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घोटाले की आंच में फंसे पूर्व डीएम विमल शर्मा-Cordination

Thu, 30 Nov 2017 05:02 PM IST
Updated Thu, 30 Nov 2017 05:02 PM IST
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घोटाले की आंच में फंसे पूर्व डीएम विमल शर्मा-Cordination
अब भर्ती घोटाले में फंसे पूर्व डीएम विमल शर्मा
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एनएचएम के तहत 2016 में हुई थी स्वास्थ्य विभाग में भर्तियां

डूंडाहेड़ा के कृष्णपाल ने की थी शिकायत, शासन ने बैठाई जांच

अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद। पूर्व डीएम एवं आईएएस विमल कुमार शर्मा की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रहीं। आयकर की सर्च और दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण घोटाले की जांच में फंसने के बाद अब उनका नाम हेल्थ डिपार्टमेंट की भर्तियों में भी सामने आया है। पिछली सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान 2016 में हुईं इन भर्तियों में अनियमितता की शिकायत के बाद शासन ने इस प्रकरण में जांच बैठा दी है।
सपा शासन के दौरान स्वास्थ्य विभाग में 2016 में एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) के तहत संविदा कर्मियों की भर्तियां हुई थीं। इसे लेकर डूंडाहेड़ा निवासी कृष्णपाल और अंकित ने शासन में कई शिकायतें की थीं। आरोप था कि स्वास्थ्य विभाग में योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों को छोड़कर सिर्फ उन्हें भर्ती किया गया, जिन्होंने लाखों रुपये दिए हैं। शिकायती पत्र में यह आरोप लगाया है कि तात्कालिक सीएमओ सहित अन्य अधिकारियों और बाबुओं की मिलीभगत के बाद कुछ खास लोगों की ही भर्तियां की गई थीं। इसमें जमकर रिश्वतखोरी चली थी। इसके अलावा कई रिश्तेदारों को भी नियम विरुद्ध भर्ती कर लिया गया था।
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शिकायतकर्ताओं ने छह फरवरी 2016 को भी तात्कालिक मुख्यमंत्री से लेकर मिशन निदेशक और अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी थी। इसके बाद भर्तियां निरस्त कर दी गईं थीं, लेकिन उसके बाद मार्च में आचार संहिता लगे होने के बावजूद भर्तियां कर दी गईं। इसकी शिकायत मार्च 2016 में फिर से शासन में की गई थी। इसके बावजूद शिकायतों की अनदेखी कर दी गई। यूपी के अनु सचिव शशिकांत शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेश को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने गाजियाबाद के तत्कालीन डीएम विमल कुमार शर्मा और अन्य संबंधित अधिकारियों की जांच के आदेश दिए हैं। ऐसे में तत्कालीन डीएम के साथ ही स्वास्थ्य विभाग के भी कुछ बडे़ अफसरों पर गाज गिर सकती है।
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तीन सदस्यीय कमेटी करेगी जांच
स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर की गईं इस भर्तियों की जांच के लिए शासन ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। टीम राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की वरिष्ठ सलाहकार डा. विजय लक्ष्मी, मानव संसाधन स्टेट प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट के उपमहाप्रबंधक अमित श्रीवास्तव एवं वित्त प्रबंधक नरेंद्र प्रसाद को शामिल किया गया है।

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पूर्वी यूपी के चुनिंदा जिले के लोगों को कराया गया भर्ती
भर्ती के खेल में भारी धांधली हुई थी। बताया जा रहा है कि पूर्वी यूपी के चुनिंदा जिलों के लोगों को बड़ी संख्या में भर्ती कराया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग के पूर्व सीएमओ, एसीएमओ और बाबुओं की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सूत्रों का कहना है कि एक बाबू ने अपने परिवार व रिश्तेदारों के करीब दर्जन भर लोगों भर्ती कराया है जो मौजूदा समय में स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात है। आरोप है कि भर्ती की धांधली में शामिल बाबू और एसीएमओ लंबे समय से जिले में ही डटे हैं। अब जांच की इन सभी तक भी जाएगी।
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