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कैश के लिए लगी कतार, बैंक लाचार
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Mon, 21 Nov 2016 11:09 PM IST
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बैंक
- फोटो : अमर उजाला
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आरबीआई कानपुर से सोमवार को भी बैंकों के पास कैश न पहुंचने पर अफरा-तफरी का माहौल रहा। रविवार की छुट्टी के बाद जब बैंक खुले तो लोगों की भीड़ बाहर उमड़ी हुई थी। जिन बैंकाें के पास थोड़ा बहुत जो कैश बचा था, वह उन्होंने बांटा। दोपहर तक लगभग सभी बैंकाें के पास कैश खत्म हो गया था। कुछ बैंक जिनका करेंसी चेस्ट गाजियाबाद में ही है, वहां शाम तक कैश बांटा गया। उधर, भीड़ को संभालने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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दूसरी ओर डीएम निधि केसरवानी का कहना है कि कैश न आने से परेशानी बनी हुई है। प्रशासन लगातार बैंक अधिकारियों से संपर्क में है। जल्द कैश का इंतजाम कर लिया जाएगा। लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (एलडीएम) आरएस मीणा का कहना है कि कैश की दिक्कतें दो से तीन दिन के अंदर सामान्य हो जाएंगी।
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आरबीआई से कैश जरूरत के मुताबिक भेजा जा रहा है। बैंकों को निर्देशित किया गया है कि वह लोगों को थोड़ा बहुत कैश जरूर दें। एचडीएफसी बैंक में दोपहर 12 बजे ही कैश ही खत्म हो गया। बैंकों के बाहर लोगों की लाइन तो लगी, पर उन्हें घंटों खड़े होने के बाद भी कैश नहीं मिला। दोपहर बाद से ही बैंकों के बाहर लाइनें खत्म होने लगी।
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केवल पीएनबी और एसबीआई की शाखाओं के बाहर लाइनें लगी थी।आरबीआई की ओर से कैश न आने पर लोगों के साथ बैंक प्रबंधन को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यूनियन बैंक में बीते शनिवार से कैश नहीं है। यही हाल अन्य बैंकाें का है।
सोमवार को नवयुग मार्केट स्थित अधिकांश बैंक जैसे इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, युनाइटेड बैंक, आंध्रा बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक समेत कई अन्य बैंक दोपहर तक खाली हो गए थे। आरबीआई से कैश कब तक आएगा, यह भी बैंक अधिकारी नहीं बता पा रहे हैं।
सेंट्रल बैंक में कैश न होने पर दस रुपये के सिक्के बांटे गए। बैंक मैनेजर वीरेंद्र पाठक के मुताबिक बैंक के पास 20 और 50 के छोटे नोट के साथ जो सिक्के थे, वही दिए गए। कई लोगों ने सिक्के लेने से इंकार कर दिया। लोगों को कैश न आने की बात बताई गई तब वह गए। मंगलवार को काम कैसे चलेगा पता नहीं।
यदि कैश आ गया तो बंटेगा या फिर नहीं बंटेगा।शहर के कुछ पेट्रोल पंपों पर लोगों की सुविधा के लिए कैश मिलना शुरू हो गया था। डूंडाहेडा के जय आटो मोबाइल, पांडव नगर स्थित ओम फ्यूल और हापुड़ रोड स्थित दाऊजी पेट्रोल पंप पर कार्ड स्वैप कराने के बाद 2000 कैश दिया जा रहा है।
जय आटो मोबाइल के ओनर जयवीर सिंह ने बताया कि दो पेट्रोल पंपों पर एसबीआई की स्वैप मशीन से कैश दिया जा रहा है। लोगों के पास एसबीआई का डेबिट या कैश कार्ड होना चाहिए। एक आईडी प्रूफ की कॉपी देनी होगी। कैश देने के बाद जो स्लिप मिलेगी उस पर ग्राहक के हस्ताक्षर और कार्ड नंबर लिखकर जमा की जाएगी।
उधर, दाऊजी पेट्रोल पंप के ओनर सुधीर गुप्ता ने बताया कि एचडीएफसी बैंक के साथ उनका लिंक हुआ है, लेकिन बैंक से ही कैश नहीं आ रहा है। उस स्थिति में लोगों को कैसे कैश दिया जाए।सरकार के निर्देश के बाद भी शादी वालों को ढाई लाख रुपये कैश नहीं मिल रहा है। दिल्ली गेट निवासी दश वर्धन गुप्ता ने बताया कि उनके भाई की शादी 24 नवंबर को है।
घर में कैश की सख्त जरूरत है, लेकिन एचडीएफसी बैंक अधिकारी लिमिट का ढाई लाख रुपये नहीं दे रहे। सोमवार को बैंक मैनेजर ने बात करने से ही मना कर दिया।इंडियन ओवरसीज बैंक में नोट बदलने के लिए सिर्फ पैन कार्ड और आधार कार्ड ही मांगा जा रहा है।
बैंक के एजीएम अनिल कुमार दत्ता ने बताया कि करीब दो दर्जन फार्म ऐसे आए, जिन्हाेंने पूर्व में नोट बदले थे। वह सोमवार को फिर से पैसे बदलने पहुंचे, मगर कंप्यूटर डाटा की वजह से पकडे़ गए। इन सभी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।