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चार लाख में जीडीए देगा आशियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 19 Aug 2016 12:54 AM IST
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प्रॉपर्टी, फ्लैट, हाउस
- फोटो : डेमो फोटो
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जीडीए पहली बार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर (ईडब्ल्यूएस) लोगों के लिए 480 फ्लैट बनाएगा। 30 वर्गमीटर में दो कमरों के प्रति फ्लैट की कीमत साढे़ छह लाख रुपये होगी लेकिन इसमें डेढ़ लाख रुपये केंद्र सरकार और एक लाख रुपये राज्य सरकार अनुदान के रूप में देगी।
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इस तरह फ्लैट की कीमत चार लाख रुपये रह जाएगी। दरअसल जीडीए मधुबन-बापूधाम में ईडब्ल्यूएस के लिए 256 मकान बनाने जा रहा है। पहले इन मकानों का प्रधानमंत्री आवास योजना से कोई लेना देना नहीं था। इन मकानों के लिए दो महीने पहले टेंडर निकाला गया था।
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अधिशासी अभियंता चकरेश जैन ने बताया कि अगले सप्ताह निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा। सूत्रों ने इन मकानाें को भी प्रधानमंत्री आवास योजना में शामिल किए जाने की संभावना जताई है।
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जीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 480 ईडब्ल्यूएस मकानों के लिए अभी जमीन चिह्नित नहीं की गई है। अगले करीब दो महीने में डिजाइन और एस्टिमेट तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद प्रोजेक्ट का ब्योरा नगर निगम को सौंपा जाएगा।
उन्होंने बताया कि जीडीए मकान बनाएगा लेकिन इस योजना में पात्र परिवारों को आवास प्रदान करने की जिम्मेदारी नगर निगम या सूडा की होगी। ईडब्ल्यूएस तीन लाख तक सालाना आय वर्ग वाले परिवार माने जाएंगे। इन्हें होम लोन के ब्याज पर सब्सिडी दी जाएगी। यह ब्याज सब्सिडी 6.5 प्रतिशत की दर से 15 वर्ष की अवधि के लिए केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी।
क्रॉस सब्सिडी के आधार पर बनेंगे मकान
अधिकारी ने बताया कि ईडब्ल्यूएस मकान क्रॉस सब्सिडी के आधार पर बनाए जाएंगे। क्रॉस सब्सिडी का मतलब होता है एचआईजी मकानों की वास्तविक कीमत से अधिक वसूली गई राशि को ईडब्ल्यूएस मकान के निर्माण में खर्च करना।
एक ईडब्ल्यूएस फ्लैट के निर्माण में करीब 11 लाख की लागत आती है जबकि बेचा जाता है सात लाख के आसपास। यह चार लाख की राशि की व्यवस्था एचआईजी से की जाती है।
एलआईजी के लिए न जमीन है न मांग
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 6 लाख तक सालाना आय वाले निम्न आय वर्ग (एलआईजी) के लिए भी मकान बनाने का प्रावधान है। इस बारे में सीएटीपी इश्तियाक अहमद ने बताया कि जीडीए शुरू से एलआईजी फ्लैट्स बनाता आया है लेकिन अब गाजियाबाद में एलआईजी फ्लैट्स की मांग नहीं है। वहीं एलआईजी फ्लैट्स बनाने के लिए जीडीए के पास अब जमीन भी नहीं बची है। इस स्थिति से शासन को अवगत करा दिया गया है।
पीएम आवास योजना में सरकार ने अब ली है रुचि
दस अगस्त को लखनऊ में राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए कार्यशाला आयोजित की थी। इसमें विकास प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाया गया था। कार्यशाला में प्राधिकरणों को प्रधानमंत्री आवास योजना को अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए गए थे। बता दें कि ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-सबके लिए आवास (शहरी) मिशन’ का शुभारंभ 25 जून 2015 को किया गया था लेकिन मिशन के क्रियान्वयन में राज्य सरकार ने अब रुचि ली है।