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137 करोड़ की टैक्स चोरी का मास्टर माइंड कारोबारी गिरफ्तार
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137 करोड़ की टैक्स चोरी का मास्टर माइंड कारोबारी गिरफ्तार
गाजियाबाद। सेंट्रल जीएसटी की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई कर 137 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने वाले कारोबारी राजीव शर्मा को क्रॉसिंग रिपब्लिक सिटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 76 बोगस फर्म बनाकर टैक्स चोरी की है। अधिकारियों ने सोमवार और मंगलवार को दो दिन में 36 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाकर दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी को मंगलवार को मेरठ की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत कौर ने बताया कि मेरठ जोन के सीजीएसटी कमिश्नर के आदेश पर दिसंबर 2020 में जय इंटरप्राइजेज और 41 अन्य फर्मों के लेनदेन की जांच शुरू की गई थी। यह अधिकांश फर्म गाजियाबाद के पते पर खोली गई थीं। शुरूआती जांच में 628 करोड़ के ऐसे लेनदेन का पता चला जिस पर 99 करोड़ की टैक्स चोरी की गई थी। फर्जी पते, पैन नंबर और बैंक अकाउंट से संचालित की जा रही इन फर्मों के जरिए आईटीसी (इनपुट क्रेडिट टैक्स) का लाभ लिया जा रहा था। इस मामले में नरेश कुमार को 21 अप्रैल 2021 को और रूपक वशिष्ठ को बीती 10 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि आगे की जांच कर सोमवार और मंगलवार को 36 अन्य ठिकानों पर सर्च की गई। इसमें राजीव शर्मा नाम के व्यक्ति के शामिल होने का भी पता चला। सर्च ऑपरेशन में अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए। सेंट्रल जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर राकेश गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 76 बोगस फर्मों की जानकारी मिल चुकी है। इनके जरिए टैक्स चोरी की रकम बढ़कर 137 करोड़ रुपये हो गई है। इनमें से एक फर्म दिल्ली के पते पर भी पंजीकृत कराई गई थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी ही इस फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड है। उन्होंने बताया कि आरोपी को मेरठ की स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 18 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
पंजीकरण में दर्ज कराया गया पता मौके पर मिला ही नहीं
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत कौर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने जिन पतों पर फर्मों का पंजीकरण कराया था, उनमें से अधिकांश पते मिले ही नहीं। कई अन्य पते पर फर्म के ऑफिस की बजाय फ्लैट या अन्य लोगों के मकान मिले।
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इनसे जुड़े व्यापारी भी रडार पर
टैक्स चोरी में बोगस फर्मों के बिलों पर हुए लेनदेन से जुड़े अन्य कारोबारियों का ब्यौरा भी खंगाला जाएगा। जिन फर्मों से उन्होंने लेनदेन दिखाया है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
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गाजियाबाद। सेंट्रल जीएसटी की टीम ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई कर 137 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी करने वाले कारोबारी राजीव शर्मा को क्रॉसिंग रिपब्लिक सिटी से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 76 बोगस फर्म बनाकर टैक्स चोरी की है। अधिकारियों ने सोमवार और मंगलवार को दो दिन में 36 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाकर दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपी को मंगलवार को मेरठ की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत कौर ने बताया कि मेरठ जोन के सीजीएसटी कमिश्नर के आदेश पर दिसंबर 2020 में जय इंटरप्राइजेज और 41 अन्य फर्मों के लेनदेन की जांच शुरू की गई थी। यह अधिकांश फर्म गाजियाबाद के पते पर खोली गई थीं। शुरूआती जांच में 628 करोड़ के ऐसे लेनदेन का पता चला जिस पर 99 करोड़ की टैक्स चोरी की गई थी। फर्जी पते, पैन नंबर और बैंक अकाउंट से संचालित की जा रही इन फर्मों के जरिए आईटीसी (इनपुट क्रेडिट टैक्स) का लाभ लिया जा रहा था। इस मामले में नरेश कुमार को 21 अप्रैल 2021 को और रूपक वशिष्ठ को बीती 10 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था। उन्होंने बताया कि आगे की जांच कर सोमवार और मंगलवार को 36 अन्य ठिकानों पर सर्च की गई। इसमें राजीव शर्मा नाम के व्यक्ति के शामिल होने का भी पता चला। सर्च ऑपरेशन में अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए। सेंट्रल जीएसटी के एडिशनल कमिश्नर राकेश गुप्ता ने बताया कि अब तक कुल 76 बोगस फर्मों की जानकारी मिल चुकी है। इनके जरिए टैक्स चोरी की रकम बढ़कर 137 करोड़ रुपये हो गई है। इनमें से एक फर्म दिल्ली के पते पर भी पंजीकृत कराई गई थी। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी ही इस फर्जीवाड़े का मास्टर माइंड है। उन्होंने बताया कि आरोपी को मेरठ की स्पेशल सीजेएम कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 18 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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पंजीकरण में दर्ज कराया गया पता मौके पर मिला ही नहीं
सीजीएसटी की डिप्टी कमिश्नर प्रभजोत कौर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी ने जिन पतों पर फर्मों का पंजीकरण कराया था, उनमें से अधिकांश पते मिले ही नहीं। कई अन्य पते पर फर्म के ऑफिस की बजाय फ्लैट या अन्य लोगों के मकान मिले।
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इनसे जुड़े व्यापारी भी रडार पर
टैक्स चोरी में बोगस फर्मों के बिलों पर हुए लेनदेन से जुड़े अन्य कारोबारियों का ब्यौरा भी खंगाला जाएगा। जिन फर्मों से उन्होंने लेनदेन दिखाया है, उनसे भी पूछताछ की जाएगी।