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Ghaziabad News: दुजाना को मजबूत करने में लगा था बलराम, 10 पुलिस के राडार पर
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हिंडन पोस्टमार्टम हाउस के बाहर खड़े पुलिस मुठभेड़ में मरे बदमाश बलराम ठाकुर के परिजन। संवाद
गाजियाबाद। बलराम ठाकुर को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद अब पुलिस दुजाना गैंग के अन्य सदस्यों का पता लगा रही है। वेव सिटी थाना क्षेत्र में पैरिफेरल एक्सप्रेसवे के अंडरपास के नजदीक हुई मुठभेड़ के बाद फरार तीन बदमाशों की पहचान का भी प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार बुलंदशहर के जहांगीराबाद का रहने वाला बलराम ठाकुर मई 2024 में अनिल दुजाना के एसटीएफ के साथ मेरठ में हुई मुठभेड़ में ढेर होने के बाद गैंग को संभाल रहा था। उसकी मौत के बाद भी दुजाना गिरोह में कई बदमाश हैं। बलराम के पास से ब्रिटिश रिवाल्वर मिलने के बाद अंदेशा है कि गिरोह के सदस्यों के पास अच्छे हथियार हैं। जांच में सामने आया है कि बलराम गैंग में सदस्यों को बढ़ाने के लिए भी काम कर रहा था।
10 सदस्य पुलिस राडार पर
अनिल दुजाना की मुठभेड़ मौत हुए 1 साल से अधिक का समय हो गया है। इसके बाद भी दुजाना गैंग सक्रिय है। अलीगढ़ जेल से आने के बाद बलराम वहीं छिपा था। उसकी सुंदर भाटी गैंग के साथ भी तकरार थी। इसलिए वह गैंग को बढ़ाने का काम कर रहा था। बलराम को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद पुलिस को उसके गैंग के 10 और बदमाशों के बारे में जानकारी मिली है। उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि उसके गिरोह के सभी सदस्यों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
दो हाथ से गन चला सकता था बलराम
पुलिस के अनुसार बलराम ठाकुर के बारे में जानकारी करने पर उस पर दर्ज 34 केस के साथ-साथ उसके साथ दोनों हाथ से गन चलाने के बारे में जानकारी मिली है। बदमाश ने पुलिस पर भी कई राउंड फायर किए थे। इसमें एडीसीपी अपराध और स्वाट टीम प्रभारी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगने के साथ तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले हथियारों का पंजाब के गन हाउस से कनेक्शन
पहले ट्रॉनिका सिटी में गोल्डी बरार गैंग के दो और उसके बाद वेव सिटी में अनिल दुजाना गैंग को संभाल रहे बदमाश के ढेर होने के बाद एक बात सामान्य है। उनके पास आधुनिक और विदेशी हथियार मिले हैं। नवंबर 2024 से चल रही मेरठ एसटीएफ की कार्रवाई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली एनसीआर में हथियारों की सप्लाई में अटारी रोड खासा अमृतसर पंजाब के गन हाउस का नाम सामने आया है। इस गन हाउस से कार्बाइन, रायफल, पिस्टल समेत भारी मात्रा में कारतूस फर्जी रसीद के साथ हथियारों की सप्लाई जारी थी। अभी तक इस मामले में 6 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। दिल्ली के भी कई गैंग को इस गिरोह ने हथियार दिए हैं।
कोट
अनिल दुजाना गैंग में सक्रिय बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीयूष सिंह, एडीसीपी अपराध
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10 सदस्य पुलिस राडार पर
अनिल दुजाना की मुठभेड़ मौत हुए 1 साल से अधिक का समय हो गया है। इसके बाद भी दुजाना गैंग सक्रिय है। अलीगढ़ जेल से आने के बाद बलराम वहीं छिपा था। उसकी सुंदर भाटी गैंग के साथ भी तकरार थी। इसलिए वह गैंग को बढ़ाने का काम कर रहा था। बलराम को मुठभेड़ में ढेर करने के बाद पुलिस को उसके गैंग के 10 और बदमाशों के बारे में जानकारी मिली है। उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस का दावा है कि उसके गिरोह के सभी सदस्यों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
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दो हाथ से गन चला सकता था बलराम
पुलिस के अनुसार बलराम ठाकुर के बारे में जानकारी करने पर उस पर दर्ज 34 केस के साथ-साथ उसके साथ दोनों हाथ से गन चलाने के बारे में जानकारी मिली है। बदमाश ने पुलिस पर भी कई राउंड फायर किए थे। इसमें एडीसीपी अपराध और स्वाट टीम प्रभारी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लगने के साथ तीन पुलिसकर्मी भी घायल हो गए थे।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले हथियारों का पंजाब के गन हाउस से कनेक्शन
पहले ट्रॉनिका सिटी में गोल्डी बरार गैंग के दो और उसके बाद वेव सिटी में अनिल दुजाना गैंग को संभाल रहे बदमाश के ढेर होने के बाद एक बात सामान्य है। उनके पास आधुनिक और विदेशी हथियार मिले हैं। नवंबर 2024 से चल रही मेरठ एसटीएफ की कार्रवाई में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ दिल्ली एनसीआर में हथियारों की सप्लाई में अटारी रोड खासा अमृतसर पंजाब के गन हाउस का नाम सामने आया है। इस गन हाउस से कार्बाइन, रायफल, पिस्टल समेत भारी मात्रा में कारतूस फर्जी रसीद के साथ हथियारों की सप्लाई जारी थी। अभी तक इस मामले में 6 गिरफ्तारी हो चुकी हैं। दिल्ली के भी कई गैंग को इस गिरोह ने हथियार दिए हैं।
कोट
अनिल दुजाना गैंग में सक्रिय बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीयूष सिंह, एडीसीपी अपराध