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देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस के डिरेल हुए इंजन-कोच की होगी जांच
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 13 Jul 2016 01:16 AM IST
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9 जुलाई को गाजियाबाद के आउटर पर डिरेल हुई देहरादून-बांद्रा एक्सप्रेस के इंजन और एक कोच की भी जांच होगी। लोको इंजीनियर इंजन की जांच करेंगे तो कोच एंड वैगन डिपार्टमेंट के अधिकारी डिरेल हुए कोच की बारीकी से जांच करेंगे।
इस मामले में दिल्ली डिवीजन की ओर से इंक्वायरी सेटअप की गई है। तकरीबन 10 दिन के भीतर जांच टीम आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप देगी। हादसे की जांच की प्रक्रिया अगले ही दिन से शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को भी अधिकारियों ने जांच की।
हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड का पता लगाने के लिए इंजन की रीडिंग ले ली गई है। सूत्रों के मुताबिक डिरेलमेंट के दौरान ट्रेन की रफ्तार निर्धारित स्पीड 15 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम 13 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। ऐसे में ट्रेन के ड्राइवर पर जांच की आंच आने की संभावना कम ही है। हालांकि लोको और कोच एंड वैगन डिपार्टमेंट को अभी भी क्लीन चिट नहीं मिली है।
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स्टेशन मास्टरों से पूछताछ होगी
डिरेलमेंट के मामले में जांच टीम गाजियाबाद के दो स्टेशन मास्टर से भी पूछताछ होगी। दिल्ली में सीनियर अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे। इसके अलावा ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड से भी जांच टीम पूछताछ कर चुकी है।
दिल्ली डिवीजन से हादसे की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर ही हादसे की वजह पता चल पाएगी। उम्मीद है कि 10 दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। - नीरज शर्मा, सीपीआरओ, नार्दर्न रेलवे
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इस मामले में दिल्ली डिवीजन की ओर से इंक्वायरी सेटअप की गई है। तकरीबन 10 दिन के भीतर जांच टीम आला अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप देगी। हादसे की जांच की प्रक्रिया अगले ही दिन से शुरू कर दी गई थी। मंगलवार को भी अधिकारियों ने जांच की।
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हादसे के वक्त ट्रेन की स्पीड का पता लगाने के लिए इंजन की रीडिंग ले ली गई है। सूत्रों के मुताबिक डिरेलमेंट के दौरान ट्रेन की रफ्तार निर्धारित स्पीड 15 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम 13 किलोमीटर प्रतिघंटा थी। ऐसे में ट्रेन के ड्राइवर पर जांच की आंच आने की संभावना कम ही है। हालांकि लोको और कोच एंड वैगन डिपार्टमेंट को अभी भी क्लीन चिट नहीं मिली है।
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स्टेशन मास्टरों से पूछताछ होगी
डिरेलमेंट के मामले में जांच टीम गाजियाबाद के दो स्टेशन मास्टर से भी पूछताछ होगी। दिल्ली में सीनियर अधिकारी उनसे पूछताछ करेंगे। इसके अलावा ट्रेन के ड्राइवर और गार्ड से भी जांच टीम पूछताछ कर चुकी है।
दिल्ली डिवीजन से हादसे की जांच कराई जा रही है। रिपोर्ट आने पर ही हादसे की वजह पता चल पाएगी। उम्मीद है कि 10 दिन के भीतर रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। - नीरज शर्मा, सीपीआरओ, नार्दर्न रेलवे