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मंदबुद्धि किशोरी को शेल्टर होम में लेने से किया इंकार-Ghaziabad city
Updated Mon, 20 Aug 2018 05:24 PM IST
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मंदबुद्धि किशोरी को शेल्टर होम ने लेने से किया इंकार
गाजियाबाद। कविनगर पुलिस द्वारा बरामद की गई मंदबुद्धि किशोरी और असम से मानव तस्करी कर लाई गई किशोरी को शेल्टर होम ने लेने से इंकार कर दिया है। शनिवार को पुलिस दोनों को लेकर एक से दूसरे शेल्टर होम तक घूमती रही। मंदबुद्धि बच्ची को पनाह देने से दो शेल्टर होम संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए। हालांकि पुलिस की गुजारिश के बाद कनावनी स्थित शेल्टर होम में किशोरियों को शनिवार देर रात एंट्री मिल गई, लेकिन संचालकों ने एक दिन बाद किशोरी को लौटाने की अग्रिम सूचना भी दे दी।
दरअसल, गाजियाबाद में मंदबुद्धि बच्चियों को रखने के लिए शेल्टर होम नहीं है। आशादीप फाउंडेशन का शेल्टर होम और कनावनी स्थित शेल्टर होम मंदबुद्धि बच्चों को नहीं लेते हैं। गाजियाबाद से बरामद 14 वर्षीय मंदबुद्धि और 15 वर्षीय असम की किशोरी को शनिवार को कविनगर पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया। सीडब्ल्यूसी ने किशोरियों को शहीद नगर स्थित आशादीप फाउंडेशन में छोड़ने के आदेश दिए थे। पुलिस दोनों को वहां लेकर पहुंची तो शेल्टर होम बंद मिला। पुलिस ने फाउंडेशन की संचालिका से संपर्क किया तो पता चला कि वह शेल्टर होम के बच्चों को लेकर दिल्ली घुमाने गई हैं। उन्होंने मंदबुद्धि बच्ची को लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद कविनगर पुलिस कनावनी स्थित शेल्टर होम पहुंची, तो यहां भी मंदबुद्धि बच्ची को दाखिल करने से मना कर दिया गया। काफी मिन्नतों के बाद शेल्टर होम प्रबंधन ने किशोरियों को दाखिल किया। उधर, आशादीप फाउंडेशन की सचिव ज्योति चेट्टी का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मंदबुद्धि बच्ची को लेने से इंकार किया था। उनके शेल्टर होम में पहले से ही पांच मंदबुद्धि बच्चियां हैं। उन्हें संभालने के लिए उनके पास स्टाफ नहीं है।
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गाजियाबाद। कविनगर पुलिस द्वारा बरामद की गई मंदबुद्धि किशोरी और असम से मानव तस्करी कर लाई गई किशोरी को शेल्टर होम ने लेने से इंकार कर दिया है। शनिवार को पुलिस दोनों को लेकर एक से दूसरे शेल्टर होम तक घूमती रही। मंदबुद्धि बच्ची को पनाह देने से दो शेल्टर होम संचालकों ने हाथ खड़े कर दिए। हालांकि पुलिस की गुजारिश के बाद कनावनी स्थित शेल्टर होम में किशोरियों को शनिवार देर रात एंट्री मिल गई, लेकिन संचालकों ने एक दिन बाद किशोरी को लौटाने की अग्रिम सूचना भी दे दी।
दरअसल, गाजियाबाद में मंदबुद्धि बच्चियों को रखने के लिए शेल्टर होम नहीं है। आशादीप फाउंडेशन का शेल्टर होम और कनावनी स्थित शेल्टर होम मंदबुद्धि बच्चों को नहीं लेते हैं। गाजियाबाद से बरामद 14 वर्षीय मंदबुद्धि और 15 वर्षीय असम की किशोरी को शनिवार को कविनगर पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया। सीडब्ल्यूसी ने किशोरियों को शहीद नगर स्थित आशादीप फाउंडेशन में छोड़ने के आदेश दिए थे। पुलिस दोनों को वहां लेकर पहुंची तो शेल्टर होम बंद मिला। पुलिस ने फाउंडेशन की संचालिका से संपर्क किया तो पता चला कि वह शेल्टर होम के बच्चों को लेकर दिल्ली घुमाने गई हैं। उन्होंने मंदबुद्धि बच्ची को लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद कविनगर पुलिस कनावनी स्थित शेल्टर होम पहुंची, तो यहां भी मंदबुद्धि बच्ची को दाखिल करने से मना कर दिया गया। काफी मिन्नतों के बाद शेल्टर होम प्रबंधन ने किशोरियों को दाखिल किया। उधर, आशादीप फाउंडेशन की सचिव ज्योति चेट्टी का कहना है कि उन्होंने सिर्फ मंदबुद्धि बच्ची को लेने से इंकार किया था। उनके शेल्टर होम में पहले से ही पांच मंदबुद्धि बच्चियां हैं। उन्हें संभालने के लिए उनके पास स्टाफ नहीं है।
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