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यूरिया, पानी, रिफाइंड से बन रहा दूध, जांच में हर दूसरा नमूना फेल

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 01 Jun 2022 01:12 AM IST
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यूरिया, पानी, रिफाइंड से बन रहा दूध, जांच में हर दूसरा नमूना फेल
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गाजियाबाद। दूध में यूरिया, रिफाइंड, पानी और अन्य केमिकल की मिलावट जमकर हो रही है। सेहतमंद शरीर की खुराक से बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच में साल भर में 48 फीसदी दूध के नमूनों में कमियां मिली हैं। 2021-2022 में 278 नमूने जांच के लिए एकत्रित किए गए। इनमें से 64 नमूने जांच के बाद फेल पाए गए, 67 नमूने दूषित मिले, तीन नमूने गलत ब्रांड के मिले। इतना ही नहीं दूध और इससे तैयार होने वाले उत्पादों में मिलावट मिलने पर 410 के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया।
खाद्य पदार्थों में मिलावट कर घटिया और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक उत्पाद बेचने के मामले में जिले में दूध और इससे जुड़े उत्पादों के विक्रेता पहले नंबर हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा पिछले एक साल में करीब 30 खाद्य उत्पादों के नमूने फेल होने पर दो करोड़ 65 लाख का जुर्माना वसूला। इसमें 80 लाख रुपये का जुर्माना केवल दूध और इससे तैयार होने वाले उत्पादों में मिलावट करने वालों से वसूल किया गया। विभाग की टीमों ने 800 दूध के प्रतिष्ठानों और डेयरियों पर निरीक्षण कर सैंपल लिए थे। अधिकारियों का कहना है कि एफआईआर दर्ज कराने के अलावा ऐसे कारोबारियों पर टीमों को निगरानी करने के लिए निर्देश दिए जाते हैं, जिससे दोबारा ये मिलावट का काम शुरू न कर सकें। मिलावट की शिकायत अधिक मिलने से अब लोगों का भरोसा डेयरियों के मुकाबले पैकिंग में दूध बेचने वाली कंपनियों पर बढ़ा है।
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जांच के लिए उठाएं कदम
खाद्य आयुक्त विनीत कुमार ने बताया कि उत्पादों की लैब में जांच के बाद ही गुणवत्ता पता लगाना संभव हैं। इसके बावजूद दूध, खोया, पनीर, मक्खन को उपयोग में लाने पर उसके स्वाद, गंध और रंग संदिग्ध पाए जाने पर जांच के लिए ला सकते हैं। वहीं पैकेज्ड उत्पाद पर उसके बनाने में उपयोग किये गए तत्वों से इतर तत्व पाए जाने पर उसकी गुणवत्ता को जांच के दायरे में लाया जा सकता है।
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उपभोक्ता कर सकते हैं शिकायत
किसी भी उत्पाद की गुणवत्ता पर शंका होने पर उसे खाद्य सुरक्षा विभाग के कार्यालय लाया जा सकता है। यहां जांच के बाद नमूने फेल होने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा आईजीआरएस पोर्टल पर या हेल्पलाइन नंबर 1888-9636332 पर कॉल कर शिकायत की जा सकती है।

बीते चार साल में लिए गए दूध के नमूने
साल लिए गए नमूने फेल नमूने
2021-22 278 64
2020-21 56 29
2019-20 105 35
2018-19 103 32
पैकेज्ड दूध की बढ़ी मांग
2022 70 फीसदी
2021 60 से 67 फीसदी
2020 60 फीसदी
2019 50 से 55 फीसदी
2018 30 से 40 फीसदी
पांच साल में बढ़े दूध के दाम
2022 55 से 65 रुपये लीटर
2021 50 से 60 रुपये लीटर
2020 45 से 50 रुपये लीटर
2019 40 से 46 रुपये लीटर
2018 35 से 38 रुपये लीटर
घर पर ऐसे पकड़ें दूध में मिलावट :
दूध में पानी की मिलावट का पता करने के लिए दूध की एक बूंद को लेकर शीशे पर लेकर छोड़ दें। नीचे आते-आते बूंद शीशे पर पानी छोड़ देगी। इससे दूध में पानी की मिलावट की पहचान की जा सकती है। इसके अलावा मेडिकल स्टोर से आयोडीन टिंचर खरीद कर उबाले दूध के ठंडा होने पर उसमें डाल दें, रंग बदलने पर दूध में किसी भी तरह की मिलावट पकड़ी जा सकती है।
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