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Ghaziabad News: ई-ऑफिस प्रणाली से लैस हुआ जीडीए, चार महीने में 12 हजार फाइलें निपटीं

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 11:32 PM IST
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GDA equipped with e-office system, 12 thousand files processed in four months
गाजियाबाद। एक सितंबर को ई-ऑफिस में तब्दील हुए गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने चार महीने में 12 हजार फाइलें निपटा दीं हैं। ई-ऑफिस प्रणाली होने के बाद फाइलों की डिजिटल ट्रेकिंग की जा रही है। दफ्तर पेपरलैस हो गए हैं। इससे जहां को काम निपटाने और फाइलों के निस्तारण में सहूलियत हो रही है। वहीं, जीडीए के योजनाओं से जुड़े आवंटियों और संपत्तिधारकों को भी काफी राहत मिली है।
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जीडीए वीसी अतुल वत्स का कहना है कि प्राधिकरण ने प्रशासनिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए ई-ऑफिस प्रणाली का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन किया है। यह डिजिटल परिवर्तन पहल नागरिकों को तेज और प्रभावी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब किसी भी फाइल के निस्तारण में कई दिन या कई महीने नहीं लग रहे हैं। हर पटल को ई-ऑफिस से जोड़ा गया है। आने वाले दिनों में इस प्रणाली का और लाभ प्राप्त हो सकेगा। सारा डेटा ऑनलाइन किया जा रहा है। एक सितंबर से 10 जनवरी तक 12,205 फाइलें निपटाई जा चुकी हैं। केवल 2,356 फाइलें लंबित हैं। पेपर वर्क में कमी से विभागीय समन्वय को और बेहतर बनाया गया है।
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ई-ऑफिस प्रणाली की विशेषताएं और उपलब्धियां :

प्रशासनिक विभाग : कुल 1,046 फाइलें निपटीं।

इंजीनियरिंग विभाग : 2,199 फाइलों में 60 दिनों में 402 मामले निपटाए।

संपत्ति प्रबंधन विभाग : 1,325 मामलों का समाधान किया गया।
भूमि अधिग्रहण, योजना, और निर्माण जैसे विभागों में भी प्रगति हुई।



लंबित फाइलों की संख्या हुई नियंत्रित :
सात दिनों में 630 फाइलें निपटीं




इसी महीने लागू हो जाएगा पीएमएस
जीडीए इसी महीने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसका प्रजेंटेशन भी हो चुका है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद एक क्लिक पर संपत्ति का ब्यौरा देखा जा सकेगा। हर संपत्ति की यूनिक आईडी होगी। कोई भी आवंटी आइडी नंबर और पासवर्ड सिस्टम में डालकर संबंधित संपत्ति का पूरा पर ब्यौरा देख सकेंगे। जैसे संपत्ति किस योजना की है। पहली बार किसे आवंटित हुई। किस बैंक से कर्ज है। नो ड्यूज कब मिला, एरिया, लोकेशन, नामांतरण कब हुआ समेत अन्य जानकारी एक क्लिक पर मिल सकेगी। जीडीए वीसी अतुल वत्स का कहना है कि पीएमएस के लागू होने के बाद संपत्ति से संबंधित फाइलों के लिए लोगों को दफ्तर के चक्कर नहीं लगाने होंगे। काम में और पारदर्शिता आएगी।
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