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रेलवे कांट्रैक्टर की दिनदहाड़ हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
Updated Fri, 09 Dec 2016 12:28 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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साहिबाबाद गांव में बृहस्पतिवार को दिनदहाड़े बाइक सवार तीन बदमाशों ने घर के बाहर ही रेलवे कांट्रैक्टर की ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद बाइक सवार बदमाश लिंक रोड की ओर फरार हो गए। पुलिस मामले को कारोबार से जुड़ी रंजिश का मानकर बदमाशों की तलाश में जुट गई है।
मूलरूप से वाराणसी टकरपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह (46) साहिबाबाद गांव गली नंबर चार स्थित मकान में अकेले रहते थे। वह रेलवे के पार्सल कोच को बुक कर कांट्रैक्ट लेकर उसमें पार्सल भेजने का काम करते थे। उनके चार मंजिला मकान में 72 कमरे हैं, जो किराए पर दिए हुए हैं।
पत्नी, दो बेटे और दो भाइयों का परिवार गांव टकरपुर वाराणसी में रहता है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे मनोज घर से बैंक में रुपये जमा कराने एसबीआई बृज विहार जा रहे थे। मकान के केयर टेकर अली अंसारी और संदीप कार बैक करवा रहे थे।
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इस दौरान कुछ दूरी पर खड़ी बाइक से उतरकर दो 20-22 वर्षीय युवक उनकी कार के पास आए। दोनों ने पिस्टल निकालकर दोनों ओर से ताबड़तोड़ कई फायर मनोज पर किए। पिस्टल खाली कर दोनों बाइक स्टार्ट करके खड़े तीसरे बदमाश के साथ बैठकर फरार हो गए।
मनोज सिर में तीन, दाईं आंख में दो और बाएं हाथ में एक गोली लगने गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की मदद से लोग मनोज को कौशांबी के यशोदा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस संबंध में एएसपी अनूप सिंह ने बताया कि परिजनों को उनकी मौत की जानकारी दे दी गई है। केयर टेकर से पूछताछ में मनोज की एक पुरानी रंजिश सामने आ रही है। करीब 15 दिन पहले ही मनोज ने गोंडा स्टेशन पर उगाही करने वाले एक बदमाश के खिलाफ कार्रवाई कराई थी।
इसके चलते मनोज ने अपने एक दोस्त को भी जान का खतरा होने की बात कही थी। लोगों ने बताया है कि हमलावर गंदे कपड़े पहने थे और चप्पल में थे। ऐसे हो सकता है वो बुधवार रात के समय मनोज को निशाना बनाना चाहते हों।
मनोज रात को एक पार्टी से देरी से लौटे थे, शायद इसी कारण वारदात नहीं कर सके। पुलिस को शक है कि बदमाश सुबह तक घात लगाए रहे और उन्हें निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शी केयरटेकर अली अंसारी ने बताया कि दोनों की पिस्टल नली के आगे साइलेंसर लगा था। वह बदमाश की ओर आगे बढ़ा तो उसने अली पर भी पिस्टल तान दी। जिसके बाद वह डरकर कार के पीछे छिप गया।
पिस्टल में साइलेंसर लगाकर मारी गोली, सीसीटीवी कैमरा था बंद
पुलिस जांच में पता चला है कि तीनों बदमाश पहले से ही घर के पास बाइक खड़ी कर मनोज के घर से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने रेकी भी की थी, जिसके चलते आसानी से फरार हो गए।
जब पिस्टल से गोली चली तो उससे आवाज भी नहीं आई, जिससे आसपास के लोगों को घटना का पता नहीं चला। घटनास्थल के सामने ही स्थित एक स्कूल की दीवार पर सीसी कैमरा भी लगा था मगर वह बंद था।
पहले भी हो चुका था जानलेवा हमला
मनोज पर वर्ष 2000 में गोंडा इलाके में हमला हो हुआ था, जिसमें उन्हें सिर के पिछले हिस्से में एक गोली लगी थी, जो गाल में से पार हो गई थी। यह मामला भी कारोबारी रंजिश से ही जुड़ा था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि मनोज की रेल मंत्रालय में अच्छी पहुंच थी, जिसके चलते पार्सल वैगन के सभी कांट्रेक्ट उन्हें ही मिलते थे, जिसे लेकर उनकी अन्य कांट्रैक्टरों से रंजिश थी।
