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ऑडी-ऑटो टक्कर मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी

Wed, 15 Feb 2017 05:05 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला /साहिबाबाद Updated Wed, 15 Feb 2017 05:05 PM IST
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Audi handed over to crime branch probe-auto collision
audi accident - फोटो : अमर उजाला
ऑडी-ऑटो टक्कर मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। पुलिस की जांच पर सवाल उठने और मामले को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप के बाद सीओ इंदिरापुरम ने जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी है। 
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इंदिरापुरम की नहर रोड पर 27 जनवरी की रात तेज रफ्तार ऑडी ने ऑटो में टक्कर मार दी थी। इसमें ऑटो चला रहे संजीव निवासी एटा, रिंकू निवासी नोएडा समेत दो सगे भाई विशाल और यजुवेंद्र निवासी कानपुर की मौत हो गई थी। घटना के बाद कार मालिक दिल्ली निवासी डा. मनीष रावत फरार चल रहे थे।
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मामले में घटना के चार दिनों बाद एक ड्राइवर कोर्ट में पेश हुआ। उसने अपना नाम इशहाक निवासी बरेली बताया और कार चलाने की बात कबूल की। कोर्ट से ड्राइवर को उसी दिन जमानत भी मिल गई, जिसके बाद मामले में नया मोड़ आ गया।
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पुलिस ने जांच में पाया कि ड्राइवर ने जो लाइसेंस की कॉपी जमा कराई थी, वह किसी दूसरे की निकली। जो डीएल ड्राइवर ने जमा कराया था, वह बरेली के इशहाक का था। इशहाक ट्रक ड्राइवर है। 

पुलिस ने जांच की तो कोर्ट में पेश होने वाला ड्राइवर सैय्यद इम्तियाज निवासी बरेली निकला। पुलिस ने सैय्यद इम्तियाज की तलाश में दबिश भी दी  लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।

इशहाक ने डा. मनीष रावत और ड्राइवर सैय्यद इम्तियाज के खिलाफ बरेली पुलिस को उसके डॉक्यूमेंट गलत तरीके से इस्तेमाल करने की शिकायत दी है, जिसकी जांच सीओ नवाबगंज कर रहे हैं।

पुलिस ने डा. मनीष रावत से भी एक ही बार पूछताछ की है। इसके चलते पुलिस पर कई बार मामले की जांच गंभीरता से नहीं करने और डा. मनीष को बचाने के आरोप लगे। सीओ अनिल यादव ने कहा कि मामले को पुलिस ने शुरू से ही गंभीरता से लिया है।

मामले से जुड़े तार को एक दूसरे से जोड़ने के लिए साइबर एक्सपर्ट की जरूरत थी। साइबर एक्सपर्ट की मदद से मामले की परत-दर-परत खुलेगी, इसलिए जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है।      

शिकायत देने सोमवार को थाना इंदिरापुरम नहीं आया इशहाक      
करीब एक सप्ताह पहले बरेली में इशहाक ने कहा था कि वह 13 जनवरी को इंदिरापुरम थाना पहुंचकर इम्तियाज व डा. मनीष रावत के खिलाफ शिकायत देगा, लेकिन सोमवार को भी वह यहां नहीं पहुंचा।


पुलिस ने बताया कि इशहाक से संपर्क में पुलिस अधिकारी हैं। उसे अज्ञात लोग धमका रहे हैं। वह परिवार सहित बहुत ही डरा-सहमा है। वह 15 फरवरी को बरेली में विधानसभा चुनाव हो जाने के बाद इंदिरापुरम आकर मामले की शिकायत करेगा।      
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