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आठ करोड़ के बकायादार बिल्डर को हवालात में डाला, छह घंटे रहा बंद
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आठ करोड़ के बकायादार बिल्डर को हवालात में डाला, छह घंटे रहा बंद
गाजियाबाद। आवास विकास का आठ करोड़ रुपये बकाया जमा नहीं करने पर जीएमडी के बिल्डर को हवालात में डाल दिया। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक बिल्डर हवालात में रहा। 50 लाख रुपये का चेक तहसील प्रशासन को देने के बाद ही बिल्डर को हवालात से छोड़ा गया। बाकी धनराशि का पोस्ट डेटेड चेक देकर समय मांगा है।
बकायादारों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तहसीलदार सदर विजय मिश्रा ने बताया कि इंदिरापुरम थाने के पास वसुंधरा में जीएमडी बिल्डर के नाम से आवासीय प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। बिल्डर महेश शर्मा ने आवास विकास से जमीन ली थी। पूरा पैसा जमा नहीं करने पर आवास विकास ने वसूली के लिए नोटिस जारी किए थे। दो तीन साल से पैसा नहीं जमा करने पर बकाया आठ करोड़ रुपये पहुंच गया था। नोटिस देने के बाद भी बकाया जमा करने नहीं आ रहा था। बृहस्पतिवार को पता चला कि वह कलक्ट्रेट के पास है। उसे पकड़कर तहसील लाया गया और हवालात में बंद कर दिया गया। 50 लाख रुपये का चेक दिया है। बकाये की शेष राशि जमा करने के लिए समय मांगा है। तहसीलदार ने बताया कि करीब दस ऐसे बिल्डर हैं जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है।
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गाजियाबाद। आवास विकास का आठ करोड़ रुपये बकाया जमा नहीं करने पर जीएमडी के बिल्डर को हवालात में डाल दिया। सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक बिल्डर हवालात में रहा। 50 लाख रुपये का चेक तहसील प्रशासन को देने के बाद ही बिल्डर को हवालात से छोड़ा गया। बाकी धनराशि का पोस्ट डेटेड चेक देकर समय मांगा है।
बकायादारों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। तहसीलदार सदर विजय मिश्रा ने बताया कि इंदिरापुरम थाने के पास वसुंधरा में जीएमडी बिल्डर के नाम से आवासीय प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। बिल्डर महेश शर्मा ने आवास विकास से जमीन ली थी। पूरा पैसा जमा नहीं करने पर आवास विकास ने वसूली के लिए नोटिस जारी किए थे। दो तीन साल से पैसा नहीं जमा करने पर बकाया आठ करोड़ रुपये पहुंच गया था। नोटिस देने के बाद भी बकाया जमा करने नहीं आ रहा था। बृहस्पतिवार को पता चला कि वह कलक्ट्रेट के पास है। उसे पकड़कर तहसील लाया गया और हवालात में बंद कर दिया गया। 50 लाख रुपये का चेक दिया है। बकाये की शेष राशि जमा करने के लिए समय मांगा है। तहसीलदार ने बताया कि करीब दस ऐसे बिल्डर हैं जिन पर करोड़ों रुपये का बकाया चल रहा है।
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