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स्टार्ट करते ही जली कार, बाल-बाल बचा सवार
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Tue, 03 May 2016 12:58 AM IST
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अपराध्ा
- फोटो : अमर उजाला
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लोहियानगर में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक कार जलकर राख हो गई। कार चालक बाल-बाल बच गया। आग लगने का कारण वायरिंग में स्पार्किंग होना माना जा रहा है। गनीमत रही कि कार में रखा सीएनजी सिलेंडर नहीं फटा, वरना हादसा और बड़ा होता। फायर ब्रिगेड और नर्सरी संचालक ने आग बुझाई।
यह कार बम्हैटा निवासी बीकॉम स्टूडेंट दानिश की थी। दानिश ने बताया कि वह पैसे निकालने बैंक गए थे। इस दौरान कार काफी देर धूप में खड़ी रही। पैसे निकालकर आया और कार हिंदी भवन के सामने नर्सरी के बराबर में खड़ी कर दी।
पैसे बड़े भाई को देने चला गया। कुछ देर बाद वापस लौटा और कार स्टार्ट की तो उसमें से धुआं निकलने लगा। चंद सेकेंड में ही कार जलने लगी। वह दौड़कर दूर भागा और मोबाइल से फायर ब्रिगेड को कॉल की, मगर वह दिल्ली जाकर लगा।
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तब सामने अस्पताल के लैंडलाइन से फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। करीब 10 मिनट बाद फायर ब्रिगेड आई। तब तक कार काफी हद तक जल चुकी थी। दानिश ने बताया कि इस दौरान भीड़ लग गई।
नर्सरी संचालक देवी सिंह ने आग बुझाने में काफी मदद की, पाइप से पानी डालते रहे, जबकि बाकी लोग मोबाइल से घटना की वीडियो बनाते रहे। अगर देवी सिंह कोशिश नहीं करते तो आग नर्सरी में भी लग सकती थी।
वाहनों में आग लगने के कारण
- फ्यूल की लीकेज होना
- कूलेंट-पानी का स्तर मानकों से कम होना
- वायरिंग का लूज होना या इसमें कट लगे होना
- पेंट-प्लास्टिक-रबर के पास के पार्ट का ओवरहीट होना
- गियर-क्लच का सही प्रयोग न होने से इंजन का ज्यादा गर्म होना
- एयर फैन आदि का सही वर्किंग में न होना
बचाव और सावधानियां
- हीट मीटर पर लगातार नजर रखें
- फ्यूल लीकेज की जांच कराते रहें
- कूलेंट और पानी का लेवल सही रखें, नियमित जांच कराएं
- वायरिंग और पैड-रबर को चेक करा लें
- मूविंग ऑयल और पहियों में एयर लेबल ठीक रखें, इससे वाहन हीट नहीं होगा
- वाहन की गति के हिसाब से क्लच-गियर का प्रयोग करें
वाहनों में आग लगने का मुख्य कारण चालक की लापरवाही है। आग लगने से पहले ही हीट होने के दौरान वाहन की आवाज बदलनी शुरू हो जाती है। वाहनों का नियमित परीक्षण कराते रहें। सीट के पीछे लगे हेड-रेस्ट में नुकीली कील लगी होती हैं। वाहन में आग लगने और खिड़की-शीशे लॉक हो जाने पर हेड रेस्ट निकालकर खिड़की-शीशे तोड़कर बाहर निकल सकते हैं। - सुहैल अहमद, आरआई परिवहन विभाग
कार में आग की हालिया घटनाएं
- हापुड़ रोड पर शार्ट सर्किट से कार में लगी आग
- जीटी रोड पर नए बस अड्डे के पास कार में लगी आग
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यह कार बम्हैटा निवासी बीकॉम स्टूडेंट दानिश की थी। दानिश ने बताया कि वह पैसे निकालने बैंक गए थे। इस दौरान कार काफी देर धूप में खड़ी रही। पैसे निकालकर आया और कार हिंदी भवन के सामने नर्सरी के बराबर में खड़ी कर दी।
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पैसे बड़े भाई को देने चला गया। कुछ देर बाद वापस लौटा और कार स्टार्ट की तो उसमें से धुआं निकलने लगा। चंद सेकेंड में ही कार जलने लगी। वह दौड़कर दूर भागा और मोबाइल से फायर ब्रिगेड को कॉल की, मगर वह दिल्ली जाकर लगा।
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तब सामने अस्पताल के लैंडलाइन से फोन कर फायर ब्रिगेड को सूचना दी। करीब 10 मिनट बाद फायर ब्रिगेड आई। तब तक कार काफी हद तक जल चुकी थी। दानिश ने बताया कि इस दौरान भीड़ लग गई।
नर्सरी संचालक देवी सिंह ने आग बुझाने में काफी मदद की, पाइप से पानी डालते रहे, जबकि बाकी लोग मोबाइल से घटना की वीडियो बनाते रहे। अगर देवी सिंह कोशिश नहीं करते तो आग नर्सरी में भी लग सकती थी।
वाहनों में आग लगने के कारण
- फ्यूल की लीकेज होना
- कूलेंट-पानी का स्तर मानकों से कम होना
- वायरिंग का लूज होना या इसमें कट लगे होना
- पेंट-प्लास्टिक-रबर के पास के पार्ट का ओवरहीट होना
- गियर-क्लच का सही प्रयोग न होने से इंजन का ज्यादा गर्म होना
- एयर फैन आदि का सही वर्किंग में न होना
बचाव और सावधानियां
- हीट मीटर पर लगातार नजर रखें
- फ्यूल लीकेज की जांच कराते रहें
- कूलेंट और पानी का लेवल सही रखें, नियमित जांच कराएं
- वायरिंग और पैड-रबर को चेक करा लें
- मूविंग ऑयल और पहियों में एयर लेबल ठीक रखें, इससे वाहन हीट नहीं होगा
- वाहन की गति के हिसाब से क्लच-गियर का प्रयोग करें
वाहनों में आग लगने का मुख्य कारण चालक की लापरवाही है। आग लगने से पहले ही हीट होने के दौरान वाहन की आवाज बदलनी शुरू हो जाती है। वाहनों का नियमित परीक्षण कराते रहें। सीट के पीछे लगे हेड-रेस्ट में नुकीली कील लगी होती हैं। वाहन में आग लगने और खिड़की-शीशे लॉक हो जाने पर हेड रेस्ट निकालकर खिड़की-शीशे तोड़कर बाहर निकल सकते हैं। - सुहैल अहमद, आरआई परिवहन विभाग
कार में आग की हालिया घटनाएं
- हापुड़ रोड पर शार्ट सर्किट से कार में लगी आग
- जीटी रोड पर नए बस अड्डे के पास कार में लगी आग