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Ghaziabad News: सीकरी महामाया देवी मेले में बढ़ने लगी भीड़
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोदीनगर। नगर के सीकरी खुर्द स्थित प्रसिद्ध व पौराणिक महामाया देवी चैत्र नवरात्र मेले में भीड़ बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को षष्ठी तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालू मेले में पहुंचे और महामाया देवी मंदिर में पुष्प, नवैद्य,नारियल,चुनरी आदि चढ़ाकर मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की।
चैत्र नवरात्र में लगने वाले ऐतिहासिक मेले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाण, राजस्थान और उत्तराखंड से पूजा आराधना करने पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को भी मेले में श्रद्धालुओं को रेला उमड़ा। महिलाएं भक्ति गीतों पर नाचते गाते मेले में पहुंची। उत्तराखंड के चमौली से सीकरी महामाया देवी मेले में पहुंचे सोहन प्रजापति ने बताया कि उनकी मां किशनदेवी ने पौत्र प्राप्ति के लिए धागा बांधा था। पांच साल पूर्व मां किशनदेवी की मन्नत पूरी हो गई। पौत्र की प्राप्ति के बाद किशनदेवी का देहांत हो गया। किशनदेवी के देहांत के बाद सोहन मां की मन्नत का धागा खोलने सीकरी पहुंचा। सोहन प्रजापति ने बताया कि सीकरी महामाया देवी में उनकी गहरी आस्था है।
मेले में झूलें नहीं लगने से रौनक फीकी
नगर पालिका परिषद और तहसील प्रशासन ने सीकरी महामाया मेले में इस बार कई बदलाव किए है। प्रशासन ने मेला शुरू होने से पहले झूले लगाने से मनाही की बात कही थी, मगर बाद में झूलों का ठेका छोड़ दिया गया। लेकिन ठेकेदारों को स्थान नहीं मिलने के कारण झूले नहीं लग पाए। मेले में लगने वाले बडे-बड़े झूले एक तरफ जहां लोगों के आकर्षण का केंद्र होते थे तो वहीं दूसरी तरफ मेले की रौनक और बढ़ जाती थी। मगर इस बार झूले नहीं लगने से मेले की रौनक फीकी नजर आ रही है।
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मोदीनगर। नगर के सीकरी खुर्द स्थित प्रसिद्ध व पौराणिक महामाया देवी चैत्र नवरात्र मेले में भीड़ बढ़ने लगी है। बृहस्पतिवार को षष्ठी तिथि पर बड़ी संख्या में श्रद्धालू मेले में पहुंचे और महामाया देवी मंदिर में पुष्प, नवैद्य,नारियल,चुनरी आदि चढ़ाकर मां कात्यायनी की पूजा अर्चना की।
चैत्र नवरात्र में लगने वाले ऐतिहासिक मेले में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाण, राजस्थान और उत्तराखंड से पूजा आराधना करने पहुंचते हैं। बृहस्पतिवार को भी मेले में श्रद्धालुओं को रेला उमड़ा। महिलाएं भक्ति गीतों पर नाचते गाते मेले में पहुंची। उत्तराखंड के चमौली से सीकरी महामाया देवी मेले में पहुंचे सोहन प्रजापति ने बताया कि उनकी मां किशनदेवी ने पौत्र प्राप्ति के लिए धागा बांधा था। पांच साल पूर्व मां किशनदेवी की मन्नत पूरी हो गई। पौत्र की प्राप्ति के बाद किशनदेवी का देहांत हो गया। किशनदेवी के देहांत के बाद सोहन मां की मन्नत का धागा खोलने सीकरी पहुंचा। सोहन प्रजापति ने बताया कि सीकरी महामाया देवी में उनकी गहरी आस्था है।
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मेले में झूलें नहीं लगने से रौनक फीकी
नगर पालिका परिषद और तहसील प्रशासन ने सीकरी महामाया मेले में इस बार कई बदलाव किए है। प्रशासन ने मेला शुरू होने से पहले झूले लगाने से मनाही की बात कही थी, मगर बाद में झूलों का ठेका छोड़ दिया गया। लेकिन ठेकेदारों को स्थान नहीं मिलने के कारण झूले नहीं लग पाए। मेले में लगने वाले बडे-बड़े झूले एक तरफ जहां लोगों के आकर्षण का केंद्र होते थे तो वहीं दूसरी तरफ मेले की रौनक और बढ़ जाती थी। मगर इस बार झूले नहीं लगने से मेले की रौनक फीकी नजर आ रही है।
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