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एयरपोर्ट जैसा दिखेगा रेलवे स्टेशन, तीन मंजिला बनेगी इमारत
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एयरपोर्ट जैसा दिखेगा रेलवे स्टेशन, तीन मंजिला बनेगी इमारत
राजीव शर्मा
गाजियाबाद। शहर का पुराना रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसा दिखेगा, जहां आधुनिकतम सुविधाएं भी मिलेंगी। देश के प्रमुख स्टेशनों के री-डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन को चुना गया है। स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग में बदलाव कर तीन मंजिला आलीशान इमारत बनाई जाएगी। इसमें यात्रियों के लिए वेटिंग हॉल से लेकर टिकट काउंटर और अधिकारियों के कार्यालय अलग-अलग मंजिल पर होंगे। केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वीके सिंह के प्रयास से री-डेवलपमेंट प्रोग्राम में शामिल हुए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के इस कायाकल्प पर करीब 350 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यूपी का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गाजियाबाद का रेलवे स्टेशन न सिर्फ यूपी के अन्य जिलों को बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों को दिल्ली से जोड़ता है। इस स्टेशन से रोजाना करीब 225 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब डेढ़ से पौने दो लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। महत्वपूर्ण जंक्शन होने की वजह से कायाकल्प कर इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉपोरेशन (आईआरएसडीसी) की ओर से स्टेशन की नई बिल्डिंग का प्रोजेक्ट तैयार किया था। हालांकि अब इस कारपोरेशन को समाप्त कर स्टेशन को विकसित करने का काम रेलवे के हाथ में दे दिया गया है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने इसका डिजाइन तैयार कर आगणन (एस्टिमेट) बना लिया है।
ऐसा होगा नई बिल्डिंग का स्वरूप
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नई बिल्डिंग का पहला तल रेल लाइन से 4 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा। इस तल पर बजरिया साइड और विजयनगर साइड में प्रवेश द्वार होगा। इसी तल से रेल यात्री स्टेशन पर प्रवेश करेंगे और यही पर टिकट काउंटर होंगे। सुरक्षा पोस्ट भी इसी तल पर रहेगी। रेल लाइन से 10 मीटर की ऊंचाई पर बनाए जाने वाले द्वितीय तल पर वेटिंग हॉल (लाउंज) बनाया जाएगा। प्लेटफार्म नंबर एक से चार के ऊपर करीब 72 मीटर चौड़ाई में यह वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। स्टेशन पर आने वाले यात्री सीधे प्लेटफार्म पर जाने की बजाय इस लाउंज में पहुंचेंगे। यहां आराम के साथ-साथ खानपान के लिए स्टॉल का भी इंतजाम किया जाएगा। यात्रियों की ट्रेन के आने की उद्घोषणा के बाद ही वह प्लेटफार्म पर जाएंगे। इससे प्लेटफार्म पर हर वक्त रहने वाली भीड़ नहीं रहेंगी। तीसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय बनाए जाएंगे। फिलहाल प्लेटफार्म नंबर-3 पर बने विभागीय कार्यालयों को तीसरी मंजिल पर स्थानांतरित किया जाएगा। एक से लेकर चार नंबर प्लेटफार्म बिल्डिंग के अंदर रहेंगे, जबकि प्लेटफार्म नंबर-5/6 इससे बाहर रहेगा, लेकिन टीनशेड से इसे ढका जाएगा।
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नया एफओबी बनेगा, पुराना टूटेगा
रेलवे स्टेशन पर बनने वाली बिल्डिंग से निकासी के लिए एक एफओबी बनाया जाएगा। यह एफओबी धोबी घाट आरओबी के निकट प्रस्तावित किया गया है। स्टेशन पर बना सबसे पुराना एफओबी हटाया जाएगा। वर्तमान में बनाए जा रहे तीसरे एफओबी और बनाए जाने वाले नए एफओबी से ही लाउंज से प्लेटफार्म पर उतरने के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। प्रस्ताव के मुताबिक पंजाब लाइन यार्ड की ओर बने एफओबी से प्लेटफार्म पर उतरने के लिए रास्ते नहीं दिए जाएंगे।
री-डेवलपमेंट प्रोग्राम में गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। डिजाइन तैयार करके टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गाजियाबाद के स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह से विकसित किए जाने की प्लानिंग की गई है। यहां यात्रियों को स्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।
- वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद
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राजीव शर्मा
गाजियाबाद। शहर का पुराना रेलवे स्टेशन एयरपोर्ट जैसा दिखेगा, जहां आधुनिकतम सुविधाएं भी मिलेंगी। देश के प्रमुख स्टेशनों के री-डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत गाजियाबाद के रेलवे स्टेशन को चुना गया है। स्टेशन की पुरानी बिल्डिंग में बदलाव कर तीन मंजिला आलीशान इमारत बनाई जाएगी। इसमें यात्रियों के लिए वेटिंग हॉल से लेकर टिकट काउंटर और अधिकारियों के कार्यालय अलग-अलग मंजिल पर होंगे। केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद वीके सिंह के प्रयास से री-डेवलपमेंट प्रोग्राम में शामिल हुए गाजियाबाद रेलवे स्टेशन के इस कायाकल्प पर करीब 350 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च किया जाएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
यूपी का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले गाजियाबाद का रेलवे स्टेशन न सिर्फ यूपी के अन्य जिलों को बल्कि पूर्वोत्तर राज्यों को दिल्ली से जोड़ता है। इस स्टेशन से रोजाना करीब 225 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब डेढ़ से पौने दो लाख लोग रोजाना सफर करते हैं। महत्वपूर्ण जंक्शन होने की वजह से कायाकल्प कर इसे एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित करने का निर्णय लिया गया है। इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉपोरेशन (आईआरएसडीसी) की ओर से स्टेशन की नई बिल्डिंग का प्रोजेक्ट तैयार किया था। हालांकि अब इस कारपोरेशन को समाप्त कर स्टेशन को विकसित करने का काम रेलवे के हाथ में दे दिया गया है। रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने इसका डिजाइन तैयार कर आगणन (एस्टिमेट) बना लिया है।
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ऐसा होगा नई बिल्डिंग का स्वरूप
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, नई बिल्डिंग का पहला तल रेल लाइन से 4 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जाएगा। इस तल पर बजरिया साइड और विजयनगर साइड में प्रवेश द्वार होगा। इसी तल से रेल यात्री स्टेशन पर प्रवेश करेंगे और यही पर टिकट काउंटर होंगे। सुरक्षा पोस्ट भी इसी तल पर रहेगी। रेल लाइन से 10 मीटर की ऊंचाई पर बनाए जाने वाले द्वितीय तल पर वेटिंग हॉल (लाउंज) बनाया जाएगा। प्लेटफार्म नंबर एक से चार के ऊपर करीब 72 मीटर चौड़ाई में यह वेटिंग हॉल बनाया जाएगा। स्टेशन पर आने वाले यात्री सीधे प्लेटफार्म पर जाने की बजाय इस लाउंज में पहुंचेंगे। यहां आराम के साथ-साथ खानपान के लिए स्टॉल का भी इंतजाम किया जाएगा। यात्रियों की ट्रेन के आने की उद्घोषणा के बाद ही वह प्लेटफार्म पर जाएंगे। इससे प्लेटफार्म पर हर वक्त रहने वाली भीड़ नहीं रहेंगी। तीसरी मंजिल पर अधिकारियों के कार्यालय बनाए जाएंगे। फिलहाल प्लेटफार्म नंबर-3 पर बने विभागीय कार्यालयों को तीसरी मंजिल पर स्थानांतरित किया जाएगा। एक से लेकर चार नंबर प्लेटफार्म बिल्डिंग के अंदर रहेंगे, जबकि प्लेटफार्म नंबर-5/6 इससे बाहर रहेगा, लेकिन टीनशेड से इसे ढका जाएगा।
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नया एफओबी बनेगा, पुराना टूटेगा
रेलवे स्टेशन पर बनने वाली बिल्डिंग से निकासी के लिए एक एफओबी बनाया जाएगा। यह एफओबी धोबी घाट आरओबी के निकट प्रस्तावित किया गया है। स्टेशन पर बना सबसे पुराना एफओबी हटाया जाएगा। वर्तमान में बनाए जा रहे तीसरे एफओबी और बनाए जाने वाले नए एफओबी से ही लाउंज से प्लेटफार्म पर उतरने के लिए सीढ़ियां बनाई जाएंगी। प्रस्ताव के मुताबिक पंजाब लाइन यार्ड की ओर बने एफओबी से प्लेटफार्म पर उतरने के लिए रास्ते नहीं दिए जाएंगे।
री-डेवलपमेंट प्रोग्राम में गाजियाबाद रेलवे स्टेशन को शामिल किया गया है। डिजाइन तैयार करके टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। गाजियाबाद के स्टेशन को एयरपोर्ट की तरह से विकसित किए जाने की प्लानिंग की गई है। यहां यात्रियों को स्तरीय सुविधाएं दी जाएंगी।
- वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद