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नहीं मिल रही कैब, ऑटो-टैक्सी वाले काट रहे जेब
ब्यूरो , अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Wed, 15 Feb 2017 09:26 PM IST
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- फोटो : demo pic
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ओला-उबर कैब चालकों की हड़ताल से जहां आम जनता परेशान है, वहीं प्राइवेट टैक्सी चालकों चांदी हो गई है। प्राइवेट टैक्सी चालक लोगों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। छह रुपये प्रति किलोमीटर की दर से चलने वाली ओला-उबर की हड़ताल का फायदा उठाकर प्राइवेट टैक्सी चालक लोगों से 22-25 रुपये प्रति किलोमीटर किराया चार्ज कर रहे हैं।
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उधर, रोजाना कैब से सफर करने वाले हजारों लोग बुधवार को भी मेट्रो और प्राइवेट टैक्सी से ऑफिस पहुंचे। लोगों ने पूल करके जाना शुरू कर दिया है। टीएचए के लोगों के लिए ओला और उबर कैब लाइफ लाइन बन चुकी है। रोजाना करीब 10 हजार यात्री कैब से सफर करते हैं। ओला और उबर कैब चालकों की हड़ताल से मुसीबत बढ़ गई है।
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दिल्ली, नोएडा, गुड़गांव और फरीदाबाद का सफर मुश्किल हो गया है। बुधवार को भी लोगों ने एप के जरिए कैब बुक करने की कोशिश की लेकिन कैब बुक नहीं हो हुई। इसके बाद लोगों ने मेट्रो का सहारा लिया। इससे मेट्रो स्टेशन और टिकट काउंटर पर यात्रियों की भीड़ लग गई।
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भीड़ से बचने के लिए यात्रियों नको ऑटो और बस के लिए भी सड़क पर खड़े होकर काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। उधर, कैब चालकों की हड़ताल का फायदा ऑटो और प्राइवेट टैक्सी चालकों ने अपना किराया चार गुना तक बढ़ा दिया। कैब से गाजियाबाद, दिल्ली, नोएडा जाने के लिए पहले जहां 100 सेे 150 रुपये खर्च करने पड़ते थे।
वहीं, बुधवार को ऑटो चालकों ने 300-400 रुपये तक किराया चार्ज किया। आराम से सफर और जल्द गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को मजबूरन ज्यादा पैसे देने पड़े।
ऑफिस पहुंचने में हो रही देरी
कैब नहीं मिलने पर लोग ऑटो लेकर मेट्रो स्टेशन पहुंच रहे हैं। इसके बाद मेट्रो के जरिए दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद, गुड़गांव जा रहे हैं। वहां मेट्रो स्टेशन से फिर से ऑटो या रिक्शा लेकर ऑफिस जाना पड़ता है, जिससे अधिक समय लग रहा है। इसकी वजह से लोगों को ऑफिस पहुंचने में देरी हो रही है। ऑफिस देरी से पहुंचने से बचने के लिए लोग घर से जल्दी भी निकल रहे हैं।
वैशाली, कौशांबी और इंदिरापुरम में पुलिस रही सतर्क
तीन दिन से लगातार कैब चालकों द्वारा हंगामा और कैब में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाओं के बाद बुधवार को पुलिस सतर्क रही। पुलिस की पीसीआर मेट्रो स्टेशन, बस स्टॉप, गौड़ चौक, बॉर्डर आदि पर गश्त करती रही। इसके साथ ही कई जगहों पर सादी वर्दी में भी पुलिस कर्मी तैनात रहे।
कैब में आग लगाने वालों पर रिपोर्ट दर्ज
इंदिरापुरम स्थित ग्रीन वैली रोड पर कैब में आग लगाने वाले चार कैब चालकों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस अज्ञात कैब चालकों की तलाश में भी लग गई है। पुलिस आसपास लगे वैंक्वेट हॉल के बाहर लगी सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जिससे कैब चालकों का सुराग लग सके।
सीओ अनिल यादव ने बताया कि कैब में आग लगाने के बाद अज्ञात कैब चालक भागे हुए हैं। वह भागते हुए आसपास के किसी सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दे सकते हैं।
मेट्रो यात्रियों की संख्या में करीब ढाई हजार का इजाफा
ओला-उबर कैब की हड़ताल से बीते दो दिन में मेट्रो यात्रियों की संख्या में भारी इजाफा होता दिख रहा है। आंकड़ों की मानें तो दो दिन में ढाई हजार यात्री वैशाली और कौशांबी मेट्रो स्टेशन से बढ़े हैं। यात्रियों की संख्या बढ़ने से सुबह के समय मेट्रो स्टेशनों पर भारी भीड़ जुट रही है। डीएमआरसी को रोजाना एक-डेढ़ लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिल रहा है।
लोगों की परेशानी
रोजाना कैब से गाजियाबाद स्थित कॉलेज जाती थी, जिसमें 100 से 125 रुपये लगते थे। दो दिन से प्राइवेट टैक्सी से जाना पड़ रहा है। इसमें 300 रुपये देने पड़े रहे हैं।
- सुष्मिता, शालीमार गार्डन
घर के बाहर से कैब में बैठकर ऑफिस पहुंच जाते थे। अब तो तीन-तीन जगह पर मेट्रो और ऑटो बदलना पड़ रहा है। इसकी वजह से काफी समय बर्बाद हो रहा है और ऑफिस पहुंचने में भी देर हो जा रही है।
- अंकुर, वसुंधरा
ऑटो वालों ने भी अपना किराया बढ़ा दिया है। पहले 50 रुपये में ऑटो वाले बॉर्डर पर छोड़ देते थे अब तो सौ रुपये से कम पर जा ही नहीं रहे हैं। मजबूरी में ज्यादा पैसा देकर सफर करना पड़ रहा है।
- नवनीत वैशाली