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कांग्रेसियों ने नोटबंदी के खिलाफ दिया धरना, 25 पर रिपोर्ट दर्ज
ब्यूरो, अमर उजाला /गाजियाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 01:16 AM IST
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धरना देते कांग्रेसी
- फोटो : अमर उजाला
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कांग्रेसी नेताओं ने शनिवार को नोटबंदी के खिलाफ धरना दिया तो पुलिस ने उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करादी। कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना समेत 10 लोगों को नामजद करते हुए 25 लोगों पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कांग्रेसी नेताओं ने अनुमति के बावजूद रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस की तानाशाही बताया। दूसरी ओर, महानगर कांग्रेस कमेटी ने नोटबंदी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन दिया।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना, पूर्व महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, सीनियर नेता लोकेश चौधरी समेत 40 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता शनिवार सुबह नोटबंदी के खिलाफ पार्टी कार्यालय से लोहिया नगर के गांधी पार्क में धरना देने पहुंचे थे।
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इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बैंक से पैसा निकालने पर पाबंदी हटाए जाने, नोटबंदी की अवधि में जमा धनराशि पर 18 फीसदी ब्याज देने, कैशलेस लेनदेन पर कमीशन बंद किए जाने, बीपीएल परिवार की महिलाओं के खातों में 25 हजार रुपए जमा कराए जाने, मनरेगा मजदूरों के काम के दिन और दिहाड़ी दोगुनी किए जाने और छोटे दुकानदारों को एक साल तक इनकम व सेल्स टैक्स में 50 फीसदी छूट दिए जाने की मांग की।
पुलिस को धरना दिए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे रुकवा दिया। जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना ने बताया कि पुलिस के कहने पर उन्होंने धरना खत्म कर दिया और चार लोगों ने जाकर डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
बावजूद इसके पुलिस ने उनके और अन्य नेताओं पर केस दर्ज कर दिया। उनका कहना है कि शुक्रवार को ही उन्होंने जिला प्रशासन के पास अनुमति के लिए आवेदन कर दिया था। प्रशासन ने शनिवार सुबह अनुमति पत्र जारी कर सीधे थाने को भेज दिया।
अब पुलिस अफसरों का कहना है कि उस अनुमति पत्र पर कार्यालय की मुहर तो है, लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसमें उनकी गलती नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन की खामी है। इसके खिलाफ वह कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे।
उधर, सिहानी गेट कोतवाली के एसएचओ अवनीश दीक्षित का कहना है कि धरना देने वाले लोगों के पास अनुमति नहीं थी। धारा-144 के उल्लंघन पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर रिपोर्ट एडीएम सिटी को भेज दी गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस महानगर कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नोटबंदी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन देकर विरोध जताया।
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कांग्रेसी नेताओं ने अनुमति के बावजूद रिपोर्ट दर्ज किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे पुलिस की तानाशाही बताया। दूसरी ओर, महानगर कांग्रेस कमेटी ने नोटबंदी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन दिया।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना, पूर्व महानगर अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, सीनियर नेता लोकेश चौधरी समेत 40 से ज्यादा नेता-कार्यकर्ता शनिवार सुबह नोटबंदी के खिलाफ पार्टी कार्यालय से लोहिया नगर के गांधी पार्क में धरना देने पहुंचे थे।
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इस दौरान कांग्रेसियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। उन्होंने बैंक से पैसा निकालने पर पाबंदी हटाए जाने, नोटबंदी की अवधि में जमा धनराशि पर 18 फीसदी ब्याज देने, कैशलेस लेनदेन पर कमीशन बंद किए जाने, बीपीएल परिवार की महिलाओं के खातों में 25 हजार रुपए जमा कराए जाने, मनरेगा मजदूरों के काम के दिन और दिहाड़ी दोगुनी किए जाने और छोटे दुकानदारों को एक साल तक इनकम व सेल्स टैक्स में 50 फीसदी छूट दिए जाने की मांग की।
पुलिस को धरना दिए जाने की जानकारी मिली तो उन्होंने उसे रुकवा दिया। जिलाध्यक्ष हरेंद्र कसाना ने बताया कि पुलिस के कहने पर उन्होंने धरना खत्म कर दिया और चार लोगों ने जाकर डीएम को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया।
बावजूद इसके पुलिस ने उनके और अन्य नेताओं पर केस दर्ज कर दिया। उनका कहना है कि शुक्रवार को ही उन्होंने जिला प्रशासन के पास अनुमति के लिए आवेदन कर दिया था। प्रशासन ने शनिवार सुबह अनुमति पत्र जारी कर सीधे थाने को भेज दिया।
अब पुलिस अफसरों का कहना है कि उस अनुमति पत्र पर कार्यालय की मुहर तो है, लेकिन अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसमें उनकी गलती नहीं है, बल्कि जिला प्रशासन की खामी है। इसके खिलाफ वह कोर्ट में लड़ाई लड़ेंगे।
उधर, सिहानी गेट कोतवाली के एसएचओ अवनीश दीक्षित का कहना है कि धरना देने वाले लोगों के पास अनुमति नहीं थी। धारा-144 के उल्लंघन पर उनके खिलाफ केस दर्ज कर रिपोर्ट एडीएम सिटी को भेज दी गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस महानगर कमेटी अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने भी पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ नोटबंदी के खिलाफ डीएम को ज्ञापन देकर विरोध जताया।