कारोबारी रंजिश को देखते हुए वह अपने साहिबाबाद गांव निवासी दोस्त सोनू चौधरी से कहते थे की उनकी जान को खतरा है। उन्होंने गांव में एक बड़ा प्लॉट खरीदकर उस पर मकान बनाया और उसे किराए पर दे दिया, जिससे अगर उन्हें कुछ हो भी तो परिवार का भरण-पोषण होता रहे। मनोज का बृज विहार में भी एक फ्लैट है, जहां वह कभी-कभी जाकर रहते थे।
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मूलरूप से वाराणसी टकरपुर गांव निवासी मनोज कुमार सिंह (46) साहिबाबाद गांव गली नंबर चार स्थित मकान में अकेले रहते थे। वह रेलवे के पार्सल कोच को बुक कर कांट्रैक्ट लेकर उसमें पार्सल भेजने का काम करते थे। उनके चार मंजिला मकान में 72 कमरे हैं, जो किराए पर दिए हुए हैं।
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पत्नी, दो बेटे और दो भाइयों का परिवार गांव टकरपुर वाराणसी में रहता है। सुबह करीब साढ़े नौ बजे मनोज घर से बैंक में रुपये जमा कराने एसबीआई बृज विहार जा रहे थे। मकान के केयर टेकर अली अंसारी और संदीप कार बैक करवा रहे थे।
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इस दौरान कुछ दूरी पर खड़ी बाइक से उतरकर दो 20-22 वर्षीय युवक उनकी कार के पास आए। दोनों ने पिस्टल निकालकर दोनों ओर से ताबड़तोड़ कई फायर मनोज पर किए। पिस्टल खाली कर दोनों बाइक स्टार्ट करके खड़े तीसरे बदमाश के साथ बैठकर फरार हो गए।
मनोज सिर में तीन, दाईं आंख में दो और बाएं हाथ में एक गोली लगने गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस की मदद से लोग मनोज को कौशांबी के यशोदा अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस संबंध में एएसपी अनूप सिंह ने बताया कि परिजनों को उनकी मौत की जानकारी दे दी गई है। केयर टेकर से पूछताछ में मनोज की एक पुरानी रंजिश सामने आ रही है। करीब 15 दिन पहले ही मनोज ने गोंडा स्टेशन पर उगाही करने वाले एक बदमाश के खिलाफ कार्रवाई कराई थी।
इसके चलते मनोज ने अपने एक दोस्त को भी जान का खतरा होने की बात कही थी। लोगों ने बताया है कि हमलावर गंदे कपड़े पहने थे और चप्पल में थे। ऐसे हो सकता है वो बुधवार रात के समय मनोज को निशाना बनाना चाहते हों।
मनोज रात को एक पार्टी से देरी से लौटे थे, शायद इसी कारण वारदात नहीं कर सके। पुलिस को शक है कि बदमाश सुबह तक घात लगाए रहे और उन्हें निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शी केयरटेकर अली अंसारी ने बताया कि दोनों की पिस्टल नली के आगे साइलेंसर लगा था। वह बदमाश की ओर आगे बढ़ा तो उसने अली पर भी पिस्टल तान दी। जिसके बाद वह डरकर कार के पीछे छिप गया।
पिस्टल में साइलेंसर लगाकर मारी गोली, सीसीटीवी कैमरा था बंद
पुलिस जांच में पता चला है कि तीनों बदमाश पहले से ही घर के पास बाइक खड़ी कर मनोज के घर से बाहर निकलने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने रेकी भी की थी, जिसके चलते आसानी से फरार हो गए।
जब पिस्टल से गोली चली तो उससे आवाज भी नहीं आई, जिससे आसपास के लोगों को घटना का पता नहीं चला। घटनास्थल के सामने ही स्थित एक स्कूल की दीवार पर सीसी कैमरा भी लगा था मगर वह बंद था।
पहले भी हो चुका था जानलेवा हमला
मनोज पर वर्ष 2000 में गोंडा इलाके में हमला हो हुआ था, जिसमें उन्हें सिर के पिछले हिस्से में एक गोली लगी थी, जो गाल में से पार हो गई थी। यह मामला भी कारोबारी रंजिश से ही जुड़ा था।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया है कि मनोज की रेल मंत्रालय में अच्छी पहुंच थी, जिसके चलते पार्सल वैगन के सभी कांट्रेक्ट उन्हें ही मिलते थे, जिसे लेकर उनकी अन्य कांट्रैक्टरों से रंजिश थी।
कारोबारी रंजिश को देखते हुए वह अपने साहिबाबाद गांव निवासी दोस्त सोनू चौधरी से कहते थे की उनकी जान को खतरा है। उन्होंने गांव में एक बड़ा प्लॉट खरीदकर उस पर मकान बनाया और उसे किराए पर दे दिया, जिससे अगर उन्हें कुछ हो भी तो परिवार का भरण-पोषण होता रहे। मनोज का बृज विहार में भी एक फ्लैट है, जहां वह कभी-कभी जाकर रहते थे।