{"_id":"586a9b844f1c1bc652158b02","slug":"fire-department-who-bought-luxury-cars","type":"story","status":"publish","title_hn":"लग्जरी कारें खरीदने वाले आयकर विभाग के निशाने पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लग्जरी कारें खरीदने वाले आयकर विभाग के निशाने पर
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Mon, 02 Jan 2017 11:57 PM IST
विज्ञापन
income tax
- फोटो : income tax
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोटबंदी के दौरान यानी आठ नवंबर के बाद जिन लोगों ने लग्जरी कारें खरीदी हैं, वह आयकर विभाग के निशाने पर आ गए हैं। आयकर विभाग ने ऐसे लोगों की जानकारी लेने की तैयारी कर ली है। गाजियाबाद के कार संचालकों और आरटीओ से भी ब्योरा मांगने की दिशा से काम चल रहा है, जल्द ही इन्हें आयकर की ओर से पत्र भेजा भेजा जाएगा।
परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नवंबर और दिसंबर में 2435 कारें व एसयूवी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें से करीब एक हजार वाहन लग्जरी श्रेणी के हैं। इन वाहनों कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है।
उस वक्त मार्केट में कैश की कमी थी, तब कैसे इतने वाहन बिक गए। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग अब इन वाहन स्वामियों की लिस्ट तैयार कर रहा है ताकि इनसे पूछताछ की जा सके। एआरटीओ विश्वजीत सिंह का कहना है कि विभाग के पास कैटेगरी वाइज हर वाहनों का डाटा रहता है। आयकर विभाग के डाटा मांगने पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
- कुछ बैंकों में नहीं पहुंचा कैश
सैलरी डे होने के बाद भी कुछ बैंकाें में कैश नहीं पहुंचा। जहां पहुंचा, वहां पेंशनधारकों और कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से कैश दिया गया। सिंडिकेट बैंक में चार हजार रुपये दिए गए। जबकि पीएनबी में जो पहले कैश था, वही बांटा गया।
एसबीआई में भी निर्धारित कैश से कम ही दिया गया। शहर से दूर बैंक शाखाओं में परेशानी रही। वहां पर कैश नहीं पहुंचा। जिस कारण लोगों को कैश नहीं मिला। दूसरी ओर शहर के अधिकांश एटीएम अब भी शुरू नहीं हो सके हैं, जो चल रहे हैं, उसमें दो हजार के नोट ही निकल रहे हैं।
विज्ञापन
परिवहन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार नवंबर और दिसंबर में 2435 कारें व एसयूवी वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ है। इसमें से करीब एक हजार वाहन लग्जरी श्रेणी के हैं। इन वाहनों कीमत 10 लाख रुपये से अधिक है।
विज्ञापन
उस वक्त मार्केट में कैश की कमी थी, तब कैसे इतने वाहन बिक गए। सूत्रों के अनुसार आयकर विभाग अब इन वाहन स्वामियों की लिस्ट तैयार कर रहा है ताकि इनसे पूछताछ की जा सके। एआरटीओ विश्वजीत सिंह का कहना है कि विभाग के पास कैटेगरी वाइज हर वाहनों का डाटा रहता है। आयकर विभाग के डाटा मांगने पर उपलब्ध कराया जाएगा।
विज्ञापन
- कुछ बैंकों में नहीं पहुंचा कैश
सैलरी डे होने के बाद भी कुछ बैंकाें में कैश नहीं पहुंचा। जहां पहुंचा, वहां पेंशनधारकों और कर्मचारियों को जरूरत के हिसाब से कैश दिया गया। सिंडिकेट बैंक में चार हजार रुपये दिए गए। जबकि पीएनबी में जो पहले कैश था, वही बांटा गया।
एसबीआई में भी निर्धारित कैश से कम ही दिया गया। शहर से दूर बैंक शाखाओं में परेशानी रही। वहां पर कैश नहीं पहुंचा। जिस कारण लोगों को कैश नहीं मिला। दूसरी ओर शहर के अधिकांश एटीएम अब भी शुरू नहीं हो सके हैं, जो चल रहे हैं, उसमें दो हजार के नोट ही निकल रहे हैं।