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ऑन डिमांड कारों को चोरी करने वाले पकड़े
ब्यूरो/ अमर उजाला साहिबाबाद
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:23 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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मोहन नगर पर पुलिस ने चेकिंग के दौरान दिल्ली-एनसीआर से ऑन डिमांड कार चोरी करने वाले तीन वाहन चोरों को गिरफ्तार किया है। गिरोह का सरगना टैक्सी ड्राइवर है, जो चोरी की कारों के फर्जी कागजात बनवाता था। इनके पास से चार कार बरामद की गईं हैं।
एसओ साहिबाबाद सुरेंद्र यादव ने बताया कि मोहन नगर पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने कार सवार तीन युवकों को रोका तो उन्होंने भागने की कोशिश की। टीम ने उन्हें धर दबोचा। जांच में कार के कागजात फर्जी निकले। पता चला कि कार चोरी की है।
बदमाशों की निशानदेही पर चोरी की तीन कार और बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार तीनों दिल्ली-एनसीआर से कार चोरी कर मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के अन्य जिलों में बेचते थे।
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तीनों सिर्फ वही कार चोरी करते थे, जिसकी मार्केट में डिमांड होती थी। आरोपियों से बरामद कारें पांच से 25 लाख रुपये तक की हैं। पकड़े गए बदमाश मनोज और कैलाश निवासी दौराला (मेरठ) और अशोक निवासी खतौली हैं।
टैक्सी चालक बन गया वाहन चोर गैंग का सरगना
एसओ ने बताया कि अशोक गैंग का सरगना है। वह पहले टैक्सी ड्राइवर था। इस दौरान उसकी मुलाकात मनोज से हुई। अशोक ने मनोज की मदद करते हुए कार के फर्जी कागजात तैयार किए।
इसके बाद अशोक और मनोज ने कैलाश को साथ लेकर कार चोरी करना और फर्जी कागजात तैयार कर कारें बेचना शुरू किया। अभी तक ये बदमाश 12 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।
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एसओ साहिबाबाद सुरेंद्र यादव ने बताया कि मोहन नगर पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने कार सवार तीन युवकों को रोका तो उन्होंने भागने की कोशिश की। टीम ने उन्हें धर दबोचा। जांच में कार के कागजात फर्जी निकले। पता चला कि कार चोरी की है।
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बदमाशों की निशानदेही पर चोरी की तीन कार और बरामद हुईं। पुलिस के अनुसार तीनों दिल्ली-एनसीआर से कार चोरी कर मेरठ, मुजफ्फरनगर समेत आसपास के अन्य जिलों में बेचते थे।
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तीनों सिर्फ वही कार चोरी करते थे, जिसकी मार्केट में डिमांड होती थी। आरोपियों से बरामद कारें पांच से 25 लाख रुपये तक की हैं। पकड़े गए बदमाश मनोज और कैलाश निवासी दौराला (मेरठ) और अशोक निवासी खतौली हैं।
टैक्सी चालक बन गया वाहन चोर गैंग का सरगना
एसओ ने बताया कि अशोक गैंग का सरगना है। वह पहले टैक्सी ड्राइवर था। इस दौरान उसकी मुलाकात मनोज से हुई। अशोक ने मनोज की मदद करते हुए कार के फर्जी कागजात तैयार किए।
इसके बाद अशोक और मनोज ने कैलाश को साथ लेकर कार चोरी करना और फर्जी कागजात तैयार कर कारें बेचना शुरू किया। अभी तक ये बदमाश 12 से अधिक वारदातों को अंजाम दे चुके हैं।