अमर उजाला स्वास्थ्य अभियान : मेरे मम्मी-पापा और दादा-दादी की कोविड में हो गई थी मौत, आप सभी लोग लगवाओ टीका
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि 16 जनवरी 2021 के टीकाकरण शुरू होने के बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स ने 100 फीसदी टीकाकरण करा लिया है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों का आंकड़ा भी 99.14 फीसदी पहुंच गया है।
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अप्रैल 2021 में मम्मी-पापा और दादा-दादी के कोरोना संक्रमण की चपेट में आने के बाद पांच दिन में ही मौत हो गई थी। मैं नहीं चाहती कि ऐसा किसी के साथ भी हो। आप सभी लोग टीका जरूर लगवाओ। यह अपील क्रॉसिंग रिपब्लिक में रहने वाले वाली 10 वर्षीय उस बच्ची ने की है जिसने कोरोना की दूसरी लहर में अपना पूरा परिवार खो दिया था। अभी भी शहर के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं, जहां पर लोग न खुद टीका लगवाने के लिए आगे आते हैं और ना ही बच्चों को लगवा रहे हैं। यही कारण है कि एक साल बाद भी सभी का शत-प्रतिशत टीककारण नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंट लाइन वर्कर्स ने मारी बाजी
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज अग्रवाल का कहना है कि 16 जनवरी 2021 के टीकाकरण शुरू होने के बाद फ्रंट लाइन वर्कर्स ने 100 फीसदी टीकाकरण करा लिया है। स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों का आंकड़ा भी 99.14 फीसदी पहुंच गया है। अब इनका बूस्टर डोज भी तेजी से चल रहा है। हालांकि बुजुर्गों का टीकाकरण अभी 61.06 फीसदी पर रुका है। 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में 88.69 लोग टीकाकरण करा चुके हैं। डॉ. नीरज का कहना है कि अब 12 से 14 वर्ष की उम्र का टीकाकरण बढ़ा दिया गया है, जल्द ही सभी का टीकाकरण पूरा हो जाएगा।
मासिक धर्म पर नहीं है कोई दुष्प्रभाव
आईएमए की उपसचिव व महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. अल्पना कंसल का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में लड़कियों के टीकाकरण के बारे में भ्रांतियां बना दी गई थी कि टीका लगवाने से मासिक धर्म पर दुष्प्रभाव पड़ता है। हमारी टीम ने पिछड़े हुए क्षेत्रों में सर्वे किया और महिलाओं को जागरूक किया गया। उन्हें समझाया गया कि इस वैक्सीन से माहवारी पर कोई असर नहीं होता है। इसका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, इसलिए बेटियों को तनाव मुक्त होकर टीका लगवाना चाहिए। मां बनने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि किसी भी अफ वाह पर आंख बंदकर भरोसा न करें और वैक्सीन जरूर लगवाएं।
टीका लगवाने के लिए मस्जिदों से की गई थी अपील
शहर काजी मशरूर अब्बासी ने बताया कि शुरुआत में कुछ लोग टीका लगवाने से बच रहे थे। इसके बाद मस्जिदों से अपील कराई गई थी कि घर, परिवार और समाज को कोरोना से बचाने के लिए जरूरी है कि टीकाकरण कराया जाए, लोगों ने उत्साह के साथ टीका लगवाया। अब अधिकांश मोहल्लों में लोग टीकाकरण करा चुके हैं।
मंदिर में आने के लिए अनिवार्य किया गया था टीकाकरण
श्री दूधेश्वर नाथ मंदिर के श्रीमहंत नारायण गिरि ने बताया कि पहले लोग टीका कम लगवा रहे थे, इसके बाद अनिवार्य कर दिया गया था कि बिना टीका लगवाए मंदिर में प्रवेश वर्जित रहेगा। स्वयं सेवकों ने मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु से टीकाकरण प्रमाण पत्र की मांग करते थे, इसके बाद लोगों ने टीका लगवाना शुरू कर दिया।
प्रार्थना करने वाले को किया जाता था प्रोत्साहित
पादरी मानेश्वर दास ने बताया कि चर्च में प्रार्थना करने के लिए आने वाले उन लोगों को प्रोत्साहित किया जाता था जो टीकाकरण करा चुके थे, उनके लिए विशेष प्रार्थना की जाती थी, इसके बाद जो भी चर्च में सभी टीका लगवाकर आने लगे। अब सभी लोग टीका लगवा चुके हैं।
अब तक लगा कुल डोज - 5892171
पहला डोज - 3233737
दूसरा डोज - 2595380
बूस्टर डोज - 63054
पुरुष - 3200923
महिला - 2625465
अन्य - 2726
उम्र - टीका लगा
12 से 14 - 17755
15 से 17 - 354313
18 से 44 - 3884224
45 से 60 - 1082386
60 वर्ष से अधिक - 553493