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Ghaziabad: खुद के साथ हुई ठगी तो ठगी को बनाया धन्धा, टेलीग्राम से बनाते थे शिकार, चार गिरफ्तार

Mon, 20 Jun 2022 11:12 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 20 Jun 2022 11:12 PM IST
सार

एसपी क्राइम ने बताया शातिरों के पास बरामद एक खाते में 20 करोड़ रुपये का लेन-देन सामने आया है। शातिर ने करीब 500 खाते खुलवा रखे हैं। इनमें से 270 खातों में 35 लाख रुपये फ्रीज कराए गए हैं। अन्य खातों के बारे में जानकारी की जा रही है।

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Gang of cheating with loan app running through telegram four arrested
Arrested demo - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर सेल और इंदिरापुरम पुलिस ने लोन एप से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम अभी केवल गिरोह के उन चार शातिरों को गिरफ्तार कर पाई है जो लोन एप के जरिये की जा रही ठगी रकम मंगवाने के लिए बैंक खाते खुलवाते हैं। चालू खाता खुलवाने के एक लाख रुपये और बचत खाता खुलवाने के 50 हजार रुपये कमीशन लेते हैं। ये लोग इनमें से 10 से 20 हजार रुपये गरीब लोगों को देकर उनके दस्तावेज लेकर खाते खुलवाते हैं। लोन एप से ठगी करने का गंग टेलीग्राम के माध्यम से चल रहा है। शातिर दो साल में सैकड़ों लोगों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुके है।

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एसपी क्राइम डा. दीक्षा शर्मा ने बताया कि दिल्ली के केशवपुरम निवासी उस्मान, उसके भाई फुरकान, प्रतापगढ़ के गडवारा निवासी सुनील कुमार और पीलीभीत के बरखेड़ा निवासी बलराम गंगवार को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में शातिरों ने बताया कि वह दिल्ली में बैठकर गरीब लोगों को रुपये का लालच देकर उनके दस्तावेज लेते हैं और बैंक खाते खुलवाते हैं। इसके बाद खाते की चेक बुक, पासबुक, डेबिट कार्ड और इंटरनेट बैंकिंग खुद चलाते हैं। इसकी जानकारी वह टेलीग्राम के जरिये गैंग के सरगना को दे देते हैं जो इंटरनेट बैंकिंग के जरिये ठगी की रकम और अपने खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। 
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खुद के साथ हुई ठगी तो शुरू किया ठगी का काम
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि शातिर उस्मान ( 35 ) आठवीं पास है। दो साल पहले खुद के साथ व्यापार करने के नाम पर ठगी हुई तो वह टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा। जिसमें लोन एप के जरिये ठगी का काम होता है। सुनील कुमार (28) बीए, बलराम गंगवार (28) बीटेक सीएसई और फुरकान (30) 12वीं पास है। बलराम गंगवार एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। कोरोना काल में नौकरी छूटने पर उसने ठगी का काम शुरू किया। जबकि उस्मान, सुनील और फुरकान छोटा मोटा काम करते थे।

ये सामान किय बरामद
साइबर सेल ने शातिरों के पास से 247 डेबिट व क्रेडिट कार्ड, 14 पासबुक, 195 चेक बुक, 12 पैन कार्ड, 18 आधार कार्ड, 15 मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, सात वोटर आईडी कार्ड, एक पेटीएम स्वैप मशीन, दो क्यूआर कोड, 70 हजार की नकदी, लैपटॉप और एक कार बरामद की है।

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