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कॉलेजों ने नहीं दिया ब्यौरा तो घोषित होंगे डिफॉल्टर
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 07 May 2017 10:00 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गाजियाबाद। अखिल भारतीय उच्चतर शिक्षा सर्वे (एआईएसएचई) में ऑनलाइन डाटा अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों को डिफॉल्टर घोषित किया जा सकता है। कई बार रिमाइंडर के बावजूद शैक्षिक ब्यौरा अपलोड नहीं करने वाले राजकीय, एडेड और सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को सीसीएसयू ने आखिरी चेतावनी दी है।
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अब अगर कॉलेज 10 मई तक एआईएसएचई के पोर्टल पर कॉलेज की विस्तृत सूचनाएं अपलोड नहीं करते हैं तो उन्हें डिफॉल्टर की लिस्ट में शामिल कर सत्र 2017-18 की प्रवेश प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा।
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ऐसे कॉलेज नए सत्र में किसी भी कोर्सेज में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। तय तिथि के बावजूद डाटा अपलोड नहीं करने पर विवि की ओर से ऐसे कॉलेजों की मान्यता निरस्त करने का नोटिस भी जारी कर दिया जाएगा।
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सीसीएसयू ने एआईएसएचई में डाटा अपलोड नहीं करने वाले कॉलेजों पर यूजीसी और उत्तर प्रदेश शासन की ओर से कड़ी कार्रवाई करने के आदेश का हवाला भी दिया है। सर्वे के तहत बीते दो सालों से उच्च शिक्षण संस्थानों का डाटा अपलोड करने की कार्रवाई की जा रही है, लेकिन मानकों को ताक पर रखकर चल रहे अधिकांश कॉलेजों ने कार्रवाई के डर से ब्यौरा अपलोड नहीं किया है।
कॉलेजों को देनी है हर गतिविधि की जानकारी
एआईएसएचई में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को अपने कॉलेज में चलने वाले कोर्सेज, सभी शिक्षकों, स्टूडेंट्स की संख्या और कर्मचारियों की संख्या का ब्यौरा देना हैं। इसमें शिक्षकों की शैक्षिक योग्यता और कार्यअनुभव का उल्लेख किया जाना जरूरी है। साथ ही कॉलेज में साइंस लैब, पुस्तकालय, आर्ट लैब, स्पोर्ट्स की गतिविधियों के साथ नैक सर्वेक्षण की जानकारी भी मांगी गई है।