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फिलहाल नहीं राहत की उम्मीद
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 06 Nov 2016 01:42 AM IST
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स्मॉग
- फोटो : अमर उजाला
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धुंध और धुएं का गुबार (स्मॉग) अभी कई दिन तक लोगों को परेशान करेगा। मौसम विभाग ने एनसीआर में फिलहाल बारिश की संभावना से इंकार किया है। अब हवा की गति पर दारोमदार टिका है। तेज हवा ही इस स्मॉग से राहत दिला सकती है।
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मौसम विभाग की मानें तो गाजियाबाद समेत पूरा एनसीआर अभी चार-पांच दिन तक स्मॉग की ‘चादर’ में लिपटा रहेगा। इसके बाद धूप खिलने का अनुमान है।विशेषज्ञों की मानें तो तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव की वजह से आसमान में धुंध छाई हुई है, इस धुंध में पटाखों, वाहनों, उद्योगों, ईंट भट्ठों और घरों से निकलने वाला धुआं मिल गया है।
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इसकी एक परत बन गई है। यह परत या तो बारिश से हट सकती है या फिर तेज हवा से। मौसम विभाग के डायरेक्टर डॉ. रंजीत सिंह के मुताबिक पाकिस्तान की ओर से एक पश्चिमी विक्षोभ शुरू हुआ है, लेकिन ज्यादा ऊंचाई पर होने की वजह से यह जम्मू, श्रीनगर से होता हुआ चाइना की ओर बढ़ रहा है।
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इस विक्षोभ के कारण जम्मू, श्री नगर व इसके आसपास तो बारिश की संभावना है, लेकिन दिल्ली, गाजियाबाद या एनसीआर में नहीं है। यानी, पश्चिमी विक्षोभ से भी यहां राहत मिलने वाली नहीं है। उनका कहना है कि तेज हवा ही इस स्मॉग की लेयर को हटा सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 16 डिग्री सेल्सियस रहा। शनिवार को सुबह के समय हवा की गति 17 किमी. प्रति घंटा रही, शाम को यह घटकर महज 9 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। बीते साल पांच नवंबर को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस था।
इस बार तापमान में उतार-चढ़ाव बीते साल से ज्यादा हो रहा है। यही वजह है कि धुंध भी इस साल बीते साल से ज्यादा है। अनुमान है कि अभी चार से पांच दिन तक आसमान में स्मॉग रहेगा।आबोहवा में घुल रहे ‘जहर’ से लोगों में भी दहशत है। कई दिन से स्मॉग की चादर में लिपटे गाजियाबाद में लोगों की तबियत बिगड़ने लगी है।
खांसी, कफ, आंखों में जलन की दिक्कतें शुरू हुई तो लोग अब बच्चों को तो घरों से निकलने ही नहीं दे रहे, खुद भी बाहर जाने से बच रहे हैं। यही वजह है कि शनिवार को ट्रेनों और बसों में भी यात्रियों की संख्या शुक्रवार की अपेक्षा कम रही।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक सामान्य दिनों में गाजियाबाद रेलवे स्टेशन पर जनरल टिकट खरीदने वाले यात्रियों की संख्या 35 से 40 हजार रहती है, लेकिन दो दिनों से यह संख्या घटकर 25 से 28 हजार रह गई। शनिवार को पुराने बस अड्डे पर भी यात्रियों की संख्या में करीब 25 से 30 फीसदी की गिरावट रही।
रेलवे और परिवहन निगम के अधिकारी भी मान रहे हैं कि मौसम के मिजाज ने यात्रियों की संख्या पर असर डाला है।
पांच दिन के तापमान का आंकड़ा
वर्ष 2015 वर्ष 2016
तारीख अधि. न्यूनतम अधि. न्यूनतम
1 नवंबर 31 16 31 14
2 नवंबर 32 17 30 16
3 नवंबर 31 19 32 15
4 नवंबर 32 18 31 15
5 नवंबर 28 20 30 17
विजिबिलिटी घटी, दिन में जलीं वाहनों की लाइटें
स्मॉग की वजह से शनिवार को विजिबिलिटी भी बेहद कम रही। सुबह करीब आठ बजे विजिबिलिटी महज 40 से 50 मीटर रह गई थी। इसकी वजह से वाहन चालकों को लाइटें जलानी पड़ीं। दोपहर को थोड़ी धुंध छंटी तो दृश्यता भी बढ़ी, लेकिन शाम होते-होते फिर वही हाल हो गया।
शाम साढ़े चार बजे ही वाहनों की लाइटें जल गई, अधिकांश शहर की स्ट्रीट लाइटें भी शाम को जल्दी ही जल गई थीं।शिनिवार को सुबह से ही धुंध की वजह से लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हुई। इसका असर बाजारों में भी दिखा। शनिवार को बाजारों में भी दोपहर एक बजे के बाद ही ग्राहकों का आना शुरू हुआ।
तुराबनगर मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष छाबड़ा ने बताया कि दुकानदारों ने तय समय पर दुकानें खोल दी, लेकिन मार्केट में ग्राहक नहीं थे। दोपहर तक दुकानदार खाली बैठे रहे। करीब एक बजे के बाद जब आसमान से थोड़ी धुंध छंटी तो ग्राहक मार्केट पहुंचे।