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निगम कार्यालय का लेंटर गिरा, कर्मचारी घायल
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Fri, 01 Jul 2016 01:19 AM IST
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नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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नगर निगम के सिटी जोन कार्यालय में लेंटर का एक हिस्सा बृहस्पतिवार को भरभरा कर गिर गया। इसकी चपेट में आकर निगम का एक कंप्यूटर ऑपरेटर घायल हो गया। गनीमत रही कि उसके सिर पर बड़ा हिस्सा नहीं गिरा। हादसे में कंप्यूटर, प्रिंटर और पंखा क्षतिग्रस्त हो गया।
अंग्रेजी शासनकाल की यह इमारत जर्जर हो चुकी है। बृहस्पतिवार को लेंटर का हिस्सा गिरने से कर्मचारियों में दहशत भी है और आक्रोश भी। घटना के बाद उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया।
टाउन हाल नगर निगम का सबसे पुराना दफ्तर है। फिलहाल इसमें सिटी जोन का दफ्तर चल रहा है। बृहस्पतिवार को टैक्स कलेक्शन काउंटर के पास कंप्यूटर ऑपरेटर अमित पांडेय काम कर रहे थे।
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इसी दौरान जर्जर लेंटर का एक हिस्सा गिर गया। इससे उसे मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद कर्मचारियों में इतनी दहशत थी कि उस कमरे में बैठने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। घटना की सूचना पर निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री संजय शर्मा, निजाम अली समेत अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
कर्मचारियों ने रोष जताते हुए निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।
आठ साल से बन रहा मरम्मत का प्रस्ताव
अंग्रेजी शासनकाल की इस इमारत की मरम्मत और इसको तोड़कर यहां शॉपिंग मॉल बनाने के दो प्रस्ताव करीब आठ साल पहले नगर निगम ने बनाए थे। दोनों ही प्रस्ताव अभी तक परवान नहीं चढ़ पाए।
करीब दो साल पहले तत्कालीन महापौर तेलूराम कांबोज ने इस इमारत की मरम्मत और एक हिस्से में म्यूजियम बनवाने की प्लानिंग की थी। इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका था, लेकिन यह प्रस्ताव भी अटक गया।
पहले परफ्यूम छिड़क कर काम शुरू करते हैं अधिकारी
पूरे शहर में स्वच्छता अभियान चलाने वाला नगर निगम अपने सिटी जोन कार्यालय की दशा नहीं सुधार सका है। यहां टॉयलेट्स की हालत इतनी बदतर है कि अधिकारी उनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं।
जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक कार्यालय के ठीक पीछे बने टॉयलेट से इतनी दुर्गंध आती है कि दफ्तर में बैठना मुश्किल होता है। सुबह आते ही अधिकारी पहले अपने कार्यालय में परफ्यूम छिड़कते हैं और फिर बैठकर काम शुरू करते हैं।
अन्य कमरों की हालत भी बदतर
सिटी जोन के अन्य कार्यालयों की हालत बदतर है। जोनल चेयरमैन कार्यालय में दीवारों से सीमेंट गिरने लगा है। छत का सीमेंट गिरने की कगार पर है। कार्यालय की एंट्री प्वाइंट पर खाली कमरे में दिनभर जुआ और सट्टा खेला जाता है।
जोनल कार्यालय की मरम्मत का टेंडर निर्माण विभाग से जारी हो चुका है। चीफ इंजीनियर से वार्ता कर काम जल्द ही शुरू कराया जाएगा। पूरे दफ्तर की मरम्मत कर नए टॉयलेट्स बनवाए जाएंगे। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त व जोनल अधिकारी
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अंग्रेजी शासनकाल की यह इमारत जर्जर हो चुकी है। बृहस्पतिवार को लेंटर का हिस्सा गिरने से कर्मचारियों में दहशत भी है और आक्रोश भी। घटना के बाद उन्होंने नारेबाजी कर विरोध जताया।
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टाउन हाल नगर निगम का सबसे पुराना दफ्तर है। फिलहाल इसमें सिटी जोन का दफ्तर चल रहा है। बृहस्पतिवार को टैक्स कलेक्शन काउंटर के पास कंप्यूटर ऑपरेटर अमित पांडेय काम कर रहे थे।
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इसी दौरान जर्जर लेंटर का एक हिस्सा गिर गया। इससे उसे मामूली चोटें आई हैं। हादसे के बाद कर्मचारियों में इतनी दहशत थी कि उस कमरे में बैठने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। घटना की सूचना पर निगम कर्मचारी संघ के महामंत्री संजय शर्मा, निजाम अली समेत अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे।
कर्मचारियों ने रोष जताते हुए निगम अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उनका आरोप है कि जर्जर बिल्डिंग की मरम्मत की मांग लंबे समय से की जा रही है। अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।
आठ साल से बन रहा मरम्मत का प्रस्ताव
अंग्रेजी शासनकाल की इस इमारत की मरम्मत और इसको तोड़कर यहां शॉपिंग मॉल बनाने के दो प्रस्ताव करीब आठ साल पहले नगर निगम ने बनाए थे। दोनों ही प्रस्ताव अभी तक परवान नहीं चढ़ पाए।
करीब दो साल पहले तत्कालीन महापौर तेलूराम कांबोज ने इस इमारत की मरम्मत और एक हिस्से में म्यूजियम बनवाने की प्लानिंग की थी। इसके लिए टेंडर भी जारी हो चुका था, लेकिन यह प्रस्ताव भी अटक गया।
पहले परफ्यूम छिड़क कर काम शुरू करते हैं अधिकारी
पूरे शहर में स्वच्छता अभियान चलाने वाला नगर निगम अपने सिटी जोन कार्यालय की दशा नहीं सुधार सका है। यहां टॉयलेट्स की हालत इतनी बदतर है कि अधिकारी उनका इस्तेमाल करने से कतराते हैं।
जोनल अधिकारी और कर अधीक्षक कार्यालय के ठीक पीछे बने टॉयलेट से इतनी दुर्गंध आती है कि दफ्तर में बैठना मुश्किल होता है। सुबह आते ही अधिकारी पहले अपने कार्यालय में परफ्यूम छिड़कते हैं और फिर बैठकर काम शुरू करते हैं।
अन्य कमरों की हालत भी बदतर
सिटी जोन के अन्य कार्यालयों की हालत बदतर है। जोनल चेयरमैन कार्यालय में दीवारों से सीमेंट गिरने लगा है। छत का सीमेंट गिरने की कगार पर है। कार्यालय की एंट्री प्वाइंट पर खाली कमरे में दिनभर जुआ और सट्टा खेला जाता है।
जोनल कार्यालय की मरम्मत का टेंडर निर्माण विभाग से जारी हो चुका है। चीफ इंजीनियर से वार्ता कर काम जल्द ही शुरू कराया जाएगा। पूरे दफ्तर की मरम्मत कर नए टॉयलेट्स बनवाए जाएंगे। - अरुण कुमार गुप्त, उप नगर आयुक्त व जोनल अधिकारी