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गाजियाबाद बनेगा केंद्रीय विभागों को सेंटर
Updated Mon, 08 Oct 2018 05:52 PM IST
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गाजियाबाद बनेगा केंद्रीय विभागों का हब
गाजियाबाद। बेहतर कनेक्टिविटी के बीच आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर बदलने जा रही है। गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) की तरफ से अलग से ट्रांसपोर्ट नगर, बुकर मार्ट व अन्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार की तरफ से अपनी एक हजार एकड़ जमीन विभागों को आवंटित किए जाने का काम शुरू हो गया है। आयकर, जीएसटी से लेकर सीबीआई को अतिरिक्त जमीन दी गई है, जिस पर इन सभी विभागों के अलग से विशेष कार्यालय बनेंगे। उधर, सीआईएसएफ व सीआरपीएफ का भी कैंप बनने जा रहा है। दोनोें ही फोर्स को दी जाने वाली जमीन निर्धारित कर दी गई है। अब प्रोजेक्ट की स्वीकृति, डिजाइन पास होने और धनराशि आवंटित होने का इंतजार है।
दिल्ली में सीमित जगह उपलब्ध होने व भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 1960 में केंद्र सरकार द्वारा हापुड़ चुंगी के आसपास के सदरपुर व रहीशपुर जैसे गांवों की करीब 1000 एकड़ जमीन राज्य सरकार के माध्यम से अधिगृहीत की गई थी। लेकिन इसी बीच में जमीन की खरीद प्रक्रिया को लेकर काफी विवाद खड़े हो गए, जिसके चलते काफी जमीन का अधिग्रहण लटक गया। अब करीब 58 वर्ष के बाद कुछ मुद्दे सुलझते दिखाई दे रही है, जिसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से विभागों की जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
आयकर विभाग ने अपने हिस्से की 1.22 एकड़ जमीन की चारदीवारी भी करा दी है। वहीं, ग्राउंड प्लास-7 फ्लोर की बिल्डिंग का नक्शा तैयार है। स्वीकृति मिलने और बजट जारी होने पर निर्माण शुरू हो जाएगा। उधर, जीएसटी विभाग को भी 2.21 एकड़ जमीन दी गई है, जिस पर उसकी पूरी बिल्डिंग अलग से बननी है। सबसे अहम कार्य दो बड़ी फोर्स का कैंपस भी यहीं पर बनने जा रहा है। सीआरपीएफ को इसके लिए 37 एकड़ और सीआईएसएफ को 25 एकड़ जमीन दी जा रही है। इसमें आवास, दफ्तर व फोर्स के बैरक बनाए जाएंगे। उधर, सीबीआई कार्यालय के लिए भी अलग से .96 एकड़ जमीन तय की गई है। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि अभी तक सीबीआई, पासपोर्ट, आयकर विभाग के कार्यालय हापुड़ चुंगी स्थित सीजीओ कैंप्लेक्स -1 व 2 में संचालित हैं, लेकिन अलग बिल्डिंग बनने पर इन कार्यालय को शिफ्ट किया जा सकेगा। सीपीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एमके जैन कहते हैं कि जमीन भले ही तमाम विभागों को आवंटित की गई है लेकिन अभी कार्यालय बनाए जाने की प्रक्रिया पाइप लाइन में है। उसके बाद विभागों को तय करना है कि उन्हें किस एजेंसी से कार्यालयों का निर्माण कराना है।
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मधुबन-बापूधाम योजना को होगा फायदा
केंद्र सरकार से जुड़े विभिन्न विभागों के दफ्तर खुलने का सबसे ज्यादा फायदा जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना को मिलेगा। क्योंकि इससे वहां पर तमाम कामर्शियल हब से लेकर आवासीय क्षेत्र की जमीन में तमाम अवसर पैदा होंगे। अभी तक जीडीए की यह योजना काफी हद तक इसलिए भी फेल पड़ी रही, क्योंकि वहां पर कोई कनेक्टिविटी नहीं है और एकांत में हैं। केंद्र के विभाग खुल जाने पर यहां बड़ी आबादी बसेगी।
