फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziabad

सुदर्शन मशीन रैपिड रेल सुरंग की खुदाई को तैयार, नवंबर तक पूरा होगा काम

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 14 Apr 2022 12:19 AM IST
विज्ञापन
ghaziabad
सुदर्शन मशीन रैपिड रेल सुरंग की खोदाई को तैयार, नवंबर तक पूरा होगा काम
विज्ञापन

गाजियाबाद। रैपिड रेल कॉरिडोर में वैशाली से आनंद विहार तक दो किमी लंबी भूमिगत सुरंग का निर्माण कार्य इसी माह शुरू होगा। टनल बोरिंग मशीन (टीबीएम) सुदर्शन रैपिड रेल की इस सुरंग की खोदाई को तैयार है। सुरंग की खोदाई के लिए वैशाली में बनाए गए शाफ्ट (गहरा गड्ढा) में 100 मीटर लंबी विशालकाय टीबीएम को जोड़ने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। टीबीएम के हिस्सों को जोड़ने का काम पूरा होते ही खोदाई शुरू हो जाएगी। इस सुरंग का काम नवंबर तक पूरा होने की संभावना जताई जा रही है।
एनसीआरटीसी ने वैशाली से आनंद विहार तक की सुरंग का काम शुरू करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। खोदाई केलिए लाई गई टनल बोरिंग मशीन कई छोटे-छोटे खंड में विभाजित होती है। टनल लॉचिंग शाफ्ट में टीबीएम मशीन को उतारने से पहले उसके हिस्सों को जोड़ने का काम जारी है।
विज्ञापन

---
कॉरिडोर में दो जगह निर्माण शुरू, दो जगह होना बाकी:
दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ तक रैपिड रेल के 82 किमी लंबे कॉरिडोर में कुल चार भूमिगत स्टेशन हैं। इन स्टेशनाें के निर्माण की प्रक्रिया तेजी से जारी है। दिल्ली में केवल आनंद विहार और मेरठ में मेरठ सेंट्रल, भैंसाली और बेगमपुल तीन भूमिगत स्टेशन होंगे। आनंद विहार से न्यू अशोकनगर की ओर तीन किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। दूसरी ओर भैंसाली में मेरठ सेंट्रल की ओर करीब 1.80 किमी लंबी टनल का निर्माण कार्य बीते दिनों शुरू हो चुका है। दोनों स्थानों पर टीबीएम मशीन सुदर्शन काम कर रही है। फिर वैशाली से आनंद विहार तक दो किमी लंबी सुरंग का काम जल्द शुरू होने वाला है। आखिर में भैंसाली से बेगमपुल की ओर टनल बनाने का काम जल्द शुरू होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
मेट्रो से बड़ी होगी सुरंग:
एनसीआरटीसी की ओर से आरआरटीसी के भूमिगत कॉरिडोर में तैयार की जा रही सुरंगें बाकी मेट्रो प्रणाली की सुरंगों से अलग और बढ़ी होंगी। इन सुरंगों का व्यास 6.6 मीटर होगा। इसको रैपिड ट्रेनों में अधिक गति होने के कारण सुरंगों में तरंगों पर प्रवाह उत्पन्न होने की दशा में यात्रियों पर हवा का दबाव कम होने के साथ असुविधा नहीं होगी। सुरंगों का व्यास अधिक होने से वह हवा के उच्च दबाव को न्यूनतम करेंगी। इससे कॉरिडोर में सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित हो सकेगी।
----
पहले खंड में 90 फीसदी काम हुआ पूरा:
रैपिड रेल के साहिबाबाद से दुहाई तक पहले प्राथमिकता खंड में निर्माण संबंधी 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। पहले खंड पर रैपिड रेल मार्च 2023 में रैपिड रेल दौड़ेंगी। दूसरे खंड में दुहाई से मेरठ साउथ तक रेल का संचालन अक्तूबर 2023 में प्रस्तावित है। ऐसे में अब दुहाई से मेरठ के बीच दूसरे खंड में निर्माण तेज हो गया है। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने दूसरे खंड में दुहाई से मेरठ शताब्दीनगर तक 60 फीसदी पिलर का निर्माण पूरा कर लिया है।

---
कोट...
विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा कार्य
एनसीआरटीसी के सीपीआरओ पुनीत वत्स ने कहा कि वैशाली से आनंद विहार तक रैपिड रेल की भूमिगत सुरंग निर्माण का निर्माण जल्द शुरू होगा। विशेषज्ञों की निगरानी में टनल बोरिंग मशीन छोटे-छोटे भागों को जोड़ने का काम जारी है।
----
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed