अवैध कब्जों पर बुलडोजर चला रही है। वहीं, जिले में सैकड़ों बीघा सरकारी जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटा पाने जिला प्रशासन नाकाम साबित हो रहा है। मसूरी थाने के डासना देहात में करीब 60 बीघा एलएमसी की जमीन पर अवैध कब्जा कर उस्मान गढ़ी के नाम से कॉलोनी बसा दी गई है।
कालोनाइजर के खिलाफ जमीन पर कब्जा करने के कई मुकदमे दर्ज होने के बाद भी कब्जा नहीं हटाया जा सका है। 1990 में कालोनाइजर ने तत्कालीन अधिकारियों और कर्मचारियों से मिलीभगत कर जमीन पर कब्जा कर लिया। फर्जी कागजात तैयार करा औने पौने दामों में जमीन बेचकर आबादी बसा दी। एसपी देहात डॉ. ईरज राजा का कहना है कि उस्मान पर कई आपराधिक और अवैध कब्जे के मुकदमे दर्ज हैं। उस्मान ने तालाब पर कब्जा कर मकान बना रखा है। उसके खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही हैं। कॉलोनी के प्रवेश द्वार और पानी की टंकी पर उसका नाम लिखा है। तहसीलदार विजय कुमार मिश्र का कहना है कि 2018 में बेदखली का आदेश हो चुका है। एसडीएम विनय कुमार सिंह का कहना है कि जमीन की पैमाइश कराई गई है। जल्द ही जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जाएगी। आरोपी के खिलाफ मसूरी थाने में चार मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी को भूमाफिया घोषित करने की संस्तुति की गई है। मसूरी थाने में उस्मान पर धोखाधड़ी, जमीन पर अवैध कब्जा करने, मारपीट, डकैती के मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी जेल भी जा चुका है।
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तीन दशक पहले बसी कॉलोनी
उस्मान गढ़ी कॉलोनी तीन दशक पूर्व बसना शुरू हो गई थी। कॉलोनी में करीब ढाई हजार लोग रहते हैं। अब तक करीब चार सौ मकान बन चुके हैं। यहां पर अधिकांश लोग गरीब तबके के बसे हुए हैं। आरोप है कि उस्मान ने कॉलोनी आबाद करने के लिए किस्तों में पैसे लेकर जमीन बेच दी। तालाब की जमीन पर भी कई मकान बने हुए हैं।
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तीन दशक बाद अब जागा प्रशासन
एलएमसी और तालाब की जमीन पर बसी उस्मान कॉलोनी तीन दशक पुरानी हो चुकी है। लोगों का कहना है कि अब तक क्यों कार्रवाई नहीं हुई। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि अधिकारियों की मिलीभगत से उस्मान ने जमीन पर कब्जा किया। लोगों का यदि यहां से हटाया जाता है तो वह कहां जाएंगे। एसडीएम सदर का कहना है कि अभी केवल उस पर कार्रवाई होगी, जिसने अवैध कब्जा कर सरकारी जमीन बेचा है। जल्द ही अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त किया जाएगा।
टास्क फोर्स की बैठक में कार्रवाई की बनी रणनीति
एडीएम प्रशासन रितु सुहास ने बताया कि एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स की बैठक में सरकारी जमीन से अवैध कब्जे व अतिक्रमण हटाने के निर्देश सभी एसडीएम को दिए गए हैं।
सभासद का चुनाव लड़ चुका है उस्मान
उस्मान पिछले नगर निकाय के चुनाव में सपा से सभासद का चुनाव लड़ चुका है। चुनाव में वह हार गया था। 2021 में उस पर डकैती का मुकदमा दर्ज हुआ था।
मैंने नहीं कब्जाई सरकारी जमीन
उस्मान चौधरी का कहना है कि कोई सरकारी जमीन नहीं कब्जाई है और ना ही बेची है। मुझे राजनीति के तहत फंसाया जा रहा है।