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Ghaziabad News: पावरलूम के श्रमिक के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर 22 लाख का कारोबार
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मोदीनगर। सावधान... लोगों के दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाकर लेनदेन करने वाले सक्रिय हैं। दो दिन पहले चाय की दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति को आयकर विभाग का नोटिस मिला था। जांच में पता लगा कि उसके दस्तावेज पर फर्म बनाकर 70 लाख का कारोबार हुआ है। मंगलवार को भी ऐसा ही एक और मामला सामने आया। शातिरों ने पावरलूम में काम करने वाले श्रमिक बिजेंद्र के दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाकर 22 लाख रुपये का कारोबार कर लिया। उसे भी आयकर विभाग से नोटिस मिला। हरीश और बिजेंद्र दोनों एक ही कॉलोनी में रहते है।
गोविंदपुरी स्थित डबल स्टोरी कॉलोनी निवासी बिजेंद्र ने बताया कि बताया कि होली के आसपास आयकर विभाग का एक नोटिस उनके घर पहुंचा। नोटिस अधिवक्ता को दिखाया तो उनके नाम पर फर्म बनाकर 22 लाख रुपये के कारोबार करने का खुलासा हुआ। बिजेंद्र का कहना है कि उसने अपने जीवन में कभी एक लाख रुपये भी एक साथ नहीं देखे। नोटिस मिलने के बाद बिजेंद्र के होश उड़ गए। उसने बताया कि उसने अपने दस्तावेज का कहीं इस्तेमाल नहीं किया। इसके बावजूद उसके दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाई गई।
फर्जी फर्म बनाकर लगातार दो मामले सामने आने के बाद किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, जो साधारण लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर कारोबार कर रहे हैं। कर अधिवक्ता एडवोकेट अरुण राघव का कहना है कि अगर पुलिस गंभीरता से जांच करे तो आरोपी पकड़ में आ सकते है। एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले में कार्रवाई की जा जाएगी।
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गोविंदपुरी स्थित डबल स्टोरी कॉलोनी निवासी बिजेंद्र ने बताया कि बताया कि होली के आसपास आयकर विभाग का एक नोटिस उनके घर पहुंचा। नोटिस अधिवक्ता को दिखाया तो उनके नाम पर फर्म बनाकर 22 लाख रुपये के कारोबार करने का खुलासा हुआ। बिजेंद्र का कहना है कि उसने अपने जीवन में कभी एक लाख रुपये भी एक साथ नहीं देखे। नोटिस मिलने के बाद बिजेंद्र के होश उड़ गए। उसने बताया कि उसने अपने दस्तावेज का कहीं इस्तेमाल नहीं किया। इसके बावजूद उसके दस्तावेजों पर फर्जी फर्म बनाई गई।
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फर्जी फर्म बनाकर लगातार दो मामले सामने आने के बाद किसी बड़े गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है, जो साधारण लोगों के नाम पर फर्जी फर्म बनाकर कारोबार कर रहे हैं। कर अधिवक्ता एडवोकेट अरुण राघव का कहना है कि अगर पुलिस गंभीरता से जांच करे तो आरोपी पकड़ में आ सकते है। एसीपी ज्ञानप्रकाश राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले में कार्रवाई की जा जाएगी।
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