फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   Backward town in Cleanlines survey, found 351st rank

स्वच्छता सर्वेक्षण में फिर पिछड़ा शहर, मिली 351वीं रैंक

Fri, 05 May 2017 12:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, गाजियाबाद Updated Fri, 05 May 2017 12:02 AM IST
विज्ञापन
Backward town in Cleanlines survey, found 351st rank
गंदगी - फोटो : अमर उजाला

स्वच्छता सर्वेक्षण में एक बार फिर गाजियाबाद पिछड़ गया है। 434 शहरों में हुए सर्वेक्षण में गाजियाबाद को स्वच्छता के मामले में 351वीं रैंक मिली है। 2000 अंक की इस परीक्षा में गाजियाबाद को सिर्फ 672 अंक मिले। स्वच्छता के मामले में गाजियाबाद अपने पड़ोसी शहर मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर से भी पीछे रहा। संसाधनों और नागरिक सुविधाओं की कमी की वजह से गाजियाबाद के नंबरों में कटौती हुई।

विज्ञापन


क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) की टीम ने जनवरी 2017 में तीन स्तर पर यह स्वच्छता सर्वेक्षण किया था। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में 45 फीसदी अंक  डॉक्यूमेंटेंशन, 30 फीसदी सिटीजन फीड बैक और 25 फीसदी डायरेक्ट ऑब्जर्वेशन के निर्धारित थे। क्यूसीआई की टीम ने शहरों में टॉयलेट्स की संख्या, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, खुले में शौच मुक्त, कूड़ा निस्तारण समेत कई बिंदुओं पर शहरों को परखा था।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी हुई तो उसमें गाजियाबाद 351 वें स्थान पर था। क्योंकि शहर में न मानकों के मुताबिक पब्लिक कम्युनिटी टॉयलेट्स थे और न ही डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन व निस्तारण की व्यवस्था थी। इससे पहले जनवरी 2016 में भी 75 शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया था, जिसमें गाजियाबाद काफी पिछड़ गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूपी के 43 शहरों में मिला 16 वां स्थान
स्वच्छता सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के छोेटे-बड़े 43 शहरों को शामिल किया गया था। इन भी गाजियाबाद टॉप टेन में भी नहीं रहा। प्रदेश के शहरों में भी गाजियाबाद का16 वां स्थान है।


अधिकारी बोले
स्वच्छता सर्वेक्षण में केवल शहर की सफाई ही नहीं देखी गई, बल्कि कूड़ा निस्तारण की योजना, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन, सेगरीगेशन, कूड़ा ढककर ले जाना, सामुदायिक व सार्वजनिक टॉयलेट्स की उपलब्धता समेत कई प्वाइंट भी देखे गए थे। शहर में सफाई तो है, लेकिन कई संसाधन अभी विकसित नहीं हो पाए हैं। जिन क्षेत्रों में पिछड़े हैं, उनमें ज्यादा काम किया जाएगा। - डीके सिन्हा, प्रभारी नगरायुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed