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Ghaziabad News: जीडीए कर्मी, उनकी पत्नी समेत तीन पर 58 लाख की धोखाधड़ी की प्राथमिकी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 05 Jan 2026 01:07 AM IST
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FIR lodged against GDA employee, his wife and three others for fraud of Rs 58 lakh
गाजियाबाद। मोरटी में ढाई बीघा जमीन दिलाने के नाम पर विधवा से 58 लाख की धोखाधड़ी की घटना सामने आई है। इस मामले में महिला ने जीडीए अमीन महिपाल सिंह, उनकी पत्नी प्रिया सिंह समेत तीन के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
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नंदग्राम स्थित भट्ठा रोड निवासी शांता रानी ने बताया कि उनके पति इंद्रपाल की 2020 में मौत हो चुकी है। महिपाल सिंह जीडीए में अमीन हैं। उसने खुद को पूर्व मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर उनको अपना परिचय दिया था और इसी बहाने नजदीकी बना ली। 2020 में महिपाल ने उनको प्रस्ताव दिया कि मोरटी गांव में ढाई बीघा जमीन है। इसको खरीदने पर अच्छा फायदा होगा। उसकी बातों पर भरोसा करके उन्होंने महिपाल सिंह, उनकी पत्नी प्रिया सिंह निवासी कर्पूरीपुरम, गोविंदपुरम को दो बार में 58 लाख रुपये दे दिए। सौदा कराने में दौलतपुरा निवासी सुभाष भी शामिल रहे।
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2021 में बैनामे की बात तय हुई, लेकिन एक साल से भी अधिक समय गुजरने के बाद भी आरोपी ने बैनामा नहीं कराया। बार-बार कहने के बाद भी उसने इकरारनामा तक भी नहीं कराया। मांगने पर आरोपियों ने पैसा भी नहीं लौटाया। हाल ही में उन्होंने कह दिया कि उन्होंने जानबूझकर उनको फंसाया था। कहीं कोई जमीन उनको नहीं दिलानी थी। इसके बाद वह नंदग्राम थाने पहुंची और शिकायत दी। बाद में उनको पता चला कि जिस जमीन को उनको दिलाने की बात तय हुई थी, वह किसी और को पहले ही बेची जा चुकी थी। जिन लोगों ने जमीन को खरीदा था, वह महिपाल को पहचानते भी नहीं थे, लेकिन यह जमीन पहले जिसके नाम थी, वह उनका परिचित था। आरोप है कि आरोपी इसी तरह कई लोगों को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसा चुके हैं। इस बारे में एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि शिकायतकर्ता से साक्ष्य मांगे गए हैं। नामजदों से पूछताछ होगी। इस संबंध में जीडीए अधिकारियों से भी बात की जाएगी।
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-कभी था जीडीए में दबदबा : शांता रानी ने बताया कि बसपा सरकार में आरोपी का जीडीए में पूरा दबदबा रहा। अमीन होने की वजह से उसको जमीनों के खसरा, रकबा आदि की काफी जानकारी थी। कई बड़े अफसर भी उसके प्रभाव में रहे। इसी वजह से उसने तमाम लोगों को इसी तरह झांसा देकर ठगा। आरोपी ने इसी काम के जरिये करोड़ों की संपत्ति इकट्ठा कर ली। शांता ने बताया कि वह आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच कराने के लिए भी मुख्यमंत्री को लिख चुकी हैं। यदि इसकी निष्पक्ष जांच हुई तो बड़ा गिरोह उजागर होगा।
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