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बैंक के सेल्स मैनेजर ने किया 47 लाख रुपये का घोटाला
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बैंक के सेल्स मैनेजर ने किया 47 लाख रुपये का घोटाला
गाजियाबाद। आरडीसी स्थित उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा के चैनल सेल्स मैनेजर सुजीत सिसोदिया ने 29 लोगों के ऋण स्वीकृति से पहले उसकी प्रोसेसिंग फीस और ऋण की पहली किस्त अपने खातों में मंगवाकर 47 लाख रुपये का घोटाला किया है। साथ ही ग्राहकों से वसूली के लिए बैंक की ओर से फर्जी लेटर भेजकर परेशान करता रहा है। कई ग्राहक जब फर्जी लेटर लेकर बैंक पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले में बैंक प्रबंधक अंकित खन्ना ने सुजीत के खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के जोनल मैनेजर अंकित खन्ना ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन की फॉरच्यूनर रेजीडेंसी सोसायटी निवासी सुजीत सिसोदिया आरडीसी शाखा में चैनल सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह ग्राहकों के खाते खुलवाने और ऋण सुविधा में ग्राहकों की मदद करता था। सितंबर 2020 से अक्तूबर 2021 के बीच ऑडिट के दौरान सामने आया कि सुजीत ने शुल्क वसूलने के लिए बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए व्यक्तिगत खाते और अपने परिचितों के खातों का इस्तेमाल किया है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि बैंक से संपर्क कर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
फर्जी तरीके से किया बैंक के लेटर हेड का इस्तेमाल
सुजीत ने फर्जीवाड़ा करने के लिए ऋण स्वीकृति से अधिक की राशि लिखकर बैंक के लेटर हेड का इस्तेमाल किया। इसमें सुजीत ने स्वीकृत ऋण से अधिक की राशि भरकर ग्राहकों से उसके अनुसार ज्यादा किस्त अपने खातों में मंगवाई। प्रक्रिया के अनुसार ऋण स्वीकृत 15 तारीख से अगले महीने की 5 तारीख तक होता है। इसकी ईएमआई अवधि का अंतराल लगाकर उसने हर माह की 15 तारीख के बाद ऋण की पहली किस्त अपने खातों में मंगवाता रहा।
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गाजियाबाद। आरडीसी स्थित उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक की शाखा के चैनल सेल्स मैनेजर सुजीत सिसोदिया ने 29 लोगों के ऋण स्वीकृति से पहले उसकी प्रोसेसिंग फीस और ऋण की पहली किस्त अपने खातों में मंगवाकर 47 लाख रुपये का घोटाला किया है। साथ ही ग्राहकों से वसूली के लिए बैंक की ओर से फर्जी लेटर भेजकर परेशान करता रहा है। कई ग्राहक जब फर्जी लेटर लेकर बैंक पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। मामले में बैंक प्रबंधक अंकित खन्ना ने सुजीत के खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक लिमिटेड के जोनल मैनेजर अंकित खन्ना ने बताया कि राजनगर एक्सटेंशन की फॉरच्यूनर रेजीडेंसी सोसायटी निवासी सुजीत सिसोदिया आरडीसी शाखा में चैनल सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। वह ग्राहकों के खाते खुलवाने और ऋण सुविधा में ग्राहकों की मदद करता था। सितंबर 2020 से अक्तूबर 2021 के बीच ऑडिट के दौरान सामने आया कि सुजीत ने शुल्क वसूलने के लिए बैंक के साथ धोखाधड़ी करते हुए व्यक्तिगत खाते और अपने परिचितों के खातों का इस्तेमाल किया है। कविनगर थाना प्रभारी आनंद प्रकाश मिश्रा का कहना है कि बैंक से संपर्क कर दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है। आरोपी की तलाश की जा रही है।
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फर्जी तरीके से किया बैंक के लेटर हेड का इस्तेमाल
सुजीत ने फर्जीवाड़ा करने के लिए ऋण स्वीकृति से अधिक की राशि लिखकर बैंक के लेटर हेड का इस्तेमाल किया। इसमें सुजीत ने स्वीकृत ऋण से अधिक की राशि भरकर ग्राहकों से उसके अनुसार ज्यादा किस्त अपने खातों में मंगवाई। प्रक्रिया के अनुसार ऋण स्वीकृत 15 तारीख से अगले महीने की 5 तारीख तक होता है। इसकी ईएमआई अवधि का अंतराल लगाकर उसने हर माह की 15 तारीख के बाद ऋण की पहली किस्त अपने खातों में मंगवाता रहा।
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