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लैकफेड घोटाला: दो पीसीएस अफसर समेत चार के गैर जमानती वारंट जारी
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:36 AM IST
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यूपी श्रम एवं निर्माण सहकारी संघ (लैकफेड) में तैनात रहे दो पीसीएस अफसरों समेत चार आरोपियों के सीबीआई कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने सीबीआई को आदेश दिया है कि वह 13 जनवरी तक आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करे।
लैकफेड के इस मामले के जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा ने चार्जशीट में बताया है कि लैकफेड एक निर्माण कार्य करने वाली संस्था है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर इस संस्था को एनआरएचएम फंड से सरकारी अस्पतालों के लिए बेड, गद्दे आदि कई तरह के सामान की खरीद का अधिकार दे दिया गया।
इसमें अधिकारियों ने सरकारी धन की जमकर बंदरबांट की। जांच में आया है कि आरोपियों ने करीब 4.5 करोड़ रुपये का चूना सरकार को लगाया। महंगे दामों पर सामान खरीदा गया।
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सीबीआई ने इसमें लैकफेड के एमडी बीपी सिंह, जीएम एडमिनिस्ट्रेशन पंकज त्रिपाठी, एकाउंटेंट अनिल कुमार अग्रवाल और चीफ इंजीनियर गोविंद भूषण श्रीवास्तव, ठेकेदार अमिताभ श्रीवास्तव के अलावा अंशुल श्रीवास्तव और प्रदीप राठौर को आरोपी बनाया है। इनमें पंकज त्रिपाठी और बीपी सिंह पीसीएस अफसर हैं।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सिर्फ अमिताभ श्रीवास्तव ही कोर्ट में पेश हुए। प्रदीप राठौर और अंशुल श्रीवास्तव की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा हाजिरी माफी की अर्जी पेश कर दी गई। आरोपी गोविंद भूषण, पंकज त्रिपाठी, बीपी सिंह और अनिल कुमार अग्रवाल के पेश न होने पर विशेष न्यायाधीश ने चारों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।
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लैकफेड के इस मामले के जांच अधिकारी सीबीआई इंस्पेक्टर मुकेश वर्मा ने चार्जशीट में बताया है कि लैकफेड एक निर्माण कार्य करने वाली संस्था है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर इस संस्था को एनआरएचएम फंड से सरकारी अस्पतालों के लिए बेड, गद्दे आदि कई तरह के सामान की खरीद का अधिकार दे दिया गया।
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इसमें अधिकारियों ने सरकारी धन की जमकर बंदरबांट की। जांच में आया है कि आरोपियों ने करीब 4.5 करोड़ रुपये का चूना सरकार को लगाया। महंगे दामों पर सामान खरीदा गया।
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सीबीआई ने इसमें लैकफेड के एमडी बीपी सिंह, जीएम एडमिनिस्ट्रेशन पंकज त्रिपाठी, एकाउंटेंट अनिल कुमार अग्रवाल और चीफ इंजीनियर गोविंद भूषण श्रीवास्तव, ठेकेदार अमिताभ श्रीवास्तव के अलावा अंशुल श्रीवास्तव और प्रदीप राठौर को आरोपी बनाया है। इनमें पंकज त्रिपाठी और बीपी सिंह पीसीएस अफसर हैं।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान सिर्फ अमिताभ श्रीवास्तव ही कोर्ट में पेश हुए। प्रदीप राठौर और अंशुल श्रीवास्तव की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा हाजिरी माफी की अर्जी पेश कर दी गई। आरोपी गोविंद भूषण, पंकज त्रिपाठी, बीपी सिंह और अनिल कुमार अग्रवाल के पेश न होने पर विशेष न्यायाधीश ने चारों के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए।