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‘तड़पता रहा था दस साल, अब मिटा कलंक’
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 11 Dec 2016 10:48 PM IST
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अदालत
- फोटो : अमर उजाला
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‘दस साल पहले साजिशन ऐसा कलंक लगाया गया कि हर पल मैं तड़पता रहा। इसके बावजूद मैं जानता था कि एक दिन मुझे न्याय मिलेगा। जो लोग आज मेरी बुराई करते हैं, कल उन्हें मुंह की खानी पडे़गी।’ यह बातें कहीं सेवा नगर स्थित बाल आश्रम के संचालक स्वामी बालनाथ ने।
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रविवार को लोहिया नगर स्थित प्रेरणा सेवा संस्थान के ऑफिस पर आयोजित प्रेसवार्ता में स्वामी बालनाथ पत्रकारों के समक्ष पेश हुए। उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2006 को उनके आश्रम पर अचानक एक एनजीओ के लोग आ धमके थे। आते ही इन लोगों ने उन पर आरोप लगाया था कि वह आश्रम में रहने वाले बच्चों पर अत्याचार करते हैं।
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एनजीओ की एफआईआर पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई और जेल जाना पड़ा। ऐसे में हर पल मैं तड़पता था, मगर ईश्वर और भारतीय न्याय व्यवस्था पर भी पूरा भरोसा था। यही कारण रहा कि इस केस में पूरी तरह से बरी कर दिया गया।
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स्वामी बालनाथ का कहना था कि दरअसल पूरा मामला आश्रम पर कब्जा करना था। एक साजिश के तहत उन्हें फंसाकर कुछ लोग आश्रम की जमीन कब्जाना चाहते थे, मगर वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सके। प्रेसवार्ता में प्रेरणा सेवा संस्थान के अजय भाई, आचार्य मुनीष त्यागी, आरके शर्मा और वेदप्रकाश भी मौजूद रहे।