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Ghaziabad News: क्रिप्टो में निवेश करा इंजीनियर छात्र से ठगे 35 लाख
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साहिबाबाद। कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले एक इंजीनियर छात्र को ठगों ने कम समय में ज्यादा पैसे कमाने का लालच देकर 35 लाख ठग लिए। छात्र के पिता ब्लड कैंसर से ग्रस्त हैं। उनके इलाज के लिए लखनऊ में पुस्तैनी मकान बेचकर पैसे इकट्ठा किए थे। पुलिस और साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।
छात्र दिल्ली के एक कॉलेज में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता पिछले ढाई साल से कैंसर से ग्रस्त हैं। उनका नोएडा के अस्पताल से उपचार चल रहा है। उन्होंने अपने उपचार के लिए लखनऊ का पुस्तैनी मकान बेच दिया था। उससे खाते में 35 लाख रुपये आ गए थे। इस बीच अप्रैल माह के शुरुआत में इंजीनियर छात्र के व्हाट्सएप पर एक मेसेज आया, जिसमें पार्ट टाइम नौकरी के लिए क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। छात्र ने ठग द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करके उनसे संपर्क किया। ठग ने उसे अपनी योजना बताई और पहली बार में पांच हजार रुपये निवेश करने पर महज 15 मिनट में एक हजार मुनाफे के साथ पैसा खाते में भेज दिया। दूसरी बार में इंजीनियर ने छह हजार निवेश किये तो उसे ठग ने 7200 रुपये भेज दिए। फिर ठग ने उससे खाते में मोटी रकम निवेश करने के लिए कहा। इससे छात्र ठग के जाल में फंस गया और पिता के खाते से रकम लेकर निवेश कर दी। इस बार पैसे नहीं आए तो इंजीनियर ने मुनाफा भेजने के लिए कहा। ठग ने उससे कहा कि पैसे अकाउंट से भेजने के लिए कुछ चार्ज देना पड़ेगा। इस तरह ठग ने अलग-अलग तरह बहाना बनाकर उससे 35 लाख रुपये ठग लिये।
इंजीनियर छात्र ने साइबर सेल को ठगों के 24 खातों की सूची भी दी है, जिसमें ठग ने पैसे ट्रांसफर कराए थे। साइबर सेल निरीक्षक अनिल कुमार ने मामले की गंभीरता समझकर पूरी टीम को जांच में लगा दिया है।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र का कहना है कि ठगों के खातों की जांच कर रहे हैं। जल्द ही साइबर टीम सुराग पता करके आगे कार्रवाई करेगी।
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छात्र दिल्ली के एक कॉलेज में द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता पिछले ढाई साल से कैंसर से ग्रस्त हैं। उनका नोएडा के अस्पताल से उपचार चल रहा है। उन्होंने अपने उपचार के लिए लखनऊ का पुस्तैनी मकान बेच दिया था। उससे खाते में 35 लाख रुपये आ गए थे। इस बीच अप्रैल माह के शुरुआत में इंजीनियर छात्र के व्हाट्सएप पर एक मेसेज आया, जिसमें पार्ट टाइम नौकरी के लिए क्रिप्टो करेंसी में निवेश पर मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। छात्र ने ठग द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करके उनसे संपर्क किया। ठग ने उसे अपनी योजना बताई और पहली बार में पांच हजार रुपये निवेश करने पर महज 15 मिनट में एक हजार मुनाफे के साथ पैसा खाते में भेज दिया। दूसरी बार में इंजीनियर ने छह हजार निवेश किये तो उसे ठग ने 7200 रुपये भेज दिए। फिर ठग ने उससे खाते में मोटी रकम निवेश करने के लिए कहा। इससे छात्र ठग के जाल में फंस गया और पिता के खाते से रकम लेकर निवेश कर दी। इस बार पैसे नहीं आए तो इंजीनियर ने मुनाफा भेजने के लिए कहा। ठग ने उससे कहा कि पैसे अकाउंट से भेजने के लिए कुछ चार्ज देना पड़ेगा। इस तरह ठग ने अलग-अलग तरह बहाना बनाकर उससे 35 लाख रुपये ठग लिये।
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इंजीनियर छात्र ने साइबर सेल को ठगों के 24 खातों की सूची भी दी है, जिसमें ठग ने पैसे ट्रांसफर कराए थे। साइबर सेल निरीक्षक अनिल कुमार ने मामले की गंभीरता समझकर पूरी टीम को जांच में लगा दिया है।
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डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन विवेक चंद्र का कहना है कि ठगों के खातों की जांच कर रहे हैं। जल्द ही साइबर टीम सुराग पता करके आगे कार्रवाई करेगी।