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Ghaziabad News: ट्रैक्टर ने स्कूटी को मारी टक्कर, पहिये के नीचे आकर 11 साल की बच्ची की मौत
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इसी ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर। संवाद
- फोटो : Archive
इंदिरापुरम (गाजियाबाद)। यातायात नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर दौड़ रहे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने त्योहार के दिन एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। इंदिरापुरम के नीतिखंड में मनोज विहार सोसायटी के सामने गिट्टी से ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली ने सोमवार दोपहर एक बजे स्कूटी सवार भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में 11 साल की दिविषा का सिर ट्रॉली के पहिये के नीचे कुचल गया और मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका भाई बाल-बाल बच गया। चालक ट्रैक्टर छोड़कर भाग गया। जांच में ट्रैक्टर की फिटनेस और बीमा चार साल से खत्म मिला और ट्रॉली ओवरलोड थी।
एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि दिविषा वसुंधरा स्थित एमिटी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा थी। भाई प्रथम ग्रेटर नोएडा के शिव नादर विश्वविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र है। पिता संदीप नोएडा की आईबीएम कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। परिवार मूल रूप से जालंधर का रहने वाला है और 15 साल से अहिंसा खंड की रायसन होम्स सोसायटी में रह रहा है। हादसे की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। ट्रैक्टर पर पहले से ही पांच-पांच हजार रुपये के तीन चालान हैं।
कन्या पूजन के लिए निकली थी दिविषा
पुलिस के मुताबिक, रामनवमी पर दिविषा भाई प्रथम के साथ स्कूटी से शिप्रा सृष्टि सोसायटी में रहने वाली एक आंटी के घर कन्या पूजन के लिए जा रही थी। दिविषा की आंटी पहले उसी सोसायटी में रहती थीं और दोनों परिवारों में अच्छा मेलजोल था। दिविषा अक्सर उनके घर आती-जाती थी। हादसे की सूचना पर आंटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा कि पता होता तो कभी नहीं बुलाती।
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बिना फिटनेस-बीमा दौड़ रहा था ट्रैक्टर
हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। रोजाना ओवरलोड वाहन पुलिस के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। इस ट्रैक्टर की फिटनेस और बीमा चार साल से खत्म था, फिर भी उस पर बदरपुर और गिट्टी लादकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। टीएचए की सड़कों पर ऐसे वाहन पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश में टीम लगी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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एसीपी इंदिरापुरम सूर्यबली मौर्य ने बताया कि दिविषा वसुंधरा स्थित एमिटी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा थी। भाई प्रथम ग्रेटर नोएडा के शिव नादर विश्वविद्यालय में बीटेक प्रथम वर्ष का छात्र है। पिता संदीप नोएडा की आईबीएम कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। परिवार मूल रूप से जालंधर का रहने वाला है और 15 साल से अहिंसा खंड की रायसन होम्स सोसायटी में रह रहा है। हादसे की खबर से परिवार में चीख-पुकार मच गई। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। ट्रैक्टर पर पहले से ही पांच-पांच हजार रुपये के तीन चालान हैं।
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कन्या पूजन के लिए निकली थी दिविषा
पुलिस के मुताबिक, रामनवमी पर दिविषा भाई प्रथम के साथ स्कूटी से शिप्रा सृष्टि सोसायटी में रहने वाली एक आंटी के घर कन्या पूजन के लिए जा रही थी। दिविषा की आंटी पहले उसी सोसायटी में रहती थीं और दोनों परिवारों में अच्छा मेलजोल था। दिविषा अक्सर उनके घर आती-जाती थी। हादसे की सूचना पर आंटी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। उन्होंने कहा कि पता होता तो कभी नहीं बुलाती।
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बिना फिटनेस-बीमा दौड़ रहा था ट्रैक्टर
हादसे के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। रोजाना ओवरलोड वाहन पुलिस के सामने से गुजरते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती। इस ट्रैक्टर की फिटनेस और बीमा चार साल से खत्म था, फिर भी उस पर बदरपुर और गिट्टी लादकर सड़कों पर दौड़ाया जा रहा था। टीएचए की सड़कों पर ऐसे वाहन पुलिस को खुली चुनौती दे रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी चालक की तलाश में टीम लगी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।