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‘सब करें रक्तदान, बचाएं दूसरों की जान’
ब्यूरो,अमर उजाला गाजियाबाद
Updated Sun, 03 Jul 2016 12:36 AM IST
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रक्तदान
- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला फाउंडेशन और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त अभियान के तहत शनिवार को रक्तदान शिविर का आयोजन जिला एमएमजी अस्पताल में किया गया। श्री परमधाम न्यास दौराला के सहयोग से आयोजित इस कैंप में रक्तदाताओं में गजब का उत्साह दिखा।
श्री परमधाम न्यास के क्रांति गुरु चंद्रमोहन के जन्मोत्सव पर लगे कैंप में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। उद्घाटन सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने फीता काटकर किया।
बरसात के बावजूद सुबह से रक्तदाताओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। काफी महिलाएं ऐसी भी रहीं जो वजन और हीमोग्लोबिन कम होने के कारण रक्तदान नहीं कर पाईं। वह कुछ मायूस नजर आईं। युवाओं ने भी रक्तदान में उत्साह दिखाया।
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कैंप में कुल 66 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ। रक्तदान का शुभारंभ न्यास के सदस्यों ने राष्ट्रगान से किया। इस मौके पर क्रांतिगुरु का संदेश देते हुए लोकपाल पिंक ने कहा कि रक्त नाड़ियों में बहने के लिए बना है, नालियों में बहने के लिए नहीं।
इसलिए रक्तदान अवश्य करें। दुजाना गांव के प्रधान रणपाल और सतेंद्र ने भी रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को अमर उजाला द्वारा सर्टिफिकेट भी दिया गया।
इनका रहा सहयोग: इस मौके पर परमधाम से साक्षी, संगीता, मोनिका, सीमा, योगेंद्र, ऊषा, यशवीर, पवनीश, अनीता, सतीश और कपिल सहित ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एके दुआ, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संदीप पंवार, डॉ. एके तोमर, सीएमओ डॉ. जेके त्यागी, डॉ. योगेंद्र सहित ब्लड बैंक का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
महिलाओं का रहा योगदान
कैंप में महिलाएं बड़ी संख्या में रक्तदान करने आई थीं। इसमें से कुछ महिलाओं के हीमोग्लोबिन कम होने या वजन कम होने की वजह से वह रक्तदान नहीं कर पाईं इसमें बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। इसके अलावा विजय नगर की सीमा, संजयनगर से मुनेश, कृष्णानगर बागू से सीमा, कृष्णानगर बागू मंजू ने पहली बार रक्तदान किया।
21 वर्ष का हूं। पहली बार रक्तदान कर रहा हूं। लोगों की सहायता करने का जज्बा है और अब आगे भी लगातार रक्तदान करता रहूंगा।
विशाल शास्त्रीनगर
पहली बार रक्तदान कर रहा हूं। पहले रक्तदान करने में थोड़ा डर लगता था लेकिन अखबारों में यह पढ़कर कि रक्तदान करने से कोई नुकसान नहीं होता बल्कि फायदा होता है उसके बाद रक्तदान करने में डर नहीं लगा।
उमेश शास्त्रीनगर
मरियम नगर से रक्तदान करने आए हेमंत सिंह अब तक 51 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह जब भी किसी को जरूरत होती है रक्तदान करते हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भी रक्तदान करने जाते हैं।
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श्री परमधाम न्यास के क्रांति गुरु चंद्रमोहन के जन्मोत्सव पर लगे कैंप में बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए। उद्घाटन सीएमओ डॉ. अजेय अग्रवाल ने फीता काटकर किया।
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बरसात के बावजूद सुबह से रक्तदाताओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। काफी महिलाएं ऐसी भी रहीं जो वजन और हीमोग्लोबिन कम होने के कारण रक्तदान नहीं कर पाईं। वह कुछ मायूस नजर आईं। युवाओं ने भी रक्तदान में उत्साह दिखाया।
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कैंप में कुल 66 यूनिट ब्लड एकत्र हुआ। रक्तदान का शुभारंभ न्यास के सदस्यों ने राष्ट्रगान से किया। इस मौके पर क्रांतिगुरु का संदेश देते हुए लोकपाल पिंक ने कहा कि रक्त नाड़ियों में बहने के लिए बना है, नालियों में बहने के लिए नहीं।
इसलिए रक्तदान अवश्य करें। दुजाना गांव के प्रधान रणपाल और सतेंद्र ने भी रक्तदान किया। सभी रक्तदाताओं को अमर उजाला द्वारा सर्टिफिकेट भी दिया गया।
इनका रहा सहयोग: इस मौके पर परमधाम से साक्षी, संगीता, मोनिका, सीमा, योगेंद्र, ऊषा, यशवीर, पवनीश, अनीता, सतीश और कपिल सहित ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. एके दुआ, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. संदीप पंवार, डॉ. एके तोमर, सीएमओ डॉ. जेके त्यागी, डॉ. योगेंद्र सहित ब्लड बैंक का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
महिलाओं का रहा योगदान
कैंप में महिलाएं बड़ी संख्या में रक्तदान करने आई थीं। इसमें से कुछ महिलाओं के हीमोग्लोबिन कम होने या वजन कम होने की वजह से वह रक्तदान नहीं कर पाईं इसमें बुजुर्ग महिलाएं भी शामिल थीं। इसके अलावा विजय नगर की सीमा, संजयनगर से मुनेश, कृष्णानगर बागू से सीमा, कृष्णानगर बागू मंजू ने पहली बार रक्तदान किया।
21 वर्ष का हूं। पहली बार रक्तदान कर रहा हूं। लोगों की सहायता करने का जज्बा है और अब आगे भी लगातार रक्तदान करता रहूंगा।
विशाल शास्त्रीनगर
पहली बार रक्तदान कर रहा हूं। पहले रक्तदान करने में थोड़ा डर लगता था लेकिन अखबारों में यह पढ़कर कि रक्तदान करने से कोई नुकसान नहीं होता बल्कि फायदा होता है उसके बाद रक्तदान करने में डर नहीं लगा।
उमेश शास्त्रीनगर
मरियम नगर से रक्तदान करने आए हेमंत सिंह अब तक 51 बार रक्तदान कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह जब भी किसी को जरूरत होती है रक्तदान करते हैं। स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में भी रक्तदान करने जाते हैं।