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जटवाड़ा में सोतीगंज की तरह कटते मिले चोरी के वाहन
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जटवाड़ा में सोतीगंज की तरह कटते मिले चोरी के वाहन
गाजियाबाद। जैसे कभी मेरठ के सोतीगंज में बड़े पैमाने पर चोरी के वाहन खरीदे और काटे जाते थे, वैसे ही गाजियाबाद में सिहानी गेट के मोहल्ला जटवाड़ा वाहनों का कमेला चल रहा था। पुलिस ने गोदाम पर छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ लेकिन इससे पहले ही चार साल में 500 से ज्यादा वाहन काटे जा चुके थे। रमजानी नाम का कबाड़ी चार सौ रुपये रोज की दिहाड़ी पर वाहन काट रहा था। गोदाम मालिक सुनील उर्फ बिल्लू और उसका बेटा संजय रजौरिया चोरी के वाहन लेकर आते थे। दोनों फरार हैं।
पुलिस को मौके से दो बाइक, दो चेसिस, आठ साइलेंसर, 25 टंकी, चार हेड लाइट, 20 स्कूटी व बाइक के इंजन समेत अन्य सामान मिला। चोरी की 22 बाइक का सामान बरामद किया गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने रामजनी से की गई पूछताछ के हवाले से बताया कि वह हर महीने 10 से 15 वाहन काटता था। यह गोदाम पुराना बस अड्डा के पास जटवाड़ा मोहल्ले में गोदाम नंबर 246 में चल रहा था।
80 हजार की बाइक खरीदते थे पांच हजार में
रमजानी ने बताया कि गोदाम मालिक वाहन चोरों से बाइक खरीदते थे। 80 हजार की कीमत की बाइक चोर पांच हजार रुपये में बेच जाते हैं। 60 से 70 हजार कीमत वाली एक से दो साल पुरानी बाइक के तीन से चार हजार रुपये मिलते हैं। गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम से चोर यहां बाइक बेचने आते हैं।
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पुर्जे निकालकर दुकानों पर बेचते थे
जैसे सोतीगंज में वाहनों को काटकर उनके पुर्जे और अन्य हिस्से दुकानों पर बेचे जाते थे, वैसे ही यहां भी चल रहा था। रमजानी ने बताया कि दुकानदारों को ये पुर्जे बाजार मूल्य के आधे से कम में दे दिए जाते थे। जो बाइक पांच हजार में खरीदी, उसके पुर्जे आठ से दस हजार रुपये में बिक जाते थे।
लालकुआं और नंदग्राम में भी पकड़े जा चुके
मेरठ के सोतीगंज में कबाड़ियों का काम बंद हो जाने के बाद एनसीआर में वाहनों के कटने का काम तेज हो गया है। जटवाड़ा से पहले लालकुआं में गोदाम पकड़ा जा चुका है, वहां 1000 से ज्यादा वाहन कट चुके थे। नंदग्राम में भी वाहन काटे जाने का खुलासा हो चुका है।
30 दिन में 200 वाहन चोरी
जिले में हर महीने लगभग 200 वाहन चोरी हो रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चोरियां विजय नगर, कविनगर में हैं। इसके बाद लोनी, साहिबाबाद और इंदिरापुरम का नंबर है। व्यावसायिक स्थानों में सबसे ज्यादा वाहन चोरी आरडीसी में होती है।
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गाजियाबाद। जैसे कभी मेरठ के सोतीगंज में बड़े पैमाने पर चोरी के वाहन खरीदे और काटे जाते थे, वैसे ही गाजियाबाद में सिहानी गेट के मोहल्ला जटवाड़ा वाहनों का कमेला चल रहा था। पुलिस ने गोदाम पर छापा मारा तो इसका खुलासा हुआ लेकिन इससे पहले ही चार साल में 500 से ज्यादा वाहन काटे जा चुके थे। रमजानी नाम का कबाड़ी चार सौ रुपये रोज की दिहाड़ी पर वाहन काट रहा था। गोदाम मालिक सुनील उर्फ बिल्लू और उसका बेटा संजय रजौरिया चोरी के वाहन लेकर आते थे। दोनों फरार हैं।
पुलिस को मौके से दो बाइक, दो चेसिस, आठ साइलेंसर, 25 टंकी, चार हेड लाइट, 20 स्कूटी व बाइक के इंजन समेत अन्य सामान मिला। चोरी की 22 बाइक का सामान बरामद किया गया है। क्राइम ब्रांच प्रभारी अब्दुर रहमान सिद्दीकी ने रामजनी से की गई पूछताछ के हवाले से बताया कि वह हर महीने 10 से 15 वाहन काटता था। यह गोदाम पुराना बस अड्डा के पास जटवाड़ा मोहल्ले में गोदाम नंबर 246 में चल रहा था।
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80 हजार की बाइक खरीदते थे पांच हजार में
रमजानी ने बताया कि गोदाम मालिक वाहन चोरों से बाइक खरीदते थे। 80 हजार की कीमत की बाइक चोर पांच हजार रुपये में बेच जाते हैं। 60 से 70 हजार कीमत वाली एक से दो साल पुरानी बाइक के तीन से चार हजार रुपये मिलते हैं। गाजियाबाद, नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम से चोर यहां बाइक बेचने आते हैं।
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पुर्जे निकालकर दुकानों पर बेचते थे
जैसे सोतीगंज में वाहनों को काटकर उनके पुर्जे और अन्य हिस्से दुकानों पर बेचे जाते थे, वैसे ही यहां भी चल रहा था। रमजानी ने बताया कि दुकानदारों को ये पुर्जे बाजार मूल्य के आधे से कम में दे दिए जाते थे। जो बाइक पांच हजार में खरीदी, उसके पुर्जे आठ से दस हजार रुपये में बिक जाते थे।
लालकुआं और नंदग्राम में भी पकड़े जा चुके
मेरठ के सोतीगंज में कबाड़ियों का काम बंद हो जाने के बाद एनसीआर में वाहनों के कटने का काम तेज हो गया है। जटवाड़ा से पहले लालकुआं में गोदाम पकड़ा जा चुका है, वहां 1000 से ज्यादा वाहन कट चुके थे। नंदग्राम में भी वाहन काटे जाने का खुलासा हो चुका है।
30 दिन में 200 वाहन चोरी
जिले में हर महीने लगभग 200 वाहन चोरी हो रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा चोरियां विजय नगर, कविनगर में हैं। इसके बाद लोनी, साहिबाबाद और इंदिरापुरम का नंबर है। व्यावसायिक स्थानों में सबसे ज्यादा वाहन चोरी आरडीसी में होती है।