\n\nफोटो है\n\nसंस्कार वैभव ने आयोजित की ऑनलाइन साहित्य संगोष्टी\n\n- संगोष्ठी में महिलाओं ने श्रमिकों की व्यथा पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत की\n\nमाई सिटी रिपोर्टर\n\nसाहिबाबाद। इंदिरापुरम की महिलाओं की साहित्यक संस्था संस्कार वैभव ने बुधवार को अपनी मासिक साहित्यक संगोष्ठी का आयोजन ऑनलाइन किया। लॉक डाउन के बाद से ही संस्था अपनी मासिक बैठक ऑनलाइन आयोजित कर रही है। ऑनलाइन संगोष्ठी के जरिए संस्था की सदस्याओं ने श्रमिकों की व्यथा और लॉकडाउन की विशेष परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए अपनी रचनाएं सुनाईं।\n\nकार्यक्रम की अध्यक्षता डा. हेम भटनागर (91वर्ष ) ने की। सभा की शुरुआत निधि वर्मा की स्वरचित वाणी वंदना से हुआ। इसके बाद संगठन की अध्यक्ष मीना जैन ने अपने संबोधन में आज के कठिन दौर में रचनात्मक गतिविधियों पर जोर देने को कहा। सभा का संचालन सुमन व मुक्ति ने किया। रेनूबाला ने स्तुति रचना पाठ किया। सदस्यों ने 'श्रमिकों की व्यथा ' व 'लाकडाउन एक विशेष परिस्थिति ' विषयों पर अपनी रचनायें कविता, संस्मरण व लघु कथा के माध्यम से पटल पर प्रस्तुत की। आत्मनिर्भर भारत की ओर संकेत करती मीना जैन की कविता 'शंखनाद का स्वर 'विषेश उल्लेखनीय रही। इस ऑनलाइन बैठक में ॠतु जैन, शालिनी सिंह, ईभा प्रसाद, मैत्री मेहरोत्रा, पुष्पा सिंह, सुनीता सिंह, श्रीलेखा नंदी आदि शामिल रही और अपनी रचनाएं सुनाई।\n\n----------\n\nनिशा ठाकुर\n\n\n