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गाजियाबाद। बेहतर कनेक्टिविटी के बीच आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर बदलने जा रही है। गाजियाबाद डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) की तरफ से अलग से ट्रांसपोर्ट नगर, बुकर मार्ट व अन्य योजनाओं पर काम किया जा रहा है। वहीं केंद्र सरकार की तरफ से अपनी एक हजार एकड़ जमीन विभागों को आवंटित किए जाने का काम शुरू हो गया है। आयकर, जीएसटी से लेकर सीबीआई को अतिरिक्त जमीन दी गई है, जिस पर इन सभी विभागों के अलग से विशेष कार्यालय बनेंगे। उधर, सीआईएसएफ व सीआरपीएफ का भी कैंप बनने जा रहा है। दोनोें ही फोर्स को दी जाने वाली जमीन निर्धारित कर दी गई है। अब प्रोजेक्ट की स्वीकृति, डिजाइन पास होने और धनराशि आवंटित होने का इंतजार है।
दिल्ली में सीमित जगह उपलब्ध होने व भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 1960 में केंद्र सरकार द्वारा हापुड़ चुंगी के आसपास के सदरपुर व रहीशपुर जैसे गांवों की करीब 1000 एकड़ जमीन राज्य सरकार के माध्यम से अधिगृहीत की गई थी। लेकिन इसी बीच में जमीन की खरीद प्रक्रिया को लेकर काफी विवाद खड़े हो गए, जिसके चलते काफी जमीन का अधिग्रहण लटक गया। अब करीब 58 वर्ष के बाद कुछ मुद्दे सुलझते दिखाई दे रही है, जिसके बाद केंद्र सरकार की तरफ से विभागों की जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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आयकर विभाग ने अपने हिस्से की 1.22 एकड़ जमीन की चारदीवारी भी करा दी है। वहीं, ग्राउंड प्लास-7 फ्लोर की बिल्डिंग का नक्शा तैयार है। स्वीकृति मिलने और बजट जारी होने पर निर्माण शुरू हो जाएगा। उधर, जीएसटी विभाग को भी 2.21 एकड़ जमीन दी गई है, जिस पर उसकी पूरी बिल्डिंग अलग से बननी है। सबसे अहम कार्य दो बड़ी फोर्स का कैंपस भी यहीं पर बनने जा रहा है। सीआरपीएफ को इसके लिए 37 एकड़ और सीआईएसएफ को 25 एकड़ जमीन दी जा रही है। इसमें आवास, दफ्तर व फोर्स के बैरक बनाए जाएंगे। उधर, सीबीआई कार्यालय के लिए भी अलग से .96 एकड़ जमीन तय की गई है। यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि अभी तक सीबीआई, पासपोर्ट, आयकर विभाग के कार्यालय हापुड़ चुंगी स्थित सीजीओ कैंप्लेक्स -1 व 2 में संचालित हैं, लेकिन अलग बिल्डिंग बनने पर इन कार्यालय को शिफ्ट किया जा सकेगा। सीपीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता एमके जैन कहते हैं कि जमीन भले ही तमाम विभागों को आवंटित की गई है लेकिन अभी कार्यालय बनाए जाने की प्रक्रिया पाइप लाइन में है। उसके बाद विभागों को तय करना है कि उन्हें किस एजेंसी से कार्यालयों का निर्माण कराना है।
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मधुबन-बापूधाम योजना को होगा फायदा
केंद्र सरकार से जुड़े विभिन्न विभागों के दफ्तर खुलने का सबसे ज्यादा फायदा जीडीए की मधुबन-बापूधाम योजना को मिलेगा। क्योंकि इससे वहां पर तमाम कामर्शियल हब से लेकर आवासीय क्षेत्र की जमीन में तमाम अवसर पैदा होंगे। अभी तक जीडीए की यह योजना काफी हद तक इसलिए भी फेल पड़ी रही, क्योंकि वहां पर कोई कनेक्टिविटी नहीं है और एकांत में हैं। केंद्र के विभाग खुल जाने पर यहां बड़ी आबादी बसेगी।