{"_id":"579a4f9c4f1c1b967021e4f0","slug":"father-son-life-imprisonment","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिता-पुत्र को आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिता-पुत्र को आजीवन कारावास
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 12:40 AM IST
विज्ञापन
कोर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
9 फरवरी 2009 को सिहानी गेट थाना क्षेत्र के राकेश मार्ग पर हुए सचिन चौधरी हत्याकांड में गौतमबुद्ध नगर के जनपद न्यायाधीश ने पूर्व पार्षद शील गोस्वामी और उसके बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा शील के पिता सुशील गोस्वामी को भी कोर्ट ने छह माह कैद की सजा सुनाई है।
बता दें कि 9 फरवरी 2009 को राकेश मार्ग पर कांग्रेसी नेता वीर सिंह चौधरी के पुत्र सचिन चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वीर सिंह चौधरी ने पास में ही रहने वाले शील गोस्वामी, उसके बेटे उदित गोस्वामी और पिता सुशील गोस्वामी को नामजद कराया था।
मामले की सुनवाई पहले गाजियाबाद कोर्ट में चली थी, मगर बाद में वादी पक्ष ने हाईकोर्ट से इस केस केस की सुनवाई किसी अन्य जनपद में कराने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने मामला गौतमबुद्ध नगर में जिला जज की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपियों को दोषी मानते हुए आरोपी शील गोस्वामी और उनके पुत्र को सजा सुना दी। हत्याकांड में लाइसेंसी बंदूक शील के पिता सुशील गोस्वामी की प्रयुक्त की गई थी। इसी के चलते कोर्ट ने सुशील गोस्वामी को भी छह माह कारावास की सजा सुनाई।
क्या था हत्या का कारण:
सचिन की वैन की टक्कर शील गोस्वामी के ट्रैक्टर से हो गई थी। इस बात को लेकर ट्रैक्टर और वैन के ड्राइवर आपस भिड़ पड़े। दोनों में मारपीट हो गई। बात इस कदर बढ़ी की सचिन आरोपियों के घर पहुंच गया। इस पर आरोपी पक्ष ने गोलियां चला दी थीं।
विज्ञापन
बता दें कि 9 फरवरी 2009 को राकेश मार्ग पर कांग्रेसी नेता वीर सिंह चौधरी के पुत्र सचिन चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वीर सिंह चौधरी ने पास में ही रहने वाले शील गोस्वामी, उसके बेटे उदित गोस्वामी और पिता सुशील गोस्वामी को नामजद कराया था।
विज्ञापन
मामले की सुनवाई पहले गाजियाबाद कोर्ट में चली थी, मगर बाद में वादी पक्ष ने हाईकोर्ट से इस केस केस की सुनवाई किसी अन्य जनपद में कराने की गुहार लगाई थी। हाईकोर्ट ने मामला गौतमबुद्ध नगर में जिला जज की कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया था।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपियों को दोषी मानते हुए आरोपी शील गोस्वामी और उनके पुत्र को सजा सुना दी। हत्याकांड में लाइसेंसी बंदूक शील के पिता सुशील गोस्वामी की प्रयुक्त की गई थी। इसी के चलते कोर्ट ने सुशील गोस्वामी को भी छह माह कारावास की सजा सुनाई।
क्या था हत्या का कारण:
सचिन की वैन की टक्कर शील गोस्वामी के ट्रैक्टर से हो गई थी। इस बात को लेकर ट्रैक्टर और वैन के ड्राइवर आपस भिड़ पड़े। दोनों में मारपीट हो गई। बात इस कदर बढ़ी की सचिन आरोपियों के घर पहुंच गया। इस पर आरोपी पक्ष ने गोलियां चला दी थीं।