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फांसी की सजा के बाद जेल में बढ़ी वलीउल्लाह की सुरक्षा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2022 12:57 AM IST
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फांसी की सजा के बाद जेल में बढ़ी वलीउल्लाह की सुरक्षा
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गाजियाबाद। संकट मोचन मंदिर धमाके के मामले में फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद आतंकी वलीउल्लाह की डासना जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उसे पहले ही खास सुरक्षा इंतजाम वाले अहाते में रखा गया है। अब उसकी सुरक्षा के लिए बैरक के बाहर सिपाही 24 घंटे के लिए अलग से तैनात कर दिया है। आठ बैरक वाले अहाते में बंदीरक्षकों को अलर्ट किया गया है। ये गश्त के दौरान वलीउल्लाह पर अतिरिक्त निगरानी रखेंगे।
प्रयागराज के फूलपुर निवासी वलीउल्लाह को सोमवार को गाजियाबाद जिला जज की कोर्ट में संकट मोचन ब्लास्ट में फांसी के साथ ही दशाश्वमेघ घाट पर धमाके की साजिश में उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके बाद उसे कड़ी सुरक्षा में डासना जेल ले जाया गया। जेल के सूत्रों ने बताया कि सजा के बाद उसकी गतिविधियों में कोई खास बदलाव नहीं आया है। सुरक्षा एहतियात के तौर पर बढ़ाई गई है।
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फांसी की सजा पाने वाले कैदियों की मनोचिकित्सक से काउंसिलिंग भी कराई जाती है। इसके तहत वलीउल्लाह की काउंसिलिंग एमएमजी जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक ने मंगलवार को की। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने सुरक्षा बढ़ाए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि आतंकी गतिविधियों में शामिल कैदियों को विशेष सुरक्षा कक्ष में रखा जाता है। इन कैदियों को अन्य कैदियों से मिलने नहीं दिया जाता। वलीउल्लाह से कोई काम नहीं कराया जाता है।
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डीएम और एसएसपी ने किया बैरक का निरीक्षण
सजा सुनाए जाने के बाद डीएम और एसएसपी ने वलीउल्लाह की बैरक का निरीक्षण किया। साथ ही पूरे अहाते की सुरक्षा का जायजा लिया। इसके बाद ही वलीउल्लाह की सुरक्षा बढ़ाई गई।
केस वापसी की प्रक्रिया शुरू करने वालों पर कार्रवाई की मांग
गाजियाबाद। पूर्व आईएएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी आरटीआई एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर ने 2012 में वलीउल्लाह का केस वापस लिए जाने के मामले में कार्रवाई की मांग मुख्यमंत्री से की है। शासन को भेजे पत्र में उन्होंने कहा है कि वर्ष 2012 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने वलीउल्लाह व शमीम से गुपचुप तरीके से मुकदमा वापसी की प्रक्रिया शुरू की थी। तत्कालीन विशेष सचिव न्याय विभाग ने डीएम वाराणसी को पत्र लिखकर वाद वापसी के संबंध में 13 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। पूरे राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े मामले में वाद वापसी की प्रक्रिया शुरू किया जाना अत्यंत गंभीर और जघन्य कार्य था। दोनों आतंकियों की मुकदमा वापसी की कार्रवाई करने वालों की जांच कराकर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

हाईकोर्ट में की जाएगी अपील
गाजियाबाद कोर्ट में वलीउल्लाह की पैरवी करने वाले अधिवक्ता महेश कुमार का कहना है कि जिला एवं सत्र न्यायालय के आदेश की प्रति मिल चुकी है। सजा के फैसले के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील की जाएगी।
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