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Ghaziabad News: बाढ़ से प्रभावित पांच हजार लोग पहुंचे रिश्तेदारों के घर
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गाजियाबाद। हिंडन में आई बाढ़ का पानी दस गांव की आबादी में पहुंच गया है। 20 से ज्यादा गांवों के खेतों में भर गया है। दस गांवों से लगभग छह हजार लोग घर छोड़कर चले गए हैं। पांच हजार अपने रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। बड़ी संख्या में लोग घरों की छतों पर रह रहे हैं। दस हजार से ज्यादा आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रशासन के राहत शिविरों में सिर्फ एक हजार पहुंचे हैं। राहत एवं बचाव में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 20-20 टीमें लगी हैं। आपदा बचाव प्रभारी विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अटौर नंगला और मोरटी में एक हजार व करहेड़ा में पांच हजार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। अटौर और करहेड़ा के पास बनाए गए शिविर में एक हजार लोगों ने शरण ली है। पांच हजार लोगों ने सगे संबंधियों के पास शरण ली है।
700 से अधिक कर्मचारी लगाए-
करेहड़ा के कंपोजिट विद्यालय में बने राहत शिविर में महापौर सुनीता दयाल ने लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत में नगर निगम के 700 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। बच्चों के लिए दूध और बिस्कुट की व्यवस्था कराई है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बाढ़ पीडितों से मुलाकात कर हालचाल जाना। शिविर में एसडीएम सदर विनय सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण यादव, सीडीओ विक्रमादित्य सिंह, एडीएम विवेक श्रीवास्तव सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
गृह प्रवेश के 20 दिन बाद ही छोड़ना पड़ा घर
अटौर गांव में पानी भरने से लोग बेघर हो गए हैं। 50 वर्षीय जीरामती देवी का घर भी इसकी चपेट में आ गया है। जीरामती ने बताया कि बहुत मुश्किल से पाई पाई जोड़कर और कर्ज लेकर ये घर लिया था। तीन जुलाई को ही गृहप्रवेश किया था और 20 दिन भी घर में नहीं रहे कि पानी भर गया।जीरामती ने बताया कि पति पुताई का काम करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं। पति और बच्चों ने ये घर लेने से मना किया था फिर भी सबसे लड़ झगड़ के ये घर खरीदा, जिससे रहने के लिए एक छत हो जाए। इसके लिए पाई पाई जोड़ी थी और दूसरों से कर्ज लिया हुआ है। जबरदस्ती घर लेने की वजह से पति भी छोड़ कर चला गया था। 20 दिन भी घर में नहीं रह पाए कि सारे घर में पानी भर गया। पानी इतनी तेजी से भरा कि सामान निकालने का वक्त भी नहीं मिला।
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40 लोगों को बाढ़ से निकाला
फर्रुखनगर के असालतपुर में बाढ़ के पानी के फंसे 40 लोगों को पुलिस प्रशासन की टीम ने निकालकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया। एसीपी शालीमार गार्डन सूर्यबली मौर्य ने बताया कि असालतपुर में हिंडन नदी का पानी पहुंचने से जलस्तर बढ़ गया था। रविवार शाम को कई परिवारों के फंसे होने का पता चला। तत्काल टीम संग जाकर सभी लोगों को बाहर निकलवाया गया। इसमें से 15 लोगों को एक निजी मकान में शरण मिलने पर रुकवाया गया जबकि अन्य 35 लोगाें को बरातघर में रुकवाया गया।
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700 से अधिक कर्मचारी लगाए-
करेहड़ा के कंपोजिट विद्यालय में बने राहत शिविर में महापौर सुनीता दयाल ने लोगों का हालचाल जाना। उन्होंने बताया कि बाढ़ राहत में नगर निगम के 700 से अधिक कर्मचारी लगाए गए हैं। बच्चों के लिए दूध और बिस्कुट की व्यवस्था कराई है। नगर आयुक्त डॉ. नितिन गौड़ ने बाढ़ पीडितों से मुलाकात कर हालचाल जाना। शिविर में एसडीएम सदर विनय सिंह, अपर नगर आयुक्त अरुण यादव, सीडीओ विक्रमादित्य सिंह, एडीएम विवेक श्रीवास्तव सहित नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
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गृह प्रवेश के 20 दिन बाद ही छोड़ना पड़ा घर
अटौर गांव में पानी भरने से लोग बेघर हो गए हैं। 50 वर्षीय जीरामती देवी का घर भी इसकी चपेट में आ गया है। जीरामती ने बताया कि बहुत मुश्किल से पाई पाई जोड़कर और कर्ज लेकर ये घर लिया था। तीन जुलाई को ही गृहप्रवेश किया था और 20 दिन भी घर में नहीं रहे कि पानी भर गया।जीरामती ने बताया कि पति पुताई का काम करते हैं और उनके तीन बच्चे हैं। पति और बच्चों ने ये घर लेने से मना किया था फिर भी सबसे लड़ झगड़ के ये घर खरीदा, जिससे रहने के लिए एक छत हो जाए। इसके लिए पाई पाई जोड़ी थी और दूसरों से कर्ज लिया हुआ है। जबरदस्ती घर लेने की वजह से पति भी छोड़ कर चला गया था। 20 दिन भी घर में नहीं रह पाए कि सारे घर में पानी भर गया। पानी इतनी तेजी से भरा कि सामान निकालने का वक्त भी नहीं मिला।
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40 लोगों को बाढ़ से निकाला
फर्रुखनगर के असालतपुर में बाढ़ के पानी के फंसे 40 लोगों को पुलिस प्रशासन की टीम ने निकालकर सुरक्षित स्थानाें पर पहुंचाया। एसीपी शालीमार गार्डन सूर्यबली मौर्य ने बताया कि असालतपुर में हिंडन नदी का पानी पहुंचने से जलस्तर बढ़ गया था। रविवार शाम को कई परिवारों के फंसे होने का पता चला। तत्काल टीम संग जाकर सभी लोगों को बाहर निकलवाया गया। इसमें से 15 लोगों को एक निजी मकान में शरण मिलने पर रुकवाया गया जबकि अन्य 35 लोगाें को बरातघर में रुकवाया गया।