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अधीक्षण अभियंता के खिलाफ थाने में दी तहरीर-Cordination
Updated Mon, 24 Sep 2018 06:00 PM IST
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आविप के अधीक्षण अभियंता के खिलाफ थाने पहुंचे लोग
गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में रहने वाले लोग लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद उन्होंने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा था। समस्याओं का समाधान न होते देख लोगों ने रविवार को आविप अधीक्षण अभियंता केए सिंघल के खिलाफ विजय नगर थाने में तहरीर दी।
प्रताप विहार स्थित सिद्धार्थ विहार गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट सेक्टर-7 सप्तम वृत्त में आविप द्वारा विकसित इमारत हादसे को न्यौता दे रही हैं। लोग सुरक्षा संबंधी परेशानी से जूझ रहे हैं। जीवाईएच एओए ने अधीक्षण अभियंता केए सिंघल को ज्ञापन सौंपा था। आविप की 20 मंजिला इमारत में 1292 भवन हैं। इनमें 1200 लोग बिना कंपलीशन सर्टीफिकेशन और फायर एनओसी के रह रहे हैं। समिति उपाध्यक्ष नीरज कुशवाहा का कहना है कि परिसर में बोरिंग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे पानी का पीपीएम लेवल 2500 से ऊपर पहुंच चुका है, जो उपयोग के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि पोस्ट पेड मीटर की व्यवस्था करा सुचारु विद्युत आपूर्ति के विषय में भी कोई तय सीमा नहीं बताई गई है। अपार्टमेंट ओनर्स के महासचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि कार पार्किंग और बिजली ट्रांसफार्मर के लिए वसूली की जा चुकी है, लेकिन सुविधाओं का अभी तक कोई नाम निशान नहीं हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट के अनुसार सामुदायिक भवन भी था जबकि परिसर में कोई सामुदायिक भवन नहीं हैं। लोग घंटो तक लिफ्ट में फंसे रहते हैं। पिछले दो सालों से लिखित शिकायत के बाद भी आवास विकास के अधिकारियोें से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। सहसचिव सौरव सान्याल ने बताया कि आवास आयुक्त धीरज साहू ने 2017 में अधिकारियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन अभियंता की उदासीनता के कारण आवंटी अभी तक सुविधाओं से वंचित हैं। सारी समस्याओं का समाधान न होता देख अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विजय नगर थाने में तहरीर दी है।
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गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार स्थित गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट में रहने वाले लोग लंबे समय से समस्याओं से जूझ रहे हैं। कई बार शिकायत के बाद उन्होंने अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा था। समस्याओं का समाधान न होते देख लोगों ने रविवार को आविप अधीक्षण अभियंता केए सिंघल के खिलाफ विजय नगर थाने में तहरीर दी।
प्रताप विहार स्थित सिद्धार्थ विहार गंगा यमुना हिंडन अपार्टमेंट सेक्टर-7 सप्तम वृत्त में आविप द्वारा विकसित इमारत हादसे को न्यौता दे रही हैं। लोग सुरक्षा संबंधी परेशानी से जूझ रहे हैं। जीवाईएच एओए ने अधीक्षण अभियंता केए सिंघल को ज्ञापन सौंपा था। आविप की 20 मंजिला इमारत में 1292 भवन हैं। इनमें 1200 लोग बिना कंपलीशन सर्टीफिकेशन और फायर एनओसी के रह रहे हैं। समिति उपाध्यक्ष नीरज कुशवाहा का कहना है कि परिसर में बोरिंग द्वारा उपलब्ध कराये जा रहे पानी का पीपीएम लेवल 2500 से ऊपर पहुंच चुका है, जो उपयोग के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि पोस्ट पेड मीटर की व्यवस्था करा सुचारु विद्युत आपूर्ति के विषय में भी कोई तय सीमा नहीं बताई गई है। अपार्टमेंट ओनर्स के महासचिव अभिषेक सिंह ने बताया कि कार पार्किंग और बिजली ट्रांसफार्मर के लिए वसूली की जा चुकी है, लेकिन सुविधाओं का अभी तक कोई नाम निशान नहीं हैं। इसके अलावा प्रोजेक्ट के अनुसार सामुदायिक भवन भी था जबकि परिसर में कोई सामुदायिक भवन नहीं हैं। लोग घंटो तक लिफ्ट में फंसे रहते हैं। पिछले दो सालों से लिखित शिकायत के बाद भी आवास विकास के अधिकारियोें से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला है। सहसचिव सौरव सान्याल ने बताया कि आवास आयुक्त धीरज साहू ने 2017 में अधिकारियों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, लेकिन अभियंता की उदासीनता के कारण आवंटी अभी तक सुविधाओं से वंचित हैं। सारी समस्याओं का समाधान न होता देख अधीक्षण अभियंता के खिलाफ विजय नगर थाने में तहरीर दी है।